बॉम्बे हाईकोर्ट जज से 6 लाख ठगी: जामताड़ा से मुंबई पुलिस ने आरोपी पकड़ा

मुंबई, 28 मार्च 2026 : साइबर क्राइम का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां बॉम्बे हाईकोर्ट के जज को ठगों ने निशाना बनाकर 6.02 लाख रुपये की ठगी कर ली। मुंबई पुलिस की साइबर सेल ने फर्जी कस्टमर केयर कॉल और फिशिंग ऐप के जरिए हुई इस ठगी के मुख्य आरोपी को झारखंड के जामताड़ा से धर दबोचा है।

यह घटना न केवल न्यायिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि साइबर ठगी मुंबई के बढ़ते मामलों को उजागर करती है। आइए जानते हैं इस बॉम्बे हाईकोर्ट जज ठगी की पूरी कहानी, पुलिस की कार्रवाई और खुद को बचाने के उपाय।
बॉम्बे हाईकोर्ट जज ठगी की पूरी टाइमलाइन: कैसे हुआ 6 लाख का चूना?
बॉम्बे हाईकोर्ट भारत की प्रमुख अदालतों में से एक है, जहां जजों की सुरक्षा और गोपनीयता सर्वोपरि होती है। लेकिन 25 मार्च 2026 को दोपहर करीब 2 बजे, जज के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को SBI कस्टमर केयर का प्रतिनिधि बताया और कहा कि जज के अकाउंट में असामान्य ट्रांजेक्शन हुआ है।
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चरण 1: फर्जी कॉल और डर पैदा करना – ठग ने जज को बताया कि उनका अकाउंट हैक हो गया है और तुरंत OTP शेयर करें, वरना अकाउंट ब्लॉक हो जाएगा।
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चरण 2: फिशिंग ऐप का लिंक भेजा – जज को एक फर्जी ऐप डाउनलोड करने को कहा गया, जो ‘SBI सिक्योर ऐप’ के नाम से था। यह ऐप वास्तव में मैलवेयर से भरा था।
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चरण 3: बैंक डिटेल्स चोरी – ऐप इंस्टॉल होते ही जज के UPI पिन, OTP और अकाउंट डिटेल्स चुरा लिए गए।
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चरण 4: ट्रांसफर और गायब – 30 मिनट के अंदर 6.02 लाख रुपये आरोपी के कई अकाउंट्स में ट्रांसफर हो गए।
जज ने तुरंत संभलते हुए मुंबई पुलिस साइबर सेल में शिकायत दर्ज की। FIR नंबर 245/2026 के तहत जांच शुरू हुई। यह साइबर ठगी के केस में जज का शिकार होना दुर्लभ है, जो आम आदमी से लेकर VIP तक किसी को नहीं बख्शते।
मुंबई पुलिस की साइबर सेल की स्मार्ट जांच: जामताड़ा तक कैसे पहुंचे?
मुंबई पुलिस की साइबर सेल ने 48 घंटे के अंदर केस क्रैक कर लिया। टीम ने निम्नलिखित तरीकों से आरोपी को ट्रैक किया:
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बैंक ट्रांजेक्शन ट्रेल – पैसे झारखंड के कई छोटे अकाउंट्स में ट्रांसफर हुए थे।
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IP ट्रै킹 और लोकेशन – फिशिंग ऐप का सर्वर ट्रैक कर जामताड़ा का पता चला।
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CCTV और मोबाइल डेटा – आरोपी के सिम कार्ड और लोकेशन डेटा से कन्फर्मेशन।
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लोकल पुलिस से कोऑर्डिनेशन – झारखंड पुलिस के साथ मिलकर 27 मार्च रात को छापेमारी।
आरोपी, 28 वर्षीय राहुल कुमार (नाम परिवर्तित), जामताड़ा का रहने वाला है। उसके पास 5 मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप और 50 फर्जी सिम मिले। पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह दिल्ली-मुंबई गैंग का सदस्य है और पिछले 1 साल में 20 से ज्यादा केस कर चुका है। मुंबई पुलिस ने उसे मुंबई कोर्ट में पेश किया, जहां 7 दिन का रिमांड मिला।
साइबर ठगी के आंकड़े: मुंबई में क्यों बढ़ रहे केस?
