Dhurandhar-2 देखेंगे यूपी पुलिस के 600 दारोगा! मेरठ में दो सिनेमा हॉल बुक, सरकारी वाहनों से मल्टीप्लेक्स जाएंगे SI

उत्तर प्रदेश पुलिस के लगभग 600 सब‑इंस्पेक्टर (दारोगा) अब ट्रेनिंग और ड्यूटी के बीच एक अलग तरह का ब्रेक लेने जा रहे हैं। मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अविनाश पांडे ने 2023 बैच के युवा दारोगाओं के लिये एक विशेष आयोजन किया है – फिल्म ‘धुरंधर‑2’ देखने की स्पेशल स्क्रीनिंग। इसके लिये दिल्ली रोड स्थित शॉप्रिक्स मॉल के वेव सिनेमा में दो हॉल पूरी तरह बुक कर लिये गये हैं, जहां ये खाकी वर्दी वाले सरकारी वाहनों के काफिले के साथ मल्टीप्लेक्स पहुंचेंगे।
यह आयोजन सिर्फ फिल्म दिखाने का नहीं, बल्कि युवा उप‑निरीक्षकों के मनोबल बढ़ाने और उन्हें सीधे उत्तर प्रदेश की पुलिसिंग, चुनौतियों और तरीकों से रूबरू कराने का संदेश देने का मंच बन रहा है।
मेरठ स्टोरी: कैसे होगी यह विशेष स्क्रीनिंग?
मेरठ में यह विशेष स्क्रीनिंग गुरुवार के दिन आयोजित की जा रही है, जिसमें एसएसपी अविनाश पांडे खुद बैच के साथ शॉप्रिक्स मॉल के वेव सिनेमा हॉल पहुंचेंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस आयोजन के लिये लगभग 498 से 600 दारोगाओं को शामिल माना जा रहा है – जो यूपी पुलिस के 2023 बैच के उप‑निरीक्षक हैं।
पूरी व्यवस्था अत्यधिक अनुशासित तरीके से की गयी है। पुलिस लाइन से सभी दारोगा सरकारी वाहनों में बैठकर एक साथ शॉप्रिक्स मॉल के लिये रवाना होंगे। वेव सिनेमा में आयोजित दिन के एक खास शो में यही 600 दारोगा फिल्म का आनंद लेंगे, जबकि आम दर्शक इस खास शो में शामिल नहीं होंगे।
एसएसपी के साथ एसपी सिटी अयुष विक्रम सिंह और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी इस शो में शामिल होंगे, जिससे यह दिखाया जाता है कि प्रशासन की तरफ से नए अधिकारियों के मनोबल और टीम स्पिरिट को लेकर गंभीर रुख अपनाना चाहा जा रहा है।
फिल्म ‘धुरंधर‑2’ क्यों खास है यूपी पुलिस के लिए?
यह स्क्रीनिंग बस किसी भी रिलीज़ हुई फिल्म को दिखाने का मामला नहीं है। ‘धुरंधर‑2’ – आदित्य धर द्वारा निर्देशित यह फिल्म – उत्तर प्रदेश की पुलिसिंग, रोजमर्रा की चुनौतियों और इसके राजनीतिक‑सामाजिक परिदृश्य से सीधे जुड़ी हुई है।
इस फिल्म में यूपी के एक पूर्व डीजीपी का किरदार और उत्तर प्रदेश के प्रयागराज क्षेत्र में चर्चित माफिया नेता अतीक अहमद जैसा दिखने वाला एक भूमिगत संस्कार भी दिखाया गया है, जिससे फिल्म को यूपी की असली सियासी और अपराध वाली दुनिया से जोड़ा गया है। एसएसपी अविनाश पांडे का मानना है कि ये तर्कित संरचना और यूपी से जुड़ी कहानी युवा दारोगाओं को अपने क्षेत्र की गहराई से जानने में मदद करेगी।
इसीलिए इस फिल्म को विशेष रूप से चुना गया है, ताकि नए दारोगा फिल्म के जरिये यूपी के पुलिसिंग सिस्टम, उसकी जटिलताओं और जिम्मेदारी को बेहतर तरीके से समझ सकें, न कि सिर्फ एंटरटेनमेंट के लिए बनी आम एक्शन ही देखें।
पुलिस लाइन से मल्टीप्लेक्स तक: कैसी रहेगी यात्रा?
