भरतकुंड सरोवर का पानी जहरीला हो गया है, जिससे सैकड़ों मछलियों की मौत हो चुकी है। यह घटना अयोध्या में भगवान श्रीराम के अनुज भरत की तपोस्थली के पास हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई वर्षों से सरोवर की सफाई नहीं हुई है, जिसके कारण जलकुंभी और शैवाल की अधिकता से पानी प्रदूषित हो गया है। यह प्रदूषण मछलियों की मौत का मुख्य कारण माना जा रहा है। श्रद्धालुओं में इसके कारण आक्रोश और निराशा का माहौल है।

सरकारी विभागों के बीच जिम्मेदारी को लेकर खींचतान चल रही है, जिससे समस्या गंभीर बनी हुई है। हालांकि प्रशासन ने 5 अक्टूबर से सफाई कार्य शुरू करने की घोषणा की है। स्थानीय लोग यह भी मानते हैं कि कई बार सफाई के दौरान केमिकल के पानी में चले जाने से भी मछलियों की मौत हो सकती है। वर्तमान में श्रद्धालु भी स्नान करने में दिक्कतों का सामना कर रहे हैं.

इस समस्या के कारण श्रद्धालुओं में नाराजगी बढ़ी है क्योंकि पवित्र जल प्रदूषित हो गया है और मछलियों की मौत से वहां की पवित्रता प्रभावित हुई है। प्रशासन ने सफाई हेतु जल्द कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है

स्थानीय प्रशासन ने इस समस्या के समाधान के लिए सक्रियता दिखाई है। एसडीएम सोहावल सविता राजपूत ने हाल ही में भरतकुंड सरोवर का निरीक्षण किया और घोषणा की कि 5 अक्टूबर से सरोवर की सफाई कार्य शुरू किया जाएगा।

इससे पहले स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग के बीच जिम्मेदारी को लेकर खींचतान चल रही थी, जिससे समस्या गंभीर बनी रही। स्थानीय लोग भी मानते हैं कि सफाई के दौरान कुछ केमिकल पानी में चले जाने से मछलियों की मौत हो सकती है। हालांकि प्रशासन ने अब सफाई और सुंदरीकरण का काम शुरू करने का आश्वासन दिया है ताकि सरोवर की स्थिति सुधारी जा सके और जल प्रदूषण को कम किया जा सके.

सरोवर की सफाई और पुनर्स्थापन योजना

भरतकुंड सरोवर की सफाई और पुनर्स्थापन के लिए स्थानीय प्रशासन और समाज के बीच निम्नलिखित योजनाएं और प्रयास चल रहे हैं:

  • स्थानीय नौजवानों और बुजुर्गों ने श्रमदान से जलकुंभी को निकालकर सरोवर का पानी साफ करने का काम शुरू किया है, जिससे पानी में सुधार दिखने लगा है।
  • सफाई अभियान सभासद रामकृष्ण पाण्डेय के नेतृत्व में स्थानीय सहयोग से चलाया जा रहा है, जो तब तक जारी रहेगा जब तक सरोवर पूरी तरह साफ न हो जाए।
  • 5 अक्टूबर से प्रशासन द्वारा अधिकारिक सफाई कार्य शुरू करने की घोषणा हुई है।
  • अब भरतकुंड के धार्मिक और पर्यटक स्थल के रूप में विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है, जिससे यहां की पवित्रता और स्वच्छता बनाए रखी जा सके।
  • उत्तर प्रदेश सरकार के स्तर पर अयोध्या में बड़े पैमाने पर विकास योजनाएँ चल रही हैं, जिनमें भरतकुंड का सुंदरिकरण, तालाब की साफ-सफाई और पर्यावरणीय सुधार शामिल हैं। 200 करोड़ रुपये की योजना के तहत पर्यटन विभाग इसे बेहतर बनाएगा।
  • इस योजना में सरोवर के आसपास उचित व्यवस्था जैसे स्नान और पूजा के लिए सुविधाएं विकसित करना भी शामिल है, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके।
  • साथ ही, क्षेत्र में भरत पथ जैसी परियोजनाएं भी चल रही हैं, जो तीर्थयात्रा और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं और पर्यटकों के आवागमन को सुगम बनाएंगी।

इस पूरी योजना का उद्देश्य भरतकुंड सरोवर की स्वच्छता, धार्मिक महत्ता बनाए रखना और पर्यावरण संरक्षण करना है, ताकि समुदायक एवं श्रद्धालुओं की निराशा दूर हो सके और प्राकृतिक सुंदरता पुनः स्थापित हो सके.

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