नीचे दी गई टेबल मुंबई साइबर क्राइम के हालिया आंकड़ों को दिखाती है (स्रोत: NCRB 2025 रिपोर्ट और मुंबई पुलिस डेटा):
बॉम्बे हाईकोर्ट जज ठगी जैसे केस 30% बढ़े हैं, खासकर UPI और फिशिंग से। महाराष्ट्र में रोज 150+ शिकायतें आ रही हैं।
साइबर ठगी के प्रकार: फिशिंग ऐप से लेकर डीपफेक तक
साइबर ठगी मुंबई में कई रूप ले चुकी है। यहां प्रमुख प्रकार:
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फिशिंग स्कैम: फर्जी ऐप/वेबसाइट से डेटा चोरी (इस केस जैसा)।
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कस्टमर केयर फ्रॉड: 40% केस इसी से।
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डीपफेक वीडियो कॉल: सेलिब्रिटी वॉयस क्लोनिंग।
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UPI ट्रैप: क्विक पेमेंट के नाम पर।
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इन्वेस्टमेंट स्कैम: क्रिप्टो/शेयर फ्रॉड।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने पहले भी ऐसे केस सुने हैं, जैसे 2025 में एक जज को 2 लाख की ठगी हुई थी।
कानूनी कोण: IT एक्ट और IPC के तहत सजा
यह केस IT एक्ट 2000 की धारा 66C (डिजिटल साइन चोरी) और 66D (फिशिंग) के तहत दर्ज है। साथ ही IPC 420 (धोखाधड़ी) लागू। सजा: 7 साल तक जेल और जुर्माना। मुंबई पुलिस आरोपी के गैंग के अन्य सदस्यों को भी पकड़ने की कोशिश कर रही है।
जज की पहचान और कोर्ट की प्रतिक्रिया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने जज की पहचान गोपनीय रखी है। चीफ जस्टिस ने सर्कुलर जारी कर सभी जजों को साइबर ट्रेनिंग का आदेश दिया। यह घटना न्यायपालिका में साइबर सिक्योरिटी पर बहस छेड़ रही है।
खुद को साइबर ठगी से कैसे बचाएं? 10 प्रैक्टिकल टिप्स
जामताड़ा गिरफ्तारी से सीख लें। यहां बचाव के उपाय:
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अनजान कॉल्स रिसीव न करें।
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OTP कभी शेयर न करें।
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ऐप स्टोर से बाहर ऐप न डाउनलोड करें।
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टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखें।
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बैंक ऐप में ट्रांजेक्शन अलर्ट सेट करें।
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फिशिंग लिंक पर क्लिक न करें।
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हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।
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पासवर्ड मैनेजर यूज करें।
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रेगुलर अकाउंट चेक करें।
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साइबर सेल ऐप डाउनलोड करें।
विशेषज्ञ सलाह: साइबर एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
डिजिटल फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. राजेश शर्मा कहते हैं, “VIPs को निशाना बनाना ठगों की नई रणनीति है। AI टूल्स से ट्रेनिंग जरूरी।” मुंबई पुलिस साइबर सेल हेड ने कहा, “हम 24×7 मॉनिटरिंग कर रहे हैं।”
संबंधित केस: मुंबई-दिल्ली में VIP ठगी की लिस्ट
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2025: बॉलीवुड एक्टर से 10 लाख ठगी।
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जनवरी 2026: MLA को फिशिंग से 4 लाख का नुकसान।
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फरवरी 2026: डॉक्टर से 8 लाख UPI स्कैम।
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दिल्ली: हाईकोर्ट वकील को 3 लाख की ठगी।
ये केस साइबर ठगी भारत के खतरे को दिखाते हैं। NCRB के अनुसार, 2025 में 1.5 लाख करोड़ का नुकसान हुआ।
भविष्य की चुनौतियां और समाधान
बॉम्बे हाईकोर्ट जज ठगी के बाद सरकार साइबर सिक्योरिटी बिल 2026 ला रही है। इसमें AI डिटेक्शन और स्ट्रिक्ट पेनल्टी होगी। प्राइवेट सेक्टर को भी जिम्मेदारी दी जाएगी। मुंबई पुलिस ने जागरूकता कैंपेन शुरू किया है।
आर्टिकल के मुख्य पॉइंट्स (SEO समरी)
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बॉम्बे हाईकोर्ट जज से 6.02 लाख ठगी।
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जामताड़ा से मुंबई पुलिस ने आरोपी पकड़ा।
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फिशिंग ऐप और फर्जी कॉल से वारदात।
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बचाव टिप्स और कानूनी प्रावधान।
यह साइबर ठगी मुंबई का लेटेस्ट अपडेट है। ज्यादा जानकारी के लिए मुंबई पुलिस साइबर सेल वेबसाइट चेक करें। अगर आपको ठगी का शिकार बनाया गया, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें। न्यूज़ अपडेट्स के लिए हमें फॉलो करें।
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