राघव चड्ढा ने मोदी‑BJP विरोधी पोस्ट डिलीट किए? AAP नेता सौरभ भारद्वाज का बड़ा आरोप, AAP–BJP राजनीतिक तूफ़ान तेज

नई दिल्ली, 5 अप्रैल 2026: आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर सियासी ऐनी चल रही है और अब इस तूफ़ान का केंद्र बन गए हैं राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा। AAP दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दावा किया है कि राघव चड्ढा ने X (पूर्व ट्विटर) पर अपनी पुरानी मोदी‑BJP विरोधी पोस्ट्स को सिस्टेमैटिक तरीके से “डिलीट” करवा दिया है। इससे AAP और BJP के बीच नया राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है।

सौरभ भारद्वाज का धमाकेदार आरोप: चड्ढा ने मोदी‑BJP विरोधी पोस्टें मिटाईं?
AAP दिल्ली इकाई के प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने हाल ही में सोशल मीडिया और जनता के सामने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि राघव चड्ढा ने अपने X अकाउंट से वे सभी पोस्ट डिलीट कीं, जिनमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जमकर आलोचना की थी। उन्होंने कहा कि अब चड्ढा के टाइमलाइन पर “मोदी” या “BJP” शब्द वाली केवल दो पोस्ट बची हैं और दोनों में प्रधानमंत्री की प्रशंसा की गई है।
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि यह कोई आम सफाई अभियान नहीं, बल्कि चड्ढा के द्वारा अपनी “सार्वजनिक छवि को नया रूप देने” की गुप्त रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने ठीक इसी बात को कहते हुए कहा, “राघव चड्ढा ने अपनी पुरानी तीखी छवि को पूरी तरह मिटाकर एक नई, चमकदार और शालीन छवि पेश कर दी है।” इस बयान से साफ झलकता है कि AAP चड्ढा को “मोदी–BJP मुद्दे पर मुंह बंद करते हुए खेलने वाले” नेता के रूप में देख रही है।
ट्वीट्स कहाँ गए? सोशल मीडिया से गायब क्यों की गईं आलोचनात्मक पोस्ट्स?
सौरभ भारद्वाज ने अपने दावों को और ज्यादा तेज करते हुए कहा कि जिन पोस्ट्स को पहले AAP नेताओं ने शेयर और रिट्वीट किया था, उन्हें भी चड्ढा के अकाउंट से हटा दिया गया है। इसलिए अब “मोदी” या “BJP” कीवर्ड से खोज करने पर तीखी आलोचनात्मक टिप्पणियाँ नहीं मिल रहीं। उनका दावा यह भी है कि चड्ढा के अकाउंट पर अब जो छवि दिख रही है, वह उनकी पहले वाली तीखी और आक्रामक राजनीतिक छवि के बिल्कुल उलट बनती है।
इस बात से आम जनता और नेटिज़न्स के बीच चर्चा शुरू हो गई है कि क्या चड्ढा ने अपनी राजनीतिक छवि को नरम करने के लिए यह कदम उठाया है या फिर इसके पीछे किसी और “डील” की संभावना है। आजकल दिल्ली और राष्ट्रीय राजनीति में दोनों ही दिशाओं में अफवाहें तेजी से चल रही हैं।
राघव चड्ढा कौन हैं और AAP‑BJP मोर्चे पर उनकी भूमिका?
राघव चड्ढा AAP के बहुत बड़े प्रचारकों और कैम्पेन मैनेजरों में गिने जाते हैं। वह राज्यसभा सांसद भी हैं और AAP की दिल्ली‑पंजाब‑पश्चिम बंगाल तक चुनावी रणनीति में उनकी भूमिका काफी अहम मानी जाती रही है। इसी वजह से उनकी तीखी सोशल मीडिया पोस्ट्स भी काफी वायरल होती थीं और उन्हें नेतृत्व के एक बोल्ड चेहरे के रूप में देखा जाता था।
हाल ही में आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा में अपने डिप्टी लीडर की सूची से राघव चड्ढा का नाम हटाव करते हुए उन्हें इस पद से हटा दिया है। इसके बाद से चड्ढा और AAP नेतृत्व के बीच तनाव चर्चा में है। अब भारद्वाज के आरोप ने इस तनाव को और बाहर खींच लिया है और सवाल यह उठा कि क्या चड्ढा “मोदी‑BJP से दूर” होने की राजनीतिक तैयारी कर रहे हैं?
