संभल: 40 साल पुरानी मस्जिद ध्वस्त,पूरा स्ट्रक्चर ध्वस्त, तीन थानों की पुलिस फोर्स और PAC रही तैनात

संभल में श्री कल्कि धाम के पास करीब 30-40 साल पुरानी मस्जिद पर पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है। यह मस्जिद सरकारी सार्वजनिक पार्क की भूमि पर अवैध रूप से बनी थी।

लेखपाल और तहसीलदार की रिपोर्ट व कोर्ट के आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई। मौके पर तीन थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी (प्रहरी सहायता दल) तैनात की गई थी ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे। प्रशासन ने पहले मस्जिद कमिटी को नोटिस दिया था और मस्जिद के अधिकांश हिस्से को पहले ही मुस्लिम समुदाय ने खुद गिराना शुरू किया था, लेकिन अंततः पूरी संरचना को बुलडोजर के माध्यम से गिरा दिया गया। यह कार्रवाई कानून के अनुसार नोटिस और सहमति के बाद की गई थी, और किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई। इसके साथ ही संभल में अब तक चार मस्जिदों पर प्रशासन की कार्रवाई हो चुकी है, जो सरकारी या ग्राम सभा की जमीन पर बनी थी।
मुख्य तथ्य
- मस्जिद का निर्माण लगभग 30-40 साल पहले हुआ था।
- यह मस्जिद सार्वजनिक पार्क की सरकारी जमीन पर बनी थी (लगभग 262 वर्गमीटर)।
- तहसीलदार की अदालत ने 24 सितंबर 2025 को बेदखली के आदेश दिए थे।
- प्रशासन ने नोटिस और स्थानीय समुदाय के संवाद के बाद बुलडोजर कार्रवाई की।
- मौके पर तीन थानों की पुलिस और पीएसी की तैनाती हुई।
- किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए कड़ा सुरक्षा इंतजाम किया गया।
- यह मस्जिद श्री कल्कि धाम के रोड के निकट स्थित थी।
- पहले से मुस्लिम समुदाय ने मस्जिद का एक भाग खुद गिराया था।
यह कार्रवाई अवैध निर्माण के खिलाफ प्रदेश में जारी बुलडोजर अभियान का हिस्सा है।

इन अवैध इमामबाड़ों के खिलाफ कानून क्या कहते हैं
अवैध धार्मिक निर्माणों का कानूनी पक्ष
- उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी या निजी जमीन पर बिना अनुमति के बने अवैध धार्मिक स्थलों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। इसमें मस्जिद, इमामबाड़ा, मंदिर, मदरसे और अन्य धार्मिक ढांचे शामिल हैं।
- खासतौर पर सरकारी भूमि, सार्वजनिक पार्क, सड़कों, गलियों, फुटपाथों आदि पर बिना अनुमति का धार्मिक निर्माण अवैध माना जाता है और उसे हटाना कानूनन आवश्यक होता है।
- सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों के तहत ऐसी अवैध स्थिर निर्माणों को हटाने का निर्देश जारी रहता है।
- उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार, भूमिगत या सड़क किनारे बने अवैध धार्मिक अतिक्रमणों के खिलाफ बुलडोजर अभियान चलाया जा रहा है। इसमें 350 से अधिक अवैध धार्मिक स्थलों को चिन्हित कर, सीलिंग और ध्वस्तीकरण का काम किया जा चुका है।
- प्रशासन संबंधित धार्मिक संस्थानों से जमीन के वैध दस्तावेज मांगता है। यदि वे कागजात प्रस्तुत नहीं कर पाते या जमीन अवैध पाई जाती है, तो बुलडोजर कार्रवाई होती है।
- उत्तर प्रदेश राज्य विधि आयोग ने सड़कों के किनारे बने अवैध धार्मिक निर्माणों को हटाने और नए निर्माण न होने देने के लिए कानून बनाने की सिफारिश भी की है।
- अगर अवैध निर्माण 1 जनवरी 2011 के बाद हुआ है, तो उसे तत्काल हटाने का आदेश होता है। पुराने निर्माण के मामले में स्थानांतरण की योजना बनानी पड़ती है।
कानून के उद्देश्य और प्रशासनिक पहल
- सार्वजनिक संपत्ति और जनता के उपयोगी क्षेत्रों को अतिक्रमण से मुक्त करना।
- सभी धर्मों के लिए समान नियम लागू करना और अवैध कब्जों को रोकना।
- सामाजिक शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना।
- इस कानून और अभियान का लक्ष्य है किसी भी धर्म के नाम पर जमीन हड़पने वाली गतिविधि को रोकना।
यह कानून अवैध कब्जे और बिना स्वीकृति के धार्मिक निर्माणों के लिए सख्त कार्रवाई का प्रावधान करता है और उत्तर प्रदेश में सक्रिय रूप से लागू किया जा रहा है।

