ग्रहण 2026: फरवरी-मार्च में 2 ग्रहण, इन 4 राशियों को धन लाभ-प्रमोशन! तारीख, समय, सूतक

नई दिल्ली, 5 फरवरी 2026: वर्ष 2026 ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास है। फरवरी और मार्च में लगने वाले दो प्रमुख ग्रहण राशि चक्र पर गहरा प्रभाव डालेंगे। चार भाग्यशाली राशियों को धन लाभ, करियर में प्रमोशन और व्यापारिक प्रॉफिट की प्राप्ति होगी। इस विस्तृत रिपोर्ट में ग्रहण की तारीख, समय, सूतक काल, राशि फल और उपायों की पूरी जानकारी दी गई है।

ग्रहण 2026 का कैलेंडर: फरवरी-मार्च की पूरी लिस्ट
2026 में कुल चार ग्रहण लगेंगे, लेकिन फरवरी-मार्च में पहले दो ग्रहण विशेष महत्व रखते हैं। पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को फाल्गुन अमावस्या पर लगेगा, जो कंकणाकार (वलयाकार) होगा। दूसरा चंद्र ग्रहण 3 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा पर पड़ेगा, जो पूर्ण रूप से भारत में दृश्यमान होगा।
ये ग्रहण सूर्य-चंद्रमा की विशेष स्थिति के कारण लगते हैं। सूर्य ग्रहण अमावस्या पर चंद्रमा के सूर्य के बीच आने से होता है, जबकि चंद्र ग्रहण पूर्णिमा पर पृथ्वी के बीच पड़ने से। ज्योतिष में इन्हें शुभ-अशुभ दोनों प्रभाव वाला माना जाता है।
वैज्ञानिक रूप से ये घटनाएं खगोलीय चमत्कार हैं। सूर्य ग्रहण में ‘रिंग ऑफ फायर’ दिखेगा, जबकि चंद्र ग्रहण में चंद्रमा लाल रंग का ‘ब्लड मून’ बनेगा।
पहला ग्रहण: 17 फरवरी 2026 को सूर्य ग्रहण
साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी, मंगलवार को दोपहर 3:26 बजे शुरू होगा। पूर्णता शाम 5:13 से 6:11 बजे तक रहेगी, और समाप्ति शाम 7:57 बजे होगी। कुल अवधि 4 घंटे 32 मिनट।
यह कंकणाकार सूर्य ग्रहण दक्षिण अफ्रीका, अर्जेंटीना और अंटार्कटिका में दिखेगा, लेकिन भारत में नहीं। सूतक काल 12 फरवरी सुबह से शुरू होकर ग्रहण समाप्ति तक चलेगा। गर्भवती महिलाओं और बच्चों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
ज्योतिष प्रभाव: यह ग्रहण सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में होगा। व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए परिवर्तनकारी।
दूसरा ग्रहण: 3 मार्च 2026 को चंद्र ग्रहण
3 मार्च, मंगलवार को होलिका दहन के दिन पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा। शुरुआत दोपहर 3:20 बजे, पूर्णता शाम 6:26 से 6:46 बजे तक (20 मिनट), और समाप्ति शाम 6:47 बजे। भारत सहित एशिया, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में दृश्यमान।
सूतक काल 3 मार्च सुबह 6:20 बजे से शुरू। ग्रहण काल में भोजन त्यागें, मंत्र जाप करें। चंद्रमा की लालिमा आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ाएगी।
यह ग्रहण होली से जुड़ने से सामाजिक उत्सवों पर प्रभाव डालेगा। ज्योतिषी इसे भाग्य परिवर्तक मानते हैं।
4 भाग्यशाली राशियाँ: धन, प्रमोशन और प्रॉफिट
ग्रहणों का प्रभाव राशियों पर अलग-अलग पड़ता है। फरवरी-मार्च ग्रहण चार राशियों के लिए विशेष शुभ हैं। इनमें आर्थिक उन्नति, नौकरी में तरक्की और बिजनेस प्रॉफिट की मजबूत संभावना है।
मेष राशि: निवेश से बड़ा प्रॉफिट
मेष राशि वालों को पुराने निवेश से धन लाभ होगा। नौकरी में प्रमोशन पक्का, बॉस की कृपा मिलेगी। शेयर मार्केट और प्रॉपर्टी डील फायदेमंद। ग्रहण के बाद सूर्य मंत्र जाप करें।
सिंह राशि: बिजनेस में नई ऊँचाइयाँ
सिंह राशि के व्यापारियों को नया पार्टनरशिप मिलेगा। प्रॉफिट