हरियाणा के पद्मश्री नरेंद्र सिंह के एक मुर्रा नस्ल के भैंसे का नाम “विधायक” है, जिसकी कीमत लगभग आठ करोड़ रुपये बताई जाती है। इस भैंसे को मेरठ के आईआईएमटी विश्वविद्यालय में आयोजित किसान मेले में प्रदर्शित किया गया था, जहां यह सबका आकर्षण बना। “विधायक” मुर्रा नस्ल का एक अत्यंत सुंदर और उच्च गुणवत्ता वाला भैंसा है, जो दूध उत्पादन के लिए भी प्रसिद्ध है।

इसके मालिक नरेंद्र सिंह ने बताया कि “विधायक” का सीमन सालाना 40-60 लाख रुपये की कमाई करता है, क्योंकि इसके सीमन की खरीद किसानों द्वारा नस्ल सुधार के लिए की जाती है। इस भैंसे की ऊंचाई लगभग 6 फीट और वजन 1300 किलोग्राम से अधिक है। यह पिछले कई वर्षों से ओवरऑल चैम्पियन है और इसकी जीन गुणवत्ता बहुत उच्च मानी जाती है, जिससे इसके बच्चे सामान्य भैंसों की तुलना में 30-40% अधिक दूध देते हैं। इसके कारण इसे “जीवित जेनेटिक खजाना” भी कहा जाता है। इसके मालिक ने कहा है कि यह भैंसा बिकाऊ नहीं है, बल्कि इसका उपयोग नस्ल सुधार के लिए किया जाता है। इस भैंसे को देखने के लिए मेले में भारी भीड़ उमड़ी थी, और यह अपनी खास कद-काठी और दूध देने की क्षमता की वजह से चर्चा में बना हुआ है। यह बड़ी संख्या में किसानों के लिए रोजगार और आय का स्रोत भी है।

हरियाणा के किसान नरेंद्र सिंह, जो पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित हैं, मुर्रा नस्ल के भैंस पालन के क्षेत्र में देशभर में प्रसिद्धि पा चुके हैं। उन्होंने मुर्रा नस्ल के भैंसों के उन्नत प्रजनन और सुधार के लिए लगभग 25 वर्षों तक काम किया है। नरेंद्र सिंह पानीपत के निवासी हैं और उन्होंने अपने जीवन में कई राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पुरस्कार हासिल किए हैं, जिनमें 2019 में भारत सरकार द्वारा पद्मश्री सम्मान शामिल है।

उनके पास कई शुद्ध मुर्रा नस्ल की भैंसे हैं, जिनमें “विधायक” और “गोलू टू” प्रमुख हैं। “विधायक” की कीमत लगभग 8-10 करोड़ रुपये आंकी गई है और इसके सीमेन (वीर्य) की बिक्री से नरेंद्र सिंह को सालाना 40-60 लाख रुपये की आमदनी होती है। उनका उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाली भैंसों का प्रजनन और पशुपालकों को बेहतर किस्म की भैंसे उपलब्ध कराना है।

नरेंद्र सिंह हरियाणा मुर्रा भैंसा प्रजनक संघ के अध्यक्ष भी हैं, जो डेयरी किसानों को उन्नत मुर्रा वीर्य उपलब्ध कराने में मदद करता है। उनके प्रयासों से पशुपालन क्षेत्र में काफी प्रगति हुई है और वे देश के प्रमुख मुर्रा भैंसा पालक माने जाते हैं। उनकी भैंसे कई बार राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में विजेता रहीं हैं और इन्हें पहचान मिल चुकी है.

विधायक नामक भैंसा मुर्रा नस्ल का है, जो अपने नस्लीय गुणों और उत्पादन क्षमता के कारण खास माना जाता है। इसकी नस्लीय विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • विधायक की काया विशाल, गठीली मांसपेशियों वाली और चमकदार काली त्वचा वाली होती है, जो मुर्रा नस्ल की शान मानी जाती है। इसकी शारीरिक बनावट, मजबूत सींग और सुंदरता इसे अन्य भैंसों से अलग बनाती है।
  • यह भैंसा विशेष रूप से प्रजनन क्षमता में श्रेष्ठ है और इसे “आदर्श नर” के रूप में माना जाता है जो नस्ल सुधार के लिए उपयुक्त है।
  • दूध की खपत इस भैंसे की पोषण के लिए महत्वपूर्ण है; यह हर दिन 10 लीटर से अधिक दूध पीता है और साथ ही हरा चारा, भूसा, ड्राई फ्रूट (काजू, बादाम), पनीर एवं जड़ी-बूटियों वाले पानी का सेवन करता है जिससे इसकी सेहत और शक्ति बनी रहती है।

उत्पादन क्षमता के लिहाज से विधायक भैंसे की खास बातें:

  • इसका सीमेन (वीर्य) उच्च गुणवत्ता का होता है और सालाना इससे लगभग 40-60 लाख रुपये की कमाई होती है।
  • इसके सीमेन से पैदा हुई भैंसें 20-21 लीटर दूध प्रतिदिन दे सकती हैं, जो सामान्य भैंस से 30-40% अधिक है।
  • यह नस्लीय सुधार के लिए “जीवित जेनेटिक खजाना” मानी जाती है क्योंकि इसकी जीन गुणवत्ता बहुत बेहतर है, जिससे दूध उत्पादन और अन्य गुणों में सुधार होता है।

इसलिए विधायक भैंसे को मुर्रा नस्ल का श्रेष्ठ और उन्नत प्रजनन वाला भैंसा माना जाता है, जो किसान और पशुपालकों के लिए आर्थिक और व्यावसायिक दृष्टि से बहुत लाभदायक है.

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