‘अपनी हद में रहें’- कानपुर पुलिस का महिला आयोग को नोटिस, थाना निरीक्षण पर छिड़ी जंग

कानपुर: बर्रा थाने में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य अनीता गुप्ता द्वारा 22 नवंबर को किए गए औचक निरीक्षण के दौरान रजिस्टर जांच पर पुलिस ने आपत्ति जताई, जिसके बाद संयुक्त पुलिस आयुक्त ने उन्हें “अपनी हद में रहने”की नसीहत वाला पत्र भेजा। अनीता गुप्ता एक पीड़ित महिला की शिकायत पर थाने पहुंची थीं और महिला अपराध रजिस्टरों में अनियमितताएं पाईं। इस घटना ने प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र पर बहस छेड़ दी है।

विवाद की शुरुआत
अनीता गुप्ता ने थाने में महिला हेल्प डेस्क और बैरक का निरीक्षण किया तथा इंस्पेक्टर की अनुमति से रजिस्टर देखे। पुलिस का तर्क है कि थाना निरीक्षण केवल प्रशासनिक अधिकारियों का क्षेत्र है और बिना अनुमति यह पुलिस कार्य में बाधा डालता है। संयुक्त सीपी विनोद कुमार सिंह ने 24 नवंबर को पत्र में स्पष्ट किया कि आयोग सदस्यों को थानों का सीधा निरीक्षण का अधिकार नहीं।
दोनों पक्षों के बयान
अनीता गुप्ता ने पत्र की भाषा को अभद्र बताते हुए जेसीपी पर महिला अपराध छिपाने का आरोप लगाया और आयोग अध्यक्ष बबीता चौहान को शिकायत भेजी। उन्होंने राज्य महिला आयोग अधिनियम का हवाला देकर कहा कि महिला सुरक्षा मामलों में जांच उनका संवैधानिक दायित्व है। पुलिस ने सफाई दी कि यह नोटिस नहीं, केवल पत्र था और पहले भी अन्य टीमों को अनुमति के बिना रोका गया।
राजनीतिक रंग और आगे की कार्रवाई
विपक्षी दल मामले को तूल दे रहे हैं, क्योंकि अनीता भाजपा की क्षेत्रीय उपाध्यक्ष भी हैं। मामला आयोग अध्यक्ष तक पहुंच चुका है, जो उचित कदम उठाएंगी। पुलिस ने सभी थानों को बिना अनुमति निरीक्षण न करने के निर्देश जारी किए हैं। यह विवाद पूरे प्रदेश में अधिकार सीमाओं पर चर्चा पैदा कर सकता है।

