दिल्ली-एनसीआर में सर्दी ने इस बार कुछ ज्यादा ही सख्त तेवर दिखा दिए हैं। लगातार दूसरे दिन राजधानी और आसपास के इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। सुबह के समय दृश्यता कई इलाकों में बेहद कम दर्ज की गई, जिसके चलते सड़क, रेल और हवाई यातायात पर सीधा असर पड़ा। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

यह कोहरा सिर्फ ठंड का असर नहीं है, बल्कि इसके पीछे मौसम से जुड़ी कई जटिल वजहें हैं, जिनका प्रभाव दिल्ली-एनसीआर में हर साल देखने को मिलता है। इस लेख में हम जानेंगे कि घने कोहरे की वजह क्या है, इसका असर आम लोगों की जिंदगी पर कैसे पड़ रहा है, मौसम विभाग का येलो अलर्ट क्या संकेत देता है और आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज कैसा रह सकता है।

राजधानी पर कोहरे की मोटी चादर

सुबह के समय जब लोग अपने घरों से निकलते हैं, तो चारों ओर धुंध की एक मोटी परत दिखाई देती है। सड़कों पर चल रही गाड़ियां हेडलाइट जलाकर रेंगती नजर आती हैं। कई जगहों पर दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई, जो बेहद खतरनाक स्थिति मानी जाती है। खासकर हाईवे और एक्सप्रेसवे पर यह कोहरा दुर्घटनाओं की आशंका को कई गुना बढ़ा देता है।

दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा जैसे इलाकों में कोहरे का असर लगभग समान रूप से देखा गया। सुबह 6 से 10 बजे के बीच स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर रह

मौसम विभाग का ‘येलो अलर्ट’ क्या है?

भारतीय मौसम विभाग (IMD) मौसम की गंभीरता के आधार पर अलग-अलग अलर्ट जारी करता है—ग्रीन, येलो, ऑरेंज और रेड।

येलो अलर्ट का मतलब है:

  • मौसम सामान्य नहीं है
  • सतर्क रहने की जरूरत है
  • रोजमर्रा की गतिविधियों पर असर पड़ सकता है

दिल्ली-NCR के लिए जारी येलो अलर्ट यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में कोहरा और ठंड दोनों ही परेशान कर सकते हैं। खासतौर पर सुबह और रात के समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

क्यों बन रहा है इतना घना कोहरा?

दिल्ली-NCR में घने कोहरे के पीछे कई प्राकृतिक और मानवीय कारण हैं:

1. तापमान में गिरावट

रात के समय तापमान तेजी से गिर रहा है। ठंडी हवा जमीन के पास जमा हो जाती है और ऊपर की हवा अपेक्षाकृत गर्म रहती है, जिससे तापमान उलटाव (Temperature Inversion) की स्थिति बनती है।

2. हवा की रफ्तार कम होना

जब हवा शांत होती है, तो प्रदूषक और नमी वातावरण में फंस जाते हैं। यही नमी कोहरे का रूप ले लेती है।

3. प्रदूषण की भूमिका

दिल्ली पहले से ही वायु प्रदूषण की समस्या से जूझती है। हवा में मौजूद धूल और सूक्ष्म कण कोहरे को और घना बना देते हैं, जिससे स्मॉग जैसी स्थिति बन जाती है।

4. पश्चिमी विक्षोभ का असर

उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी मौसम में नमी बढ़ा रहा है, जो कोहरे के बनने में मदद करता है।

सड़क यातायात पर असर

घने कोहरे का सबसे बड़ा असर सड़क यातायात पर देखने को मिला। कई जगहों पर:

  • वाहन धीमी गति से चलते नजर आए
  • एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी
  • छोटी-बड़ी दुर्घटनाओं की खबरें सामने आईं

ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की कि:

  • हेडलाइट और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें
  • सुरक्षित दूरी बनाए रखें
  • तेज रफ्तार से बचें

