शाहिद कपूर ने ब्यास नदी किनारे घर बनाया, मीरा संग राधा स्वामी सत्संग की गहरी श्रद्धा

शाहिद कपूर और मीरा राजपूत की शादी एक अरेंज मैरिज थी और उनकी मुलाकात राधा स्वामी सत्संग ब्यास के जरिए हुई थी। दोनों और उनका परिवार राधा स्वामी सत्संग ब्यास में गहरा विश्वास रखते हैं। शाहिद अक्सर सत्संग में शामिल होते हैं और राधा स्वामी की आध्यात्मिक शिक्षाओं के प्रति उनकी श्रद्धा बहुत गहरी है।

ब्यास नदी किनारे घर
शाहिद कपूर ने पंजाब की ब्यास नदी किनारे अपना एक घर बनाया है, जिसे वे अपने दिल के बहुत करीब बताते हैं। मीरा के माता-पिता का भी वहां घर है, और वे खुद भी अक्सर वहां जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह जगह उनके मुंबई वाले घर से भी ज्यादा प्यारी है क्योंकि यह उनके आध्यात्मिक और पारिवारिक जुड़ाव का केंद्र है।
राधा स्वामी के जरिए हुई मुलाकात
शाहिद और मीरा की मुलाकात दिल्ली में हुई थी, जब शाहिद 33 साल के थे और मीरा 20 की। दोनों ने परिवारों के भरोसे पर एक-दूसरे से मुलाकात की और धीरे-धीरे उनका रिश्ता मजबूत हुआ। मीरा का धार्मिक स्वभाव और उनके गुरु पर दृढ़ विश्वास शाहिद को बहुत पसंद आया। शादी के बाद मीरा ने कभी भी खुद को बदलने की कोशिश नहीं की, बल्कि अपनी सहजता बनाए रखी, जो शाहिद को बहुत भाती है।
इस तरह, शाहिद-मीरा की जिंदगी में राधा स्वामी सत्संग और ब्यास नदी का आध्यात्मिक महत्व गहरा है, जो उनके घरेलू और मानसिक सुख का केंद्र बना हुआ है।