योजना के मुताबिक, सभी 600 दारोगा मेरठ के पुलिस लाइन से सरकारी वाहनों में ग्रुप्ड मोड में शॉप्रिक्स मॉल के लिये रवाना होंगे। यहां विभाग की तरफ से सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किये गये हैं, ताकि ट्रैफिक, भीड़ और आंतरिक व्यवस्था के नाम पर कोई अनावश्यक दिक्कत न आए।
मल्टीप्लेक्स में पहुंचने पर दारोगा अपने‑अपने निर्धारित हॉल में प्रवेश करेंगे, जहां फिल्म की शुरुआत से पहले कुछ औपचारिक बातचीत या उद्बोधन भी हो सकता है। फिल्म देखने के बाद टीम वर्क और चर्चा के जरिये यह बात भी उभर सकती है कि फिल्म में दिखाये गये यूपी के पुलिसिंग मॉडल को असल ड्यूटी में कैसे समायोजित किया जा सकता है।
सरकारी वाहनों से मल्टीप्लेक्स तक की यात्रा न सिर्फ एक आयोजन है, बल्कि पुलिस संस्कृति, अनुशासन और टीमवर्क की एक छोटी‑सी प्रैक्टिकल थिंकिंग भी दिखाती है।
यूपी पुलिस के लिए यह आयोजन क्यों ‘अनोखा’ माना जा रहा है?
यूपी पुलिस के इतिहास में ऐसे आयोजन अक्सर देखने को नहीं मिलते, जहां डायरेक्ट फिल्म के जरिये एक बड़े बैच के दारोगा को एक साथ ले जाकर उनका मनोबल और ज्ञान–दोनों बढ़ाया जा रहा हो। मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे का कदम ऐसा दिखाई देता है, जिसमें न केवल युवा अधिकारियों को रिलैक्सेशन दिया जा रहा है, बल्कि उन्हें यूपी की वास्तविक पुलिस‑नीति और चुनौतियों से जोड़ने का प्रयास भी शामिल है।
विभाग का मानना है कि ड्यूटी के तनाव के बीच ऐसे छोटे‑छोटे क्रिएटिव आयोजनों से टीम वर्क की भावना बढ़ती है, नए अधिकारियों को आपसी जुड़ाव और आत्मविश्वास मिलता है, और उनकी नैतिक जिम्मेदारी भी स्पष्ट होती है।
इस तरह के आयोजन यूपी पुलिस की इमेज भी बदल सकते हैं – जहां अक्सर पुलिस को सख्त और निष्ठुर दिखाया जाता है, वहीं यह आयोजन यूपी पुलिस के युवा और डिजिटल युग के साथ जुड़े हुए चेहरे को बाहर लाता है।
फिल्म की रिलीज़, रिएक्शन और यूपी से जुड़ाव
‘धुरंधर‑2’ की रिलीज़ 19 मार्च 2026 को हुई थी, और मेरठ सहित पूरे उत्तर प्रदेश में इसके शोज़ जोर‑शोर से चल रहे हैं। फिल्म ने ओपनिंग डे से ही अच्छा कलेक्शन किया और यूपी, खासकर ग्रेटर नोएडा, दिल्ली‑एनसीआर और मेरठ जैसे शहरों में शो भरे हुए रहे हैं। दर्शकों के बीच फिल्म की कहानी, एक्शन और यूपी पुलिसिंग को दिखाने के तरीके को लेकर मिश्रित लेकिन ज्यादातर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।
यूपी से फिल्म का जुड़ाव इसलिए भी खास है क्योंकि ‘धुरंधर‑2’ में यूपी की पुलिसिंग, राजनीतिक परिदृश्य और भूमिगत संसाधनों से जुड़ी कई घटनाओं को दिखाया गया है। इसी वजह से यूपी पुलिस के अधिकारी और आम दर्शक दोनों फिल्म को असली लाइफ पुलिस ड्रामा से जोड़कर देख रहे हैं। मेरठ में फिल्म देखने के लिए जैसे‑जैसे शो खत्म हो रहे हैं, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों जगह इसके रिव्यू और डिबेट तेज़ होते जा रहे हैं।
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