पुतिन vs जेलेंस्की: यूक्रेन को धमकी – पीछे हटो वरना जबरन कब्जा! ट्रंप शांति योजना पर अपडेट

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन को साफ चेतावनी दी है कि अगर यूक्रेन अपनी सेना को डोनेट्स्क, लुहांस्क, खेरसॉन और ज़ापोरिज़िया जैसे रूस के दावे वाले क्षेत्रों से पीछे न हटाए, तो रूस सैन्य बल से इन्हें हासिल कर लेगा।

किर्गिस्तान में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संशोधित 19-सूत्रीय शांति प्रस्ताव पर गंभीर बातचीत के लिए तैयार होने की पुष्टि की, लेकिन यूक्रेन के नाटो में शामिल न होने और क्षेत्रीय मांगें मानने को शर्त बताया।
जेलेंस्की का कड़ा पलटवार
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने पुतिन की धमकी को खारिज करते हुए कहा कि शांति रूस की शर्तों या बलपूर्वक नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय नियमों और जिनेवा शांति बिंदुओं पर तय होगी। जेलेंस्की ने अमेरिकी प्रतिनिधियों के साथ सुरक्षा मजबूत करने और शांति प्रस्ताव पर काम जारी रखने का ऐलान किया, जबकि कीव ने स्पष्ट किया कि कोई क्षेत्रीय समर्पण नहीं होगा।
ट्रंप शांति प्रस्ताव पर कूटनीति
अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ अगले सप्ताह मॉस्को पहुंच सकते हैं, जहां ट्रंप के शांति प्लान पर चर्चा होगी, जो मूल 28-सूत्रीय से संशोधित 19-सूत्रीय रूप में है। यूक्रेन ने प्रस्ताव पर आम सहमति जताई है, लेकिन रूस इसे यूक्रेन के सैन्य कमजोर करने वाला बता रहा है, जबकि यूरोपीय संघ सीमाओं को बल से न बदलने पर अड़ा है।
आगे की संभावनाएं
अगर बातचीत विफल रही, तो रूस पोकrovस्क जैसे शहरों पर हमले तेज कर सकता है, जिससे युद्ध लंबा खिंच सकता है। पुतिन ने यूक्रेन के वर्तमान नेतृत्व को अवैध बताते हुए समझौते पर सवाल उठाए हैं, जबकि ट्रंप प्रयासरत हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कूटनीतिक हलचल तेज है, लेकिन रूस की शर्तें मुख्य बाधा बनी हुई हैं।

