बिहार की दूसरे फेज की वोटिंग में किसका क्या दांव पर,122 विधानसभा सीटों दांव-प्रतिदांव तेज

दूसरे फेज की वोटिंग में बिहार के 122 विधानसभा सीटोंपर सियासी दांव-प्रतिदांव तेज हो गया है, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादवऔर AIMIM के आसदुद्दीन ओवेसीकी भिड़ंत मुख्य केंद्र बनी हुई है। इस फेज की वोटिंग 11 नवंबर को होनी है, जिसमें बिहार की सीमा से लगे सीमांचल क्षेत्र के 24 सीटें शामिल हैं, जो कि राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील मानी जाती हैं।

नीतीश कुमार और NDA का दांव
पहले फेज में रिकॉर्ड वैटर टर्नआउट (लगभग 64.66%) ने सरकार के पक्ष में उत्साह बढ़ाया है। दूसरे फेज में NDA, जिसमें जदयू, भाजपा, और सहयोगी दल हैं, सीमांचल इलाके में ‘आव्रजन और घुसपैठ’ को केंद्र में रखते हुए सुरक्षा और पहचान को चुनावी मुद्दा बना रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह इस क्षेत्र में चुनाव प्रचार में सक्रिय हैं और वे इसे सत्ता में बने रहने का बड़ा हथियार मान रहे हैं। उनका दावा है कि वे अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो सीमांचल क्षेत्र की जनता के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा है।
तेजस्वी यादव और महागठबंधन का खेल
दूसरी ओर महागठबंधन, जिसमें राजद के तेजस्वी यादव मुख्य चेहरा हैं, युवाओं और अल्पसंख्यकों की भागीदारी पर जोर दे रहा है। तेजस्वी यादव ने पहले फेज के उच्च मतदान को बदलाव की आवाज़ के रूप में देखा है और सीमांचल में कांग्रेस और लेफ्ट के साथ मिलकर मुस्लिम और अन्य पिछड़ा वर्ग वोट बैंक पर दांव लगा रहे हैं। महागठबंधन की चुनौती है कि वे सीमांचल के मुस्लिम मतदाताओं को जोड़कर NDA की कोशिशों को चुनौती दें।
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ओवेसी का अलग मोर्चा
आसदुद्दीन ओवेसी की AIMIM इस चुनाव में तीसरे मोर्चे का रूप ले चुकी है। AIMIM सीमांचल क्षेत्र में करीब 100 सीटों पर चुनाव लड़ रही है और विशेषकर मुस्लिम वोटों को केंद्रित करने की कोशिश कर रही है। ओवेसी ने महागठबंधन की आलोचना करते हुए अपना अलग राजनीतिक एजेंडा पेश किया है, जो इस क्षेत्र के चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकता है।
कुल मिला कर दांव-पेंच
दूसरे फेज में सीमांचल की 122 सीटों पर मुख्य मुकाबला इन तीनों राजनीतिक धड़ों के बीच है। मतदान के परिणाम बिहार की सरकार पर बड़ा असर डालेंगे, क्योंकि यह फेज मुख्यत: सीमा सुरक्षा, जातीय पहचान, और विकास के मुद्दों के इर्द-गिर्द घूम रहा है। जबकि पहले फेज की वोटिंग में विकास और महिला मतदाताओं की भागीदारी थी, दूसरे फेज में सुरक्षा और प्रवासन पर राजनीतिक लड़ाई तेज दिखाई दे रही है।
इस चुनावी रणभूमि में 11 नवंबर को वोटिंग होगी और 14 नवंबर को नतीजे आएंगे, जो साफ करेंगे कि बिहार की राजनीति में किसका क्या दांव कस गया है—क्या नीतीश कुमार की NDA कायम रहेगी, या तेजस्वी-ओवेसी के गठबंधन को सफलता मिलेगी.
https://thedbnews.in/voting-heats-up-for-122-assembly-seats-in-the-second-phase-of-bihar-elections/बिहारराजनीतिराष्ट्रीय समाचारस्थानीय / राज्य समाचारAIMIM,Nda,अमित शाह,आसदुद्दीन ओवेसी,जदयू,तेजस्वी यादव,नरेंद्र मोदी,नीतीश कुमार,बिहार,भाजपा,महागठबंधन,मुख्यमंत्री,मुस्लिम,विधानसभा,सीमांचलदूसरे फेज की वोटिंग में बिहार के 122 विधानसभा सीटों पर सियासी दांव-प्रतिदांव तेज हो गया है, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव और AIMIM के आसदुद्दीन ओवेसी की भिड़ंत मुख्य केंद्र बनी हुई है। इस फेज की वोटिंग 11 नवंबर को होनी है, जिसमें बिहार...The Daily BriefingThe Daily Briefing infodailybriefing@gmail.comEditorThe Daily Briefing