आतिशी, संजय सिंह और AAP नेताओं का भी दबाव
सौरभ भारद्वाज अकेले नहीं हैं, आप नेतृत्व के कई दिग्गज राघव चड्ढा पर सीधे या अप्रत्यक्ष तरीके से तीखे आरोप लगा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी मारलेना और सांसद संजय सिंह सहित कई नेताओं ने इस बात पर जोर दिया है कि चड्ढा संसद में मोदी और BJP के खिलाफ बड़े मुद्दे उठाने के बजाय “मुंह बंद” रह रहे हैं।
आतिशी ने उदाहरण देते हुए कहा कि एलपीजी संकट जैसे बड़े जनहित मुद्दे को चड्ढा ने संसद में काफी देर तक नहीं उठाया, जबकि वह राज्यसभा में AAP की तरफ से आवाज बनने के लिए चुने गए थे। इस तरह के आरोपों ने आप शिविर में चड्ढा के खिलाफ एक व्यापक नाराज़गी पैदा कर दी है, जिसे अब सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर और खुलकर बयानबाज़ी के जरिए दिखाया है।
राघव चड्ढा का जवाब: ‘मैं घायल इसलिए घातक हूँ’
इन आरोपों के बाद राघव चड्ढा ने भी अपनी ओर से जवाब दिया है। उनका कहना है कि उन्हें यह लगता है कि पार्टी नेतृत्व उन्हें “डरा हुआ” और “असमर्थ” नेता की छवि देने की कोशिश में है। चड्ढा ने कहा, “मैं घायल हूँ, इसलिए घातक हूँ… जब किसी को बार‑बार धक्के दिए जाएं तो वह और ज़्यादा तेज़ी से जवाब देता है।”
‘मैं घायल हूँ, इसलिए घातक हूँ’
राघव चड्ढा ने अपनी ओर से जारी बयान में कहा, “मैं घायल हूँ, इसलिए घातक हूँ… जब किसी को बार‑बार धक्के दिए जाएं, तो वह और ज़्यादा तेज़ी से जवाब देता है।” इस बयान के जरिए वह यह संकेत दे रहे हैं कि अंदरूनी दबाव और आलोचना के बावजूद वह राजनीति में और ज्यादा मजबूती से लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। उनके अनुसार, अब तो वह अपनी राजनीतिक रणनीति को और भी तेज‑तर्रार तरीके से बनाने जा रहे हैं।
सोशल मीडिया कंटेंट को लेकर चड्ढा का बदलता टोन
चड्ढा के मुताबिक, वह अपनी राजनीतिक रणनीति को लेकर अलग‑अलग तरीके से सोच रहे हैं। इसमें शामिल है कि वह सोशल मीडिया पर अब “ज़्यादा शांत और संतुलित कंटेंट” देखना चाहते हैं। उनका मानना है कि तीखे और भावनात्मक ट्वीट्स से ज़्यादा असरदार तरीका यह है कि मुद्दों को तर्क और तथ्य के आधार पर उठाया जाए। इसी वजह से, उन्होंने यह निर्णय लिया कि वह सोशल मीडिया पर अपनी छवि को एक ज़्यादा दृढ़ और विचारक‑प्रकृति वाले नेता के रूप में बनाएंगे।
BJP या मोदी के खिलाफ बोलने से नहीं डरते
राघव चड्ढा ने यह भी साफ किया कि वह BJP या मोदी के खिलाफ बोलने से बिल्कुल नहीं डरते। उनका कहना है कि अगर मुद्दे होंगे, तो वह अपनी आवाज़ बिल्कुल ज़ोर से उठाएंगे, लेकिन रणनीतिक तौर पर। उनकी राय में बड़े‑बड़े बयान देने से ज़्यादा ज़रूरी है कि आवाज़ “सही समय, सही मंच और सही तरीके” से उठे। इसलिए वह अब अपनी राजनीतिक अभिव्यक्तियों को और ज़्यादा मैनेज किए हुए और दृष्टि वाले तरीके से पेश करना चाहते हैं।
भावनाएँ और राजनीति दोनों के बीच तालमेल
राघव चड्ढा ने अपने बयान में यह भी रेखांकित किया कि राजनीति में भावनाएँ और तर्क दोनों का बराबर महत्व होता है। उनका कहना है कि जिस तरह से उनके ऊपर निशाना साधा जा रहा है, उससे वह घायल ज़रूर हुए हैं, लेकिन इसी घाव ने उन्हें और ज़्यादा संकल्पित और लड़ाकू बना दिया है। वह यह नहीं छोड़ना चाहते कि उनकी छवि को बदनाम करने के लिए उनके अतीत के ट्वीट्स या बयानों को मोड़ा जाए।
आगे की राजनीतिक रणनीति क्या होगी?
