बजट 2026 के ऐलान से ठीक पहले सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी हैं, जिससे आम निवेशक और उपभोक्ता वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के 1 फरवरी के भाषण पर टकटकी लगाए हैं। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि सीमा शुल्क या जीएसटी में कटौती से कीमतों में कमी आ सकती है, जो ज्वेलरी सेक्टर और मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत साबित होगी।

वर्तमान सोने-चांदी कीमतों में रिकॉर्ड उछाल

सोने की कीमतें 1,59,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच चुकी हैं, जबकि चांदी 3.39 लाख रुपये प्रति किलो तक छू चुकी है। ये आंकड़े वायदा बाजार (MCX) के हैं, जहां 23 जनवरी को दोनों धातुओं ने ऑल-टाइम हाई रिकॉर्ड बनाए। वैश्विक अस्थिरता, रुपये की कमजोरी और सुरक्षित निवेश की मांग ने इस तेजी को बढ़ावा दिया है।

वर्तमान में दिल्ली, मुंबई जैसे प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोना 1,64,000 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। चांदी की कीमतें 3.84 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की खबरें हैं, जो शादी-विवाह सीजन में उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ा रही हैं। पिछले एक साल में चांदी ने 180% तक रिटर्न दिया है, लेकिन फिजिकल खरीद महंगी हो गई है।​​

बजट 2026 का समय और महत्व

1 फरवरी 2026 को संसद में निर्मला सीतारमण अपना नौवां बजट पेश करेंगी, जो 2026-27 के वित्तीय वर्ष के लिए नीतिगत दिशा तय करेगा। यह बजट मध्यम वर्ग, उद्योग और निर्यात पर फोकस कर सकता है, खासकर ज्वेलरी सेक्टर की मांगों को देखते हुए। सर्राफा बाजार में उत्साह है, क्योंकि पिछले बजटों में शुल्क कटौती से कीमतें घटी थीं।​

बजट सत्र 29 जनवरी से शुरू हो चुका है, और निवेशक हर संकेत पर नजर रखे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी नीतियां घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देंगी, जिससे आयात पर निर्भरता कम हो। यह बदलाव सीधे सोने-चांदी के दामों को प्रभावित करेगा।

सीमा शुल्क कटौती की मजबूत संभावना

वर्तमान में सोने-चांदी पर 15% कस्टम ड्यूटी लगती है, जबकि जीएसटी 3% है। उद्योग MMTC-PAMP जैसी कंपनियों ने मांग की है कि घरेलू रिफाइनर्स और आयातित बुलियन पर ड्यूटी बराबर हो। 2021 में ड्यूटी 12.5% से घटाकर 7.5% की गई थी, जिससे कीमतें 10-15% गिरीं। इस बार भी ऐसी कटौती से 10,000-20,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी संभव है।​​

ज्वेलर्स का कहना है कि शुल्क समानता से निर्यात बढ़ेगा, जो 2025 में 50% ऊपर था। अगर ड्यूटी घटती है, तो जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर को 5-7% मार्जिन बढ़ेगा। सरकार पिछले बजट में सात शुल्क दरों को एकीकृत कर चुकी है, और इस बार औद्योगिक वस्तुओं पर फोकस रहेगा।

जीएसटी में कमी की उम्मीदें

सोने पर 3% जीएसटी को 1.5% या शून्य करने की मांग तेज है। इससे गहनों की खुदरा कीमतें 2-3% कम होंगी, जो मांग को 20% बढ़ा सकती है। डिजिटल गोल्ड को प्रोत्साहन के लिए नए नियम आ सकते हैं, क्योंकि SEBI ने पहले चेतावनी दी थी। बजट में डिजिटल निवेश को बढ़ावा देने से युवा वर्ग आकर्षित होगा।

विशेषज्ञ शरद कोहली जैसे विश्लेषकों का मानना है कि जीएसटी राहत से उपभोक्ता विश्वास बढ़ेगा। पिछले साल चांदी की तेजी ने निवेशकों को रिटर्न दिया, लेकिन जीएसटी बोझ बढ़ा। सरकार मिडिल क्लास को टारगेट कर रही है।