रेल सेवाएं हुईं प्रभावित

कोहरे का असर भारतीय रेलवे पर भी पड़ा। दिल्ली से गुजरने वाली कई ट्रेनें:

  • अपने निर्धारित समय से देरी से चलीं
  • कुछ ट्रेनें 2 से 6 घंटे तक लेट रहीं

इससे यात्रियों को स्टेशन पर लंबा इंतजार करना पड़ा। खासकर लंबी दूरी की ट्रेनें सबसे ज्यादा प्रभावित हुईं।

हवाई यातायात की स्थिति

इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी कोहरे का असर साफ दिखा।

  • कई फ्लाइट्स लेट रहीं
  • कुछ उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा

हालांकि CAT-III तकनीक से लैस विमानों की मदद से संचालन को पूरी तरह बंद नहीं किया गया, लेकिन यात्रियों को असुविधा जरूर झेलनी पड़ी।

आम जनजीवन पर प्रभाव

घना कोहरा सिर्फ ट्रैफिक तक सीमित नहीं रहता, इसका असर रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ता है।

स्कूली बच्चे

सुबह-सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों को ठंड और कम दृश्यता दोनों से जूझना पड़ा। कई अभिभावकों ने स्कूल टाइमिंग में बदलाव की मांग की।

दफ्तर जाने वाले लोग

ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों को समय से निकलने के बावजूद देरी का सामना करना पड़ा।

बुजुर्ग और बीमार लोग

ठंड और प्रदूषण से सांस संबंधी समस्याएं बढ़ने लगी हैं। अस्पतालों में सर्दी-खांसी और अस्थमा के मरीजों की संख्या में इजाफा देखा गया।

स्वास्थ्य पर कोहरे का असर

घना कोहरा और प्रदूषण मिलकर स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।

संभावित समस्याएं:

  • आंखों में जलन
  • सांस लेने में दिक्कत
  • गले में खराश
  • अस्थमा और ब्रोंकाइटिस की समस्या

डॉक्टरों की सलाह है कि:

  • सुबह की सैर से बचें
  • मास्क पहनकर बाहर निकलें
  • गर्म कपड़े और तरल पदार्थ का सेवन करें

प्रशासन और सरकार की तैयारियां

दिल्ली सरकार और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

  • ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई
  • अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया
  • जरूरत पड़ने पर स्कूलों के समय में बदलाव पर विचार

सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

आने वाले दिनों का मौसम कैसा रहेगा?

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक:

  • अगले कुछ दिनों तक सुबह और रात में घना कोहरा बना रह सकता है
  • तापमान में और गिरावट संभव है
  • दिन में हल्की धूप निकलने से कुछ राहत मिल सकती है

हालांकि, जब तक हवा की रफ्तार नहीं बढ़ती और मौसम साफ नहीं होता, तब तक कोहरे से पूरी तरह राहत मिलने की संभावना कम है।

कोहरे के दौरान क्या करें और क्या न करें

क्या करें:

  • वाहन चलाते समय फॉग लाइट का इस्तेमाल करें
  • गर्म कपड़े पहनें
  • समय से पहले निकलें

क्या न करें:

  • तेज रफ्तार से वाहन न चलाएं
  • बिना जरूरत बाहर न निकलें
  • खुले में आग जलाने से बचें

दिल्ली-NCR में लगातार दूसरे दिन छाया घना कोहरा यह साफ संकेत देता है कि सर्दी का असर अभी और बढ़ सकता है। मौसम विभाग का येलो अलर्ट हमें चेतावनी देता है कि हालात सामान्य नहीं हैं और सतर्कता बेहद जरूरी है। कोहरा सिर्फ मौसम की समस्या नहीं, बल्कि यह स्वास्थ्य, यातायात और जनजीवन से सीधे जुड़ा मुद्दा है।

जब तक मौसम में बदलाव नहीं आता, तब तक सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। सही जानकारी, संयम और जागरूकता के साथ हम इस मौसम की चुनौती को सुरक्षित तरीके से पार कर सकते हैं।
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