तुर्कमान गेट हिंसा Full Story: सलमान YouTuber ने सोशल मीडिया से भड़काई साजिश | Delhi MCD Bulldozer

दिल्ली के पुराने दिल्ली इलाके में स्थित तुर्कमान गेट पर 6 जनवरी 2026 को हुई हिंसा की घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। MCD की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई के दौरान सोशल मीडिया पर फैलाई गई अफवाहों ने शांतिपूर्ण इलाके को अचानक युद्धक्षेत्र में बदल दिया। मुख्य आरोपी यूट्यूबर हाजी सलमान उर्फ सलमान के इर्द-गिर्द घूम रही है पूरी साजिश, जिसकी पुलिस अब कड़ी तलाश कर रही है।

तुर्कमान गेट: ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
तुर्कमान गेट दिल्ली की पुरानी दीवारों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो मुगल काल से चला आ रहा है। इसका नाम सूफी संत हाजी शाह तुर्कमान से पड़ा, जिनकी दरगाह आज भी इलाके में मौजूद है। 1976 के आपातकाल में इंदिरा गांधी सरकार ने यहां बड़े पैमाने पर बेदखली अभियान चलाया था, जिसमें सैकड़ों घर bulldozer से ढहाए गए थे। उस समय भी हिंसा हुई थी, लेकिन वर्तमान घटना ने पुरानी यादें ताजा कर दीं।
आज तुर्कमान गेट एक घनी आबादी वाला मुस्लिम बहुल इलाका है, जहां छोटी-छोटी दुकानें, डिस्पेंसरी और अवैध निर्माण आम हैं। MCD ने कोर्ट के सख्त आदेश पर सैयद फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास के अतिक्रमणों को निशाना बनाया। मस्जिद को स्पर्श नहीं किया गया, लेकिन अफवाहों ने आग में घी डाल दिया।
घटना की पूरी टाइमलाइन
6 जनवरी की रात करीब 12:40 बजे MCD टीम रामलीला मैदान थाना क्षेत्र के तुर्कमान गेट पहुंची। जॉइंट CP मधुर वर्मा के मुताबिक, कार्रवाई रात में इसलिए की गई ताकि दिन की भीड़ से टकराव न हो। टीम ने डिस्पेंसरी भवन, दुकानें और अवैध निर्माणों को जमींदोज करना शुरू किया। तभी सोशल मीडिया पर मैसेज वायरल होने लगे- “मस्जिद तोड़ी जा रही है!”
मिनटों में 200-300 लोगों की भीड़ जमा हो गई। उन्होंने बैरिकेड तोड़े, पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। SHO समेत 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज से भीड़ को खदेड़ा, लेकिन नुकसान हो चुका था- पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त, इलाका तनावपूर्ण। पूरी घटना 2-3 मिनट में खत्म हो गई, लेकिन इसका असर लंबा चला।
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यूट्यूबर सलमान: साजिश का मास्टरमाइंड
हाजी सलमान, जिसके इंस्टाग्राम पर 2.3 मिलियन फॉलोअर्स हैं, इस हिंसा का मुख्य सूत्रधार है। उसके वीडियो में साफ दिखा कि वह बुलडोजर की तस्वीरें दिखाते हुए चिल्ला रहा था- “अगर मस्जिद तोड़ी गई तो हिसाब होगा!” वह खुद घटनास्थल पर समर्थकों के साथ खड़ा था और लाइव स्ट्रीमिंग कर रहा था। झूठा दावा किया कि कोर्ट ने 22 जनवरी तक रोक लगाई थी।
पुलिस के ‘ऑपरेशन तुर्कमान गेट’ में सलमान फरार है। उसके खिलाफ भड़काऊ सामग्री फैलाने, सांप्रदायिक तनाव भड़काने के आरोप हैं। इंस्टाग्राम अकाउंट पर हिंसक पोस्ट्स की भरमार, जिसमें पुरानी bulldozer कार्रवाइयों को जोड़कर नफरत फैलाई गई। पुलिस ने उसके फोन लोकेशन ट्रैक की, लेकिन वह छिप गया है। नोटिस जारी करने की तैयारी चल रही।
सोशल मीडिया का जहरीला जाल
सोशल मीडिया इस साजिश का सबसे बड़ा हथियार बना। व्हाट्सएप ग्रुप्स में “मस्जिद पर bulldozer” मैसेज चक्रव्यूह सा बिछा दिया। 10 इन्फ्लुएंसर्स ने ऑडियो नोट्स, वीडियो शेयर किए। एक महिला इन्फ्लुएंसर को समन भेजा गया। अफवाहें इतनी तेज फैलीं कि लोग घरों से निकल पड़े, बिना सोचे-समझे।
अन्य नाम: अली (भड़काऊ रील्स), खालिद मलिक, सरफराज मियां, ऐमन रिजवी। इनके ग्रुप्स में 1000+ मेंबर्स थे। CCTV से साबित हुआ कि मस्जिद सुरक्षित थी, सिर्फ अतिक्रमण हटे। बॉडी कैम फुटेज झूठ बेनकाब कर रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट ब्लॉकिंग की मांग तेज।
पुलिस जांच और गिरफ्तारियां
दिल्ली पुलिस ने SIT बनाई, 400+ वीडियो, CCTV, ड्रोन फुटेज, बॉडीकैम खंगाली। 30-50 उपद्रवियों की पहचान, अब तक 11 गिरफ्तार: अफान, आदिल, शाहनवाज, हमजा, अतहर, उबेद, राशिद, नासिर आदि। 5 को ज्यूडिशियल कस्टडी, बाकी पूछताछ में।
जॉइंट CP वर्मा बोले, “साजिशकर्ता कानून से ऊपर नहीं।” भारी फोर्स तैनात, जुमे की नमाज शांतिपूर्ण रही। समाजवादी पार्टी सांसद मोहिबुल्लाह नदवी की मौजूदगी वाला वीडियो जांच में। सपा को नोटिस की तैयारी। आगे कार्रवाई जामा मस्जिद तक फैल सकती है।
राजनीतिक रंग और सियासी बवाल
घटना ने राजनीति गरमा दी। AIMIM, सपा ने MCD कार्रवाई को निशाना बनाया। दिल्ली मेयर ने चेतावनी दी- अवैध निर्माणों पर कोई रहम नहीं। विपक्ष ने “बुलडोजर राज” चिल्लाया, लेकिन कोर्ट ऑर्डर साफ है। केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया नियम सख्त करने के संकेत दिए।
इलाके के लोग दोहरी मार झेल रहे- अतिक्रमण हटे तो दिक्कत, हिंसा तो कानूनी पचड़ा। स्थानीय व्यापारी परेशान, दुकानें बंद। पुलिस का कहना है, कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले बख्शे नहीं जाएंगे।
सबक और भविष्य की चुनौतियां
तुर्कमान गेट कांड सोशल मीडिया के दोहरे चेहरे को बेनकाब करता है। अफवाहें सेकंडों में हजारों को भड़का सकती हैं। सरकार को प्लेटफॉर्म्स पर सख्ती बढ़ानी होगी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय, लेकिन साजिशकर्ताओं को सजा जरूरी।
इलाके में शांति बहाल हो रही, लेकिन घाव गहरे हैं। क्या सलमान पकड़ा जाएगा? जांच आगे बढ़ेगी तो और राज खुलेंगे। यह घटना शहरी भारत के लिए चेतावनी है- अफवाहें घातक हथियार हैं।
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