राघव चड्ढा साफ तौर पर इशारा कर रहे हैं कि आगे की राजनीतिक रणनीति में वह अपनी आवाज़ को बिल्कुल नहीं दबाएंगे, बल्कि उसे और ज़्यादा संगठित और मजबूत तरीके से निकलवाएंगे। वह चाहते हैं कि लोग उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में याद रखें, जो राजनीतिक दबाव में आकर नहीं झुका, बल्कि उस दबाव को एक औज़ार बनाकर खुद को और ज़्यादा तेज करने में कामयाब रहा। इस तरह, ‘मैं घायल हूँ, इसलिए घातक हूँ’ वाला बयान उनकी सोच का पूरा दर्शन बन जाता है।
जनता के लिए चड्ढा का संदेश
अंत में राघव चड्ढा ने जनता के लिए एक संदेश भी दिया कि वह अपनी राजनीतिक यात्रा में अपनी सच्चाई से नहीं झुकेंगे। उनका कहना है कि अगर उनके खिलाफ गलत तरह से आरोप लगाए जाएंगे, तो वह उनका जवाब न्याय और तर्क के साथ देना जारी रखेंगे। उनका यह भी बयान है कि वह जनहित के मुद्दों पर बिना दबाव में आए खुले तौर पर बोलते रहेंगे, चाहे वह चुनावी मौसम हो या नियमित राजनीतिक दौर।
कलर प्रिंटर से नकली 500 नोट कैसे छापे बहराइच गैंग, पुलिस ने ऐसे पकड़ा
https://thedbnews.in/did-raghav-chadha-delete-his-anti-modi-and-bjp-tweets-saurabh-bhardwajs-big-allegation/https://thedbnews.in/wp-content/uploads/2026/04/ragav_aap_daily_9755-1024x573.jpghttps://thedbnews.in/wp-content/uploads/2026/04/ragav_aap_daily_9755-150x150.jpgराजनीतिराष्ट्रीय समाचारस्थानीय / राज्य समाचारAAP BJP विवाद,AAP–BJP राजनीतिक तूफ़ान,Breaking News,Breaking News in Hindi,Breaking News Live,HIndi News,Hindi News Live,Latest News in Hindi,News in Hindi,The Daily Briefing,The DB News,ताज़ा हिंदी समाचार,दिल्ली राजनीति न्यूज़,मोदी विरोधी ट्वीट्स,मोदी‑BJP विरोधी,राघव चड्ढा पोस्ट डिलीट,सौरभ भारद्वाज आरोप,हिंदी समाचारनई दिल्ली, 5 अप्रैल 2026: आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर सियासी ऐनी चल रही है और अब इस तूफ़ान का केंद्र बन गए हैं राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा। AAP दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दावा किया है कि राघव चड्ढा ने X (पूर्व ट्विटर) पर अपनी पुरानी मोदी‑BJP...The Daily BriefingThe Daily Briefing infodailybriefing@gmail.comEditorThe Daily Briefing
