यूपी SIR मतदाता लिस्ट 2026: लखनऊ-प्रयागराज में सबसे ज्यादा 12 लाख नाम कटे, जिला वार पूरी लिस्ट चेक करें

उत्तर प्रदेश चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर इतिहास रच दिया है। कुल 15.44 करोड़ मतदाताओं में से 2.89 करोड़ नाम हटा दिए गए, जिससे सक्रिय वोटरों की संख्या घटकर 12.55 करोड़ रह गई ।

यह अभियान फर्जी वोटरों, मृतकों और स्थानांतरित लोगों को हटाने के लिए चलाया गया, जो आने वाले चुनावों में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा । राज्य के 75 जिलों में BLO अधिकारियों ने घर-घर जाकर सत्यापन किया, जिसमें आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और अन्य दस्तावेजों का मिलान हुआ ।
SIR अभियान का विस्तृत बैकग्राउंड और उद्देश्य
SIR यानी Special Intensive Revision, चुनाव आयोग की सबसे महत्वाकांक्षी पहल है जो हर बूथ स्तर पर गहन जांच करती है। उत्तर प्रदेश में यह अभियान 2025 के मध्य से शुरू हुआ और दिसंबर 2025 तक चला, जिसमें 2.3 लाख से ज्यादा BLO सक्रिय रहे । मुख्य उद्देश्य पुरानी सूची से अमान्य एंट्रीज हटाना था, क्योंकि कई वोटर दशकों पुराने रिकॉर्ड में दर्ज थे। राज्य स्तर पर औसत 18.7% कटौती हुई, जो शहरी जिलों में 25-30% तक पहुंच गई । विशेषज्ञों के अनुसार, तेज शहरीकरण, प्रवासी मजदूरों का पलायन और डिजिटल सत्यापन ने इसकी वजह बनाई। राष्ट्रीय स्तर पर भी इसी तरह के अभियान चल रहे हैं, लेकिन यूपी में संख्या सबसे ज्यादा है । आयोग ने जोर दिया कि यह निष्पक्ष प्रक्रिया है, जिसमें कोई राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं ।
लखनऊ नंबर 1: 12 लाख नाम कटे, कारण और प्रभाव
राजधानी लखनऊ सबसे ऊपर रहा, जहां 12 लाख नाम (30.04%) हटाए गए। कुल वोटर 39.92 लाख थे, जिनमें से एक-तिहाई गायब हो गए । कारण? घनी आबादी वाली कॉलोनियां जैसे गोमती नगर, इंदिरा नगर में मल्टी-स्टोरी अपार्टमेंट्स के कारण संपर्क टूटना। कई वोटर दिल्ली-मुंबई प्रवास पर थे या मृत पाए गए। यह कटौती विधानसभा क्षेत्रों में असर डालेगी, खासकर मुख्यमंत्री आवास के आसपास। स्थानीय BJP विधायक इसे सकारात्मक बता रहे, जबकि विपक्ष ने सवाल उठाए । लखनऊ के 110 विधानसभा क्षेत्रों में औसतन 10-12% प्रति सीट कटौती दर्ज हुई ।
प्रयागराज दूसरे स्थान पर: 11.56 लाख की बड़ी कटौती
प्रयागराज में 11.56 लाख नाम (24.64%) कटे, कुल 46.92 लाख में से। संगम नगरी के घनी बस्तियों और कुंभ मेला क्षेत्र में पुराने वोटरों की अनुपस्थिति मुख्य वजह । जिले के फाफामऊ, झूसी जैसे इलाकों में 25% से ज्यादा प्रभाव पड़ा। आयोग ने यहां विशेष टीम तैनात की थी, फिर भी संख्या चौंकाने वाली। प्रयागराज की 18 विधानसभा सीटों पर यह बदलाव 2027 चुनाव को प्रभावित करेगा । स्थानीय प्रतिक्रियाओं में लोग नाम चेक करने को उत्साहित दिखे ।
टॉप 10 जिलों की संपूर्ण कटौती तालिका
SIR के टॉप-10 सबसे प्रभावित जिलों की विस्तृत जानकारी:
ये जिले कुल कटौती का 55% हिस्सा बनाते हैं। टॉप-10 से 81 लाख नाम गए ।
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टॉप 10 कम कटौती वाले जिले: ग्रामीण क्षेत्र सुरक्षित
कुछ जिलों में राहत मिली। न्यूनतम प्रभावित टॉप-10:
बुंदेलखंड क्षेत्र में बेहतर रिकॉर्ड-कीपिंग से कम कटौती। कुल 75 जिलों में औसत 18.7%, लेकिन 25 जिलों में 20%+ ।
मुस्लिम बहुल जिलों में कटौती: विवादास्पद आंकड़े
सम्भल, रामपुर, मुरादाबाद जैसे जिलों में उच्च कटौती दर्ज: सम्भल 22%, रामपुर 21.5%, मुरादाबाद 20.8% । विपक्ष ने इसे लक्षित बताया, लेकिन आयोग ने डेटा-सत्यापन आधारित होने का स्पष्ट किया। कुल अल्पसंख्यक क्षेत्रों में औसत 19.2%, जो राज्य औसत के करीब ।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और सियासी संग्राम
SIR से राजनीतिक हलचल तेज। SP ने ‘वोटर दमन’ का आरोप लगाया, खासकर शहरी गरीबों पर। BJP ने पारदर्शिता की तारीफ की, कहा 2027 चुनाव मजबूत होंगे। CM योगी के गोरखपुर में भी 6.45 लाख कटे, फिर भी समर्थकों में उत्साह । विशेषज्ञ: युवा वोटरों का नुकसान विपक्ष को ज्यादा। आयोग ने 1.5 करोड़ नए नाम जोड़ने का लक्ष्य रखा ।
नाम चेक और दावा-आपत्ति: पूरी प्रक्रिया
चरणबद्ध तरीका:
- nvsp.in या voters.eci.gov.in खोलें।
- ‘Search by EPIC/Mobile/Details’ चुनें।
- जिला, विधानसभा, बूथ डालें, कैप्चा भरें।
- PDF डाउनलोड कर नाम खोजें ।
- नाम न हो तो Form-6 भरें (ऑनलाइन/ BDO)।
महत्वपूर्ण तारीखें:
- दावा-आपत्ति: 25 दिसंबर 2025 से 30 जनवरी 2026।
- फाइनल लिस्ट: 28 फरवरी 2026।
- हेल्पलाइन: 1950, 1800-4201-950 ।
दस्तावेज: आधार, वोटर ID, राशन कार्ड। BLO से मिलें या ऐप डाउनलोड करें।
दीर्घकालिक प्रभाव और सलाह
यह SIR यूपी चुनाव इतिहास का सबसे बड़ा सफाई अभियान है। फर्जी वोटिंग रुकेगी, लेकिन लाखों को नए सिरे से रजिस्ट्रेशन करना पड़ेगा। युवाओं को ऑनलाइन नाम जोड़ना चाहिए। आने वाले लोकसभा उपचुनावों पर असर पड़ेगा। आयोग का लक्ष्य 100% डिजिटल सत्यापन। वोटरों से अपील: तुरंत चेक करें, अधिकार न गंवाएं। यह लोकतंत्र की मजबूती का कदम है ।
प्रमुख आंकड़े
- कुल कटे: 2.89 करोड़।
- बचे वोटर: 12.55 करोड़।
- टॉप जिला: लखनऊ (30%)।
- औसत कटौती: 18.7%।
यह बदलाव 2027 विधानसभा को नया आकार देगा। सभी जागरूक रहें ।
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