अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में इजरायल और हमास के बीच 10 अक्टूबर को एक संघर्षविराम (सीजफायर) लागू हुआ था, जिसे ट्रंप ने अपनी बड़ी उपलब्धि बताया था। हालांकि, यह सीजफायरबहुत जल्द ही टूट गया। इस सीजफायर को कई लोगों ने ‘चाइनीज माल’ कहना शुरू कर दिया, क्योंकि यह उतना कारगर और टिकाऊ साबित नहीं हुआ जितना उम्मीद की गई थी।

संघर्षविराम तोड़ने का आरोप

सीजफायर के टूटने के पीछे दोनों पक्षों के लगातार एक-दूसरे पर उल्लंघन के आरोप हैं। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास पर संघर्षविराम तोड़ने का आरोप लगाते हुए गाजा में जोरदार हमले फिर से शुरू कर दिए हैं। वहीं, हमास ने इजरायल पर युद्धविराम उल्लंघन का आरोप लगाते हुए बंधकों के शव लौटाने की प्रक्रिया को टाल दिया है। इस हालात में युद्ध फिर से भड़का है और हिंसा जारी है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर ने इस नाजुक स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन टकराव जारी है।

जंग का मैदान संघर्ष बढ़ रहा

ट्रंप का यह सीजफायर इसलिए ‘चाइनीज माल’ कहा गया क्योंकि यह एक बार फिर से निरंतर और भरोसेमंद शांति स्थापित करने में विफल रहा, और दोनों पक्षों के बीच हिंसा और जवाबी हमलों का सिलसिला जारी रहा। ट्रंप ने हमास को चेतावनी भी दी कि समझौते का उल्लंघन करने पर उन्हें ‘जबरदस्त निर्दयी परिणाम’ भुगतने होंगे, लेकिन फिलहाल जंग का मैदान गरम है और संघर्ष बढ़ रहा है।

ट्रंप का यह सीजफायर इसलिए ‘चाइनीज माल’ कहा गया

ट्रंप ने इस सीजफायर को बड़ा मानते हुए अपनी मध्यस्थता का श्रेय लिया, लेकिन यह संघर्षविराम टिकाऊ साबित नहीं हुआ और युद्ध फिर से छिड़ गया, इसलिए इसे ‘चाइनीज माल’ मतलब ज़्यादा भरोसेमंद न होने वाला समझा गया है। इजरायल-हमास के बीच यह लड़ाई अब भी जारी है और हालात नाजुक बने हुए हैं। यह भी पढ़ें:

ट्रंप के मध्यस्थता वाले सीजफायर की मुख्य शर्तें

ट्रंप के मध्यस्थता वाले सीजफायर की मुख्य शर्तें इस प्रकार थीं:

  1. सभी बंधकों को जल्द रिहा किया जाना था, और इजरायल को अपनी सेना को एक निर्धारित सीमा तक पीछे हटाना था, जिससे टिकाऊ शांति की ओर पहला कदम माना गया।
  2. हमास को हथियार डालने और हिंसा को बंद करने का वादा करना था। ट्रंप ने कहा था कि हमास को हथियार छोड़ना होगा, नहीं तो उन्हें हिंसक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
  3. अरब देशों ने इस समझौते को डिप्लोमैटिक समर्थन दिया, लेकिन इसके लिए कोई ठोस प्रतिबद्धता नहीं दिखायी, जिससे इस योजना का प्रभाव सीमित रहा।
  4. गाजा की फिर से निर्माण के लिए फंडिंग का स्पष्ट बंदोबस्त नहीं हुआ था, जिससे जमीन पर इसे लागू करना मुश्किल हो गया।
  5. अंतरराष्ट्रीय दखल के रूप में, यूएस और उनके सहयोगी अरब देशों के साथ मिलकर गाजा में एक ‘इंटरनेशनल स्टेबिलाइजेशन फोर्स’ (ISF) तैनात करने की योजना बनी थी, जिसे हमास ने फिलिस्तीनी संप्रभुता का उल्लंघन मानकर ठुकरा दिया। इजरायल ने भी विदेशी फोर्स के बारे में सख्त रुख अपनाया, खासकर तुर्की को इसमें शामिल नहीं करने पर जोर दिया।
  6. गाजा पट्टी के बाहर वेस्ट बैंक जैसे क्षेत्रों में हिंसा और हमलों को बंद करना भी शर्त थी, लेकिन वहां संघर्ष जारी रहा।

कुल मिलाकर, ट्रंप का यह सीजफायर समझौता व्यवहारिक रूप से कमजोर था क्योंकि हमास हथियार डालने और हिंसा बंद करने को तैयार नहीं था, अंतरराष्ट्रीय फोर्स का समर्थन नहीं मिला, और क्षेत्रीय राजनीतिक जटिलताएं बनी रहीं।

सीजफायर टूटने के बाद दोनों पक्ष के अगले कदम

सीजफायर टूटने के बाद दोनों पक्षों के अगले कदम इस प्रकार हैं:

इजरायल:

  • इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सेना को गाजा पट्टी में “पूरी ताकत से” हमले करने का आदेश दिया है।
  • इजरायली सेना ने हमास द्वारा सीजफायर उल्लंघन के आरोप के साथ गाजा में हवाई हमले तेज कर दिए हैं।
  • नेतन्याहू ने कहा है कि हमास के हर उल्लंघन का जवाब दिया जाएगा और इजरायली नागरिकों व सैनिकों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
  • इजरायल ने दक्षिणी गाजा में हमास के आतंकवादियों द्वारा सैनिकों पर हमले के बाद जवाबी कार्रवाई की है।
  • साथ ही, इजरायल ने वेस्ट बैंक में भी सैन्य अभियान तेज कर दिए हैं।

हमास:

  • हमास ने इजरायली हमलों की आलोचना की है और संघर्षविराम बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई है, लेकिन विवादित हमलों को लेकर दोनों पक्ष आपस में दोषारोपण कर रहे हैं।
  • हमास ने अब तक कुछ बंधकों के शव लौटाए हैं, लेकिन इस प्रक्रिया में बाधा आई है।
  • हमास ने इजरायल पर भी हमले जारी रखने की मंशा जाहिर की है, और संघर्ष जारी रखने की तैयारी में है।

संक्षेप में, सीजफायर टूटने के बाद इजरायल ने गाजा में जोरदार सैन्य अभियान शुरू कर दिया है, जबकि हमास ने भी संघर्ष जारी रखने का इरादा दिखाया है। दोनों तरफ से हिंसा बढ़ने की आशंका है और क्षेत्र में तनाव अभी भी बहुत उच्च स्तर पर है।

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