बालियान vs सोम: सरधना में जाटों का विद्रोह शुरू? 2024 हार का बदला

मेरठ, 31 मार्च 2026 : उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। मेरठ जिले के सरधना विधानसभा क्षेत्र के सकौती गांव में जाट समाज के वीर शिरोमणि महाराजा सूरजमल की प्रतिमा का भव्य अनावरण हुआ।

इस समारोह में बीजेपी के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने 2024 लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार का जिक्र करते हुए हिसाब बराबर करने की चेतावनी दी। उनके निशाने पर स्पष्ट रूप से मुजफ्फरनगर सांसद संगीत सोम थे। क्या सरधना अब जाट राजनीति की प्रयोगशाला बनने जा रहा है? आइए, इस पूरे घटनाक्रम को विस्तार से समझते हैं।
सकौती गांव में महाराजा सूरजमल प्रतिमा अनावरण: ऐतिहासिक क्षण
सकौती गांव, जो सरधना विधानसभा का हिस्सा है, आज इतिहास रचने वाला बन गया। महाराजा सूरजमल, जाट साम्राज्य के संस्थापक और 18वीं शताब्दी के योद्धा राजा, जिन्होंने भरतपुर राज्य को मजबूत किया, उनकी 10 फुट ऊंची कांस्य प्रतिमा का अनावरण सुबह 11 बजे हुआ। समारोह में हजारों जाट बंधु शामिल हुए।
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प्रतिमा का महत्व: यह प्रतिमा जाट समाज के गौरव को जीवंत करती है। महाराजा सूरजमल ने मुगलों और मराठों के खिलाफ लड़ाई लड़ी।
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आयोजक: स्थानीय जाट संगठन और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने इसे फंड किया।
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मुख्य अतिथि: संजीव बालियान के अलावा पूर्व विधायक और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि मौजूद।
यह अनावरण केवल सांस्कृतिक नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश से भरा था। बालियान ने मंच से कहा, “जाट समाज का खून उबल रहा है। 2024 की हार को भुलाया नहीं जा सकता। हम हिसाब बराबर करेंगे।”
संजीव बालियान का तीखा प्रहार: 2024 लोकसभा हार का बदला?
डॉ. संजीव बालियान, जो मुजफ्फरनगर से चार बार सांसद रह चुके हैं, 2024 में समाजवादी पार्टी के हरेंद्र सिंह मलिक से 25,000 वोटों से हार गए। इस हार ने जाट वोटबैंक को तोड़ दिया। प्रतिमा अनावरण के दौरान उन्होंने कहा:
“जो लोग जाट समाज को ठगने की कोशिश करेंगे, उनका हिसाब बराबर होगा। सरधना हमारा गढ़ है, और यहां से जाट राजनीति की नई शुरुआत होगी।”
उनके निशाने पर संगीत सोम थे, जो 2024 में बीजेपी के टिकट पर जीते। सोम पर जाटों को नजरअंदाज करने का आरोप लगता रहा है। बालियान की यह टिप्पणी बीजेपी आंतरिक कलह को उजागर करती है।
2024 चुनाव परिणाम: सरधना और मुजफ्फरनगर में क्या हुआ?
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मुजफ्फरनगर: संगीत सोम ने 5,85,000 वोटों से जीत हासिल की, लेकिन जाट वोट SP की ओर खिसके।
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सरधना विधानसभा: 2022 UP चुनाव में बीजेपी जीती, लेकिन जाट असंतोष बढ़ा।
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जाट वोट शेयर: 2024 में जाटों का 20% वोट SP-RLD गठबंधन को गया।
बालियान ने जाट युवाओं से अपील की, “महाराजा सूरजमल की तरह एकजुट हो जाओ। 2027 विधानसभा चुनाव में सरधना को जाट गढ़ बनाओ।”
सरधना विधानसभा: जाट राजनीति का केंद्र क्यों?