ज्वेलरी इंडस्ट्री की प्रमुख मांगें

ज्वेलरी सेक्टर ने PAN-Aadhaar लिमिट को 2 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की मांग की है। 2016 में सोना 25-32k था, अब 1.6 लाख है, इसलिए पुराना नियम अव्यवहारिक है। निर्यात बढ़ाने के लिए ड्यूटी ड्रॉबैक स्कीम मजबूत हो सकती है। घरेलू रिफाइनिंग को बढ़ावा से आयात बिल 20% कम होगा।

GJEPC ने सरकार से 6% ड्यूटी तक कटौती की अपील की है। इससे 5 लाख नौकरियां पैदा होंगी। इंडस्ट्री 2025 में 70 बिलियन डॉलर निर्यात लक्ष्य पर है।

वैश्विक कारक और रुपये का प्रभाव

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना $2700/औंस के पार है, चांदी $45/औंस। ग्रीनलैंड तनाव, फेड रिजर्व नीतियां और US चुनाव असर डाल रहे हैं। रुपये की गिरावट (84-85/$) ने आयात महंगा किया। बजट में विदेशी मुद्रा प्रबंधन पर फोकस से स्थिरता आएगी।

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता है। वैश्विक मांग चीन के साथ बढ़ रही है।

निवेशकों के लिए सलाह और रणनीतियां

निवेशक बजट का इंतजार करें। अगर ड्यूटी कट, तो फिजिकल गोल्ड खरीदें। डिजिटल गोल्ड या ETF सुरक्षित। चांदी में लॉन्ग टर्म होल्ड करें, क्योंकि औद्योगिक मांग बढ़ेगी। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि 1 फरवरी के बाद खरीदारी करें।

पोर्टफोलियो में 10-15% सोना-चांदी रखें। वैट ऐंड हेज फंड्स देखें।

ऐतिहासिक बजटों का सोने-चांदी पर प्रभाव

2024 बजट में ड्यूटी कट से सोना 10% गिरा। 2021 में 7.5% ड्यूटी से मांग 25% बढ़ी। 2023 में कोई बदलाव, लेकिन कीमतें स्थिर रहीं। ट्रेंड दिखाता है कि कटौती से तत्काल राहत मिलती है।

2025 बजट ने निर्यात को बढ़ावा दिया।

मध्यम वर्ग पर बढ़ती कीमतों का बोझ

शादी सीजन में 10 ग्राम सोना 1.6 लाख से ऊपर होने से बजट बढ़ा। मिडिल क्लास जीएसटी कट की उम्मीद कर रहा। डिजिटल विकल्प सस्ते पड़ेंगे।

लोगों का कहना है कि राहत से खरीदारी बढ़ेगी।

निर्यात और रोजगार पर संभावित असर

ज्वेलरी निर्यात 2025 में रिकॉर्ड 50 बिलियन डॉलर। ड्यूटी कट से 2026 में 60 बिलियन लक्ष्य। 50 लाख कारीगर लाभान्वित होंगे। सूरत, जयपुर हब मजबूत होंगे।

सरकार ‘मेक इन इंडिया’ को सपोर्ट।

डिजिटल गोल्ड का उभरता ट्रेंड

Paytm, PhonePe पर डिजिटल गोल्ड लोकप्रिय। बजट में टैक्स छूट से 30% ग्रोथ। SEBI गाइडलाइंस मजबूत होंगी। युवा 1 ग्राम से निवेश कर सकेंगे।

विशेषज्ञ भविष्यवाणियां

विशेषज्ञों का कहना है कि बजट के बाद 5-10% गिरावट संभव। शरद कोहली ने उतार-चढ़ाव की चेतावनी दी। लॉन्ग टर्म बुलिश आउटलुक।

उपभोक्ता सुझाव: बजट से पहले क्या करें?

खरीदारी टालें। MCX ट्रैक करें। वैल्यू फॉर मनी ज्वेलर्स चुनें। हॉलमार्क्ड गोल्ड ही लें।
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