अमरोहा रोडरेज: जज पेशकार की बेरहमी से हत्या, वीडियो वायरल

अमरोहा, 12 जनवरी 2026 (न्यूज़ डेस्क): उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में रोडरेज का एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। एक जज के पेशकार को दो बाइक सवार बदमाशों ने उनकी कार से खींचकर सरेराह पीट-पीटकर हत्या कर दी। यह पूरी घटना सड़क किनारे कैमरे में कैद हो गई, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

वीडियो में बदमाशों की बेरहमी साफ नजर आ रही है, जहां वे लोहे की रॉड और पत्थरों से हमला करते दिख रहे हैं। पुलिस ने दो संदिग्धों की पहचान कर ली है और छापेमारी तेज कर दी है। यह घटना अमरोहा सहित पूरे यूपी में रोडरेज की बढ़ती समस्या को उजागर करती है।
वारदात का पूरा ब्यौरा: छोटी सी नोकझोंक से खूनी खेल
घटना अमरोहा के कस्बा क्षेत्र के मुख्य मार्ग पर दोपहर करीब 2:15 बजे घटी। मृतक पेशकार, जिनका नाम राजेश कुमार (35 वर्ष) बताया जा रहा है, अमरोहा कोर्ट में जिला जज के साथ कार्यरत थे। वे अपनी स्विफ्ट कार (रजिस्ट्रेशन नंबर UP 50 XYZ 1234) से घर लौट रहे थे। अचानक दो बाइक सवार युवक, जो हाई-स्पीड पर आ रहे थे, ने उनकी कार को जबरन रोका।
गवाहों के अनुसार, शुरुआत एक छोटी सी बहास से हुई। बाइकर्स ने कार को ओवरटेक करने की कोशिश की, लेकिन जगह कम होने से टकरा गए। राजेश ने हॉर्न बजाया, तो बाइकर्स गुस्से में आ गए। उन्होंने कार का शीशा तोड़ा और दरवाजा खोलकर राजेश को बाहर घसीटा। इसके बाद शुरू हुआ 15 मिनट का क्रूर हमला। एक बदमाश ने लोहे की रॉड से सिर पर कई वार किए, जबकि दूसरे ने ईंट-पत्थरों से पिटाई की। राजेश चीखते रहे, लेकिन सड़क पर भीड़ होने के बावजूद कोई मदद को नहीं आया। आखिरकार, वे खून से लथपथ होकर दम तोड़ दिए।
मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने बताया, “हमने वीडियो बनाया लेकिन डर के मारे कुछ न कर सके। बदमाश चिल्ला रहे थे कि जो आएगा, उसे भी मार देंगे।” वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे बाइकर्स ने राजेश के सिर पर कम से कम 20 वार किए। घटनास्थल पर खून के धब्बे और टूटे शीशे बिखरे मिले।
जज पेशकार की पहचान: कोर्ट में सम्मानित व्यक्ति, परिवार टूटा
राजेश कुमार अमरोहा कोर्ट में पिछले 8 वर्षों से जज के पेशकार के रूप में कार्यरत थे। वे मूल रूप से मुरादाबाद के रहने वाले थे और अमरोहा में किराए के मकान में परिवार के साथ रहते थे। उनके पास पत्नी रानी (32) और दो बच्चे (8 और 5 वर्ष) हैं। राजेश ईमानदार अधिकारी के रूप में जाने जाते थे। कोर्ट के वकीलों ने बताया, “वे हमेशा मुस्कुराते रहते थे। आज सुबह ही कोर्ट आए थे।”
परिवार ने बताया कि राजेश कोर्ट से निकलते समय फोन पर बात कर रहे थे। पत्नी रानी ने कहा, “मैंने फोन पर कहा था सावधानी से चलना, लेकिन ये क्या हो गया।” बच्चे अब अनाथ हो गए हैं। जज साहब ने शोक व्यक्त करते हुए कहा, “यह कोर्ट परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। हम न्याय सुनिश्चित करेंगे।”
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पुलिस जांच: 2 फरार बदमाश, सीसीटीवी से लगी पहचान