सरधना विधानसभा क्षेत्र मेरठ जिले में स्थित है, जहां जाट आबादी 35% से अधिक है। यह क्षेत्र कांगरू, जाट, मुस्लिम वोटबैंक के लिए जाना जाता है।
क्षेत्र का राजनीतिक इतिहास
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2017: बीजेपी की मौनी देवी विजयी।
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2022: बीजेपी ने फिर कब्जा जमाया, लेकिन मार्जिन कम।
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जाट प्रभाव: राष्ट्रीय लोकदल (RLD) और SP यहां मजबूत।
वर्तमान में, चौधरी संजीव बालियान सरधना को अपनी कर्मभूमि बना रहे हैं। उनका यह बयान उत्तर प्रदेश जाट आंदोलन को नई गति दे सकता है।
जाट राजनीति का व्यापक परिदृश्य: UP में बदलाव की आहट
उत्तर प्रदेश में जाट समाज (करीब 2 करोड़ आबादी) हमेशा निर्णायक रहा। 2013 जाट आरक्षण आंदोलन से लेकर 2024 चुनाव तक, जाट वोट ने समीकरण बदले।
प्रमुख जाट नेता और उनकी भूमिका
जाट आरक्षण: 2016 में OBC में शामिल, लेकिन 2024 में असंतोष। बालियान ने मंच से EWS कोटे पर सवाल उठाए।
महाराजा सूरजमल का ऐतिहासिक महत्व
महाराजा सूरजमल (1707-1763) ने जाट राज्य को विस्तार दिया।
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युद्ध: पानीपत की तीसरी लड़ाई में मराठों का साथ दिया।
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विरासत: भरतपुर किला, देओगढ़ दुर्ग आज भी गवाह।
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आधुनिक प्रासंगिकता: जाट पहचान का प्रतीक।
सकौती प्रतिमा इसी विरासत को पुनर्जीवित कर रही है।
संगीत सोम पर बालियान का निशाना: बीजेपी में फूट?
संगीत सोम, 2024 में बीजेपी के स्टार कैंपेनर, जाट-गुर्जर वोट जोड़ने का दावा करते हैं। लेकिन बालियान ने उन्हें “जाट हितों का विरोधी” बताया।
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सोम का बयान: “जाट-गुर्जर एकता जरूरी।”
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बालियान का जवाब: “खोखले वादे नहीं चलेंगे।”
यह टकराव मेरठ डिवीजन राजनीति को प्रभावित करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि 2027 UP चुनाव में सरधना सीट पर जाट प्रत्याशी निर्णायक होगा।
स्थानीय प्रभाव: सकौती से सरधना तक असर
सकौती गांव के ग्रामीणों ने प्रतिमा अनावरण को ऐतिहासिक बताया।
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किसान नेता बोले: “बालियान साहब जाट हितों की बात करते हैं।”
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महिलाएं: “सुरक्षा और विकास के लिए बीजेपी।”
सरधना में जाट सभाएं बढ़ रही हैं। RLD-SP गठबंधन अलर्ट पर।
भविष्य की संभावनाएं: 2027 चुनाव में क्या होगा?
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बीजेपी रणनीति: बालियान को सरधना टिकट?
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विपक्ष का जवाब: जयंत चौधरी की एंट्री।
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जाट एकीकरण: नया महासंघ बन सकता है।
राजनीतिक विश्लेषक डॉ. रामेश्वर सिंह कहते हैं, “सरधना जाट राजनीति का टेस्टिंग ग्राउंड बनेगा। बालियान का बयान BJP के लिए चुनौती।”
जाट जागरण की नई सुबह
सकौती का यह अनावरण जाट राजनीति में नया दौर शुरू करता है। संजीव बालियान की चेतावनी से UP की सियासत गरम हो गई। क्या संगीत सोम जवाब देंगे? सरधना से दिल्ली तक गूंजेगा यह संदेश। अपडेट्स के लिए बने रहें।
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