तोप, गोलीबारी और हवाई हमले… रात भर चले पाकिस्तान-तालिबान युद्ध

पाकिस्तान और अफगानिस्तान सीमा पर फिर से गंभीर झड़प हुई है, जिसमें रातभर गोलीबारी जारी रही और कई चौकियां नष्ट हुईं। यह झड़प खासकर खैबर पख्तूनख्वा के कुर्रम जिले में मंगलवार तड़के हुई, जिसमें दोनों पक्षों ने तोपखाने, टैंक्स और भारी हथियारों का इस्तेमाल किया।

पाकिस्तान सेना ने अफगान तालिबान की कई चौकियों को नष्ट करने का दावा किया है और एक अफगान टैंक को भी नष्ट करने की बात कही गई है। अफगान पक्ष ने भी कई पाकिस्तानी सैनिकों की मौत और चौकियों पर कब्जे का दावा किया है। इस संघर्ष में नागरिक घर भी तबाह हुए और कई लोग अपने घर छोड़ भागे।
झड़प की वजह पाकिस्तान की ओर से तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के खिलाफ कार्रवाई और अफगानिस्तान की ओर से जवाबी गोलाबारी बताई जा रही है। दोनों देशों के बीच डूरंड रेखा को लेकर लंबे समय से विवाद है, और हालिया हिंसक झड़पों ने तनाव और बढ़ा दिया है।
सारांश:
- पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच कुर्रम जिले में झड़प, रातभर गोलीबारी.
- दोनों ओर से भारी हथियारों का इस्तेमाल, कई अफगान चौकियां नष्ट.
- पाकिस्तान ने तालिबान टैंक नष्ट करने और चौकियों पर कब्जे का दावा किया.
- अफगानिस्तान ने पाक सैनिकों की मौत और चौकियों पर कब्जे की बात कही.
- नागरिक घर तबाही के साथ प्रभावित, कई लोग विस्थापित.
- डूरंड लाइन सीमा को लेकर पुराना विवाद, TTP के खिलाफ पाक कार्रवाई टकराव का कारण.
- तनाव के कारण क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति खराब.
यह झड़प पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर हालिया सबसे गंभीर संघर्षों में से एक है, जो दोनों देशों के बीच स्थिति को और पेचीदा कर रही है.
सीमा पर हुई झड़प के पीछे मुख्य कारण
पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर हुई हालिया झड़प के पीछे मुख्य कारण डूरंड लाइन को लेकर पुराना विवाद और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का सक्रिय होना है।
डूरंड लाइन वह 2,640 किलोमीटर लंबी सीमा है जिसे ब्रिटिश भारत और अफगानिस्तान के बीच 1893 में खींचा गया था। अफगानिस्तान और तालिबान इसे कभी वैध सीमा नहीं मानते, जबकि पाकिस्तान इसे अपनी अंतरराष्ट्रीय सीमा मानता है। इसी वजह से दोनों देशों के बीच सीमा पर घुसपैठ, चौकियों का निर्माण और गोलीबारी का सिलसिला चलता रहता है जिससे तनाव बना रहता है।
दूसरी बड़ी वजह TTP है, जो पाकिस्तान में सक्रिय एक आतंकवादी संगठन है और इसका मकसद पाकिस्तान में शरीयत कानून लागू करना और सरकार को अस्थिर करना है। पाकिस्तान आरोप लगाता रहा है कि TTP को अफगान तालिबान संरक्षण दे रहा है। 2025 में TTP की गतिविधियां तेज हो गई हैं, और पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के काबुल में TTP ठिकानों पर हवाई हमले भी किए हैं। इसके जवाब में अफगान तालिबान ने सीमा पर पाकिस्तानी चौकियों पर हमले और गोलीबारी की।
साथ ही, अफगान तालिबान के विदेश मंत्री की भारत यात्रा और भारत का काबुल में दूतावास फिर से खोलना पाकिस्तान के लिए चिंता का कारण बन रहा है, जिससे भी तनाव बढ़ा है।
संक्षेप में कारण:
- डूरंड लाइन को लेकर वैधता विवाद, अफगानिस्तान इसे स्वीकार नहीं करता।
- पाकिस्तान का TTP के खिलाफ कार्रवाई और अफगान तालिबान का समर्थन।
- सीमा पर घुसपैठ, चौकियों का निर्माण और जवाबी हमले।
- क्षेत्रीय और राजनयिक तनाव, भारत-अफगानिस्तान निकटता को पाकिस्तान संदेह की नजर से देखता है।
यह कारण पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर ताजा और गंभीर झड़पों के लिए जिम्मेदार रहे हैं.
इस संघर्ष में नागरिकों के नुकसान की संख्या
पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा संघर्ष में सैन्य बलों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी भारी क्षति हुई है।
- इस हालिया झड़प में पाकिस्तान और अफगान सेना के बीच और तालिबान के बीच कई हताहत हुए हैं। 11-12 अक्टूबर की लड़ाई में पाकिस्तानी सेना ने 23 सैनिकों की मौत की पुष्टि की है, जबकि अफगान पक्ष ने 58 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया है। तालिबान और उससे जुड़े गुटों के 200 से अधिक लड़ाकों के मारे जाने का भी दावा पाकिस्तान ने किया है।
- सीमा संघर्ष में नागरिक इलाकों पर भी दोطرفा गोलीबारी और तोपखाने का उपयोग हुआ, जिससे कई नागरिक घायल और विस्थापित हुए हैं। अफगानिस्तान के कंधार प्रांत और स्पिन बोल्डक जिले में नागरिकों के घर बुरी तरह प्रभावित हुए और कई लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए।
- हालांकि नागरिकों की मौतों की सटीक संख्या का विवरण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन भारी गोलाबारी और रिहायशी इलाकों पर हमले के कारण नागरिक हताहत और विस्थापन की खबरें मिल रही हैं।
इसलिए इस संघर्ष में सैनिकों के साथ-साथ गंभीर मात्रा में नागरिकों को भी नुकसान हुआ है और इलाके में व्यापक दहशत पाई जा रही है.