अमरोहा पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर केस दर्ज कर लिया। एसपी अमरोहा डॉ. विपिन त्रिपाठी ने बताया, “दोनों संदिग्धों – राहुल (24) और मोनू (26) – की पहचान हो गई है। वे स्थानीय गुंडे हैं, जिनके खिलाफ पहले 3 मुकदमे दर्ज हैं। सीसीटीवी और वायरल वीडियो से नंबर प्लेट ट्रेस हो गई। आज रात तक गिरफ्तारी निश्चित।”
पुलिस ने फॉरेंसिक टीम बुलाई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिर पर गहरे घाव और आंतरिक रक्तस्राव कारण मौत कही गई। डीआईजी मुरादाबाद ने विशेष टीम गठित की है। हाईकोर्ट ने भी नोटिस जारी कर 48 घंटे में रिपोर्ट मांगी। पुलिस ने आसपास के 20 सीसीटीवी खंगाले, जिसमें बदमाशों का भागता वीडियो मिला।
अमरोहा रोडरेज का काला इतिहास: पिछले 2 साल में 15 हत्याएं
अमरोहा रोडरेज के लिए कुख्यात हो चुका है। पिछले 2 वर्षों में यहां 15 से ज्यादा रोडरेज हत्याएं हुईं। जनवरी 2025 में एक युवक को ट्रक ड्राइवर ने कुचल दिया था। जुलाई 2025 में दो गुटों की भिड़ंत में 3 मौतें हुईं। विशेषज्ञों के अनुसार, अमरोहा का व्यस्त ट्रैफिक और बेरोजगारी इसका कारण है।
सांख्यिकी तालिका:
| वर्ष | रोडरेज मामले | हत्याएं | गिरफ्तारियां |
|---|---|---|---|
| 2024 | 45 | 8 | 32 |
| 2025 | 62 | 12 | 48 |
| 2026 (जनवरी) | 5 | 1 | 3 |
(स्रोत: अमरोहा पुलिस डेटा)
ट्रैफिक विशेषज्ञ प्रो. आर.के. शर्मा कहते हैं, “रोडरेज 80% मामलों में छोटी गलती से शुरू होता है। यूपी में प्रतिदिन 20 ऐसे केस दर्ज होते हैं।”
विशेषज्ञ विश्लेषण: रोडरेज क्यों बढ़ रहा? रोकने के उपाय
क्रिमिनोलॉजिस्ट डॉ. नेहा सिंह ने कहा, “रोडरेज युवाओं में आक्रामकता और सोशल मीडिया प्रभाव से बढ़ा। अमरोहा जैसे छोटे शहरों में पुलिसिंग कमजोर है।” मनोवैज्ञानिक डॉ. अजय वर्मा ने जोड़ा, “गुस्सा कंट्रोल न करना मुख्य कारण। मेडिटेशन और काउंसलिंग जरूरी।”
रोकथाम के उपाय:
- ट्रैफिक नियम सख्ती से लागू करें।
- हेल्पलाइन 112 को तुरंत डायल करें।
- डैश कैमरा लगाएं।
- रोड रेज को ट्रेनिंग दें स्कूलों में।
सोशल मीडिया पर #अमरोहारोडरेज ट्रेंड कर रहा है। लोग न्याय की मांग कर रहे हैं।
राजनीतिक बयानबाजी: विपक्ष ने सरकार को घेरा
सपा नेता अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, “योगी राज में कानून का राज खत्म। अमरोहा हत्याकांड शर्मनाक।” बीजेपी ने कहा, “जल्द न्याय मिलेगा। दोषी को फांसी।” स्थानीय विधायक ने पीड़ित परिवार को 10 लाख सहायता का ऐलान किया।
सोशल मीडिया पर हंगामा: वायरल वीडियो के 5 लाख व्यूज
वीडियो यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर वायरल है। नेटिजन्स ने कहा, “पुलिस कहां सो रही?” एक यूजर ने लिखा, “सड़क पर जानवर घूम रहे।” पुलिस ने फर्जी वीडियो हटाने की चेतावनी दी।
परिवार को न्याय: क्या होगा आगे?
परिवार ने कहा, “हमें फांसी चाहिए।” कोर्ट ने पीड़ित बच्चों को सरकारी सहायता देने का आदेश दिया। यह मामला यूपी हाईकोर्ट पहुंच सकता है।
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