MP में दलित के घर भोजन करने पर युवक का सामाजिक बहिष्कार; मंत्री ने दरी पर बैठकर दिया समर्थन

रायसेन, 10 दिसंबर 2025: मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के पिपलिया पुआरिया गांव में एक दलित परिवार के घर भोजन करने पर धाकड़ समुदाय के युवक भरत राज और उसके परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया।

गांव की पंचायत ने अजीबोगरीब सजा देते हुए हुक्का-पानी बंद करने और शुद्धिकरण अनुष्ठान कराने का आदेश दिया, लेकिन मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर दरी पर बैठे भोजन कर समर्थन का संदेश दिया।
घटना का पूरा विवरण
पिपलिया पुआरिया गांव में संतोष परोले के दलित परिवार ने श्रद्धांजलि सभा आयोजित की थी, जहां भरत राज ने भोजन किया। इसके बाद गांववालों ने इसे ‘अपवित्र’ बताते हुए परिवार को सामाजिक बहिष्कार में धकेल दिया—कोई खरीद-फरोख्त न करें, न ही कोई बातचीत। पीड़ित परिवार ने कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई, जहां उन्होंने मानसिक आघात और आर्थिक नुकसान का जिक्र किया।
पंचायत की अजीब सजा और समाज का रुख
पंचायत ने सजा में ‘शुद्धिकरण’ का आदेश दिया, जो जातिगत भेदभाव की गहरी जड़ें दर्शाता है। गांव में मंत्री के गढ़ होने के बावजूद समाज ने मंत्री के भोजन को नजरअंदाज कर बहिष्कार जारी रखा। स्थानीय लोगों का कहना है कि परंपराओं का हवाला देकर ऐसा किया गया, लेकिन यह छुआछूत कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन है।
मंत्री और प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया
स्वास्थ्य राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने दलित परिवार के घर जाकर दरी पर भोजन किया, जिससे समरसता का मजबूत संदेश गया। कलेक्टर ने जांच शुरू कर दी और कहा कि सामाजिक बहिष्कार बर्दाश्त नहीं होगा—पुलिस कार्रवाई का भरोसा दिया। पहले भी रायसेन में इसी परिवार को बहिष्कार झेलना पड़ा था, तब भी मंत्री ने समर्थन किया था।
सामाजिक प्रभाव और आगे की राह
यह घटना MP में जातिवाद की जमीनी हकीकत उजागर करती है, जहां पंचायतें अभी भी कानून से ऊपर खुद को रखती हैं। पीड़ित परिवार के बच्चे स्कूल और बाजार से वंचित हो रहे हैं, जो मानवीय संकट पैदा कर रहा है। जागरूकता अभियान, सख्त कानूनी कार्रवाई और सामुदायिक संवाद से ही ऐसी कुरीतियां खत्म होंगी।

