कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के फतेहपुर पहुंचे, जहां उन्होंने रायबरेली में मारे गए दलित युवक हरिओम वाल्मीकि के परिजनों से मिलने की कोशिश की। हालांकि, हरिओम के परिवार ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया और साफ कहा कि वे किसी भी राजनीतिक दल के नेता से नहीं मिलना चाहते हैं ।

परिवार के छोटे भाई शिवम वाल्मीकि ने कहा कि सरकार ने आर्थिक मुआवजा, सरकारी नौकरी और न्याय का भरोसा दिया है, जिससे वे संतुष्ट हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे अपने भाई की मौत पर किसी तरह की राजनीति नहीं चाहते । घटना के बाद यूपी सरकार ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मृतक की बहन कुसुम देवी को स्थानीय मेडिकल कॉलेज में नर्स की नौकरी प्रदान की गई है ।

2 अक्टूबर को रायबरेली में हरिओम वाल्मीकि को ग्रामीणों ने चोर समझकर पीट-पीटकर मार डाला था, जिससे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर दलित उत्पीड़न को लेकर राजनीतिक बहस छिड़ गई थी । राहुल गांधी का यह दौरा कांग्रेस की कोशिश थी कि वे पीड़ित परिवार से संवेदना जताकर न्याय की मांग करें, लेकिन परिवार की ओर से मना किए जाने से यह मुलाकात नहीं हो सकी ।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2025 को उत्तर प्रदेश के फतेहपुर पहुंचे, जहां उन्होंने रायबरेली के ऊंचाहार क्षेत्र में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मारे गए दलित युवक हरिओम वाल्मीकि के परिवार से मिलने का कार्यक्रम तय किया था। लेकिन हरिओम के परिवार ने कांग्रेस नेता से मुलाकात करने से इनकार कर दिया ।

घटना की पृष्ठभूमि

हरिओम वाल्मीकि की 2 अक्टूबर की रात रायबरेली जिले के जमुनापुर गांव के पास भीड़ ने चोरी के शक में बेरहमी से पिटाई कर दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना से पूरे प्रदेश में गुस्सा फैल गया और मामला राजनीति का केंद्र बन गया ।

राहुल गांधी की यात्रा

राहुल गांधी, जो लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं, शुक्रवार सुबह दिल्ली से रवाना होकर कानपुर पहुंचे और वहां से सड़क मार्ग से फतेहपुर पहुंचे। उनका कार्यक्रम हरिओम के परिवार से लगभग आधे घंटे मिलने का था। यह यात्रा कांग्रेस द्वारा दलितों के खिलाफ बढ़ती हिंसा के मुद्दे को उठाने के प्रयास के रूप में देखी जा रही थी ।

परिवार का इंकार

मृतक हरिओम के छोटे भाई शिवम वाल्मीकि ने साफ कहा कि वे राहुल गांधी से नहीं मिलेंगे, क्योंकि वे सरकार से संतुष्ट हैं और किसी भी राजनीतिक दल को इस घटना पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। परिवार के घर के पास राहुल गांधी के विरोध में पोस्टर लगाए गए, जिन पर लिखा था — “दर्द को मत भुनाओ, वापस जाओ” ।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया

कांग्रेस के प्रदेश महासचिव विवेकानंद पाठक ने दावा किया कि परिवार पर प्रशासन द्वारा दबाव बनाया गया है और यह बयान योगी सरकार की शह पर आया है। वहीं, राहुल गांधी की यात्रा के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनका मकसद परिवार को न्याय दिलाने का समर्थन जताना था, न कि राजनीतिक लाभ लेना ।

योगी सरकार की कार्रवाई

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 11 अक्टूबर को हरिओम की पत्नी संगीता वाल्मीकि और परिजनों से मुलाकात की थी। उन्होंने एक सदस्य को सरकारी नौकरी, आवास योजना के तहत घर और अन्य सरकारी मदद देने की घोषणा की थी ।

सारांश रूप में, राहुल गांधी की यह यात्रा विवाद के केंद्र में रही — परिवार ने राजनीतिक हस्तक्षेप से दूरी बनाई, जबकि कांग्रेस ने इसे दबाव और डर का परिणाम बताया।

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