8वां वेतन आयोग: कर्मचारियों की सैलरी-पेंशन में बंपर बढ़ोतरी, सरकार पर 9 लाख करोड़ का बोझ!

8वें वेतन आयोग के लागू होते ही केंद्र सरकार के लगभग 1 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की सैलरी व पेंशन में 30-34 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी होने का अनुमान है, जिसमें फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.46 तक रह सकता है। इससे महंगाई भत्ता (DA) जीरो हो जाएगा, लेकिन नई पे मैट्रिक्स लागू होगी और HRA, TA जैसे भत्तों की समीक्षा होगी।

इकोनॉमिस्ट नीलकंठ मिश्रा का चौंकाने वाला अनुमान
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य नीलकंठ मिश्रा ने चेतावनी दी है कि आयोग से सैलरी-पेंशन का कुल खर्च 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच सकता है, और बकाया जोड़कर यह 9 लाख करोड़ तक हो जाएगा। यह बोझ राजकोषीय घाटे पर दबाव डालेगा, खासकर FY28 में डेट-जीडीपी लक्ष्य बनाए रखने में मुश्किल होगी। अन्य विशेषज्ञों का मानना है कि प्रभाव GDP का 0.6-0.8 प्रतिशत तक सीमित रह सकता है।
कर्मचारियों व पेंशनर्स को क्या-क्या फायदा?
नई सिफारिशों से सैलरी स्लैब्स रिवाइज होंगे, बेसिक पे बढ़ेगा और जीवन स्तर में सुधार आएगा। पेंशनभोगियों को भी संशोधित पेंशन मिलेगी, जैसा सरकार ने संसद में स्पष्ट किया है। हालांकि, DA को मूल वेतन में मर्ज करने का कोई प्लान नहीं है।
कब लागू होगा आयोग, क्या हैं चुनौतियां?
2025 में गठित आयोग 18-24 महीनों में रिपोर्ट सौंपेगा, जो 1 जनवरी 2026 से प्रभावी हो सकता है। सरकार को पूंजीगत खर्च बचाते हुए इसे लागू करना होगा, वरना राज्यों पर भी असर पड़ेगा। इससे उपभोग बढ़ेगा, लेकिन वित्तीय अनुशासन जरूरी है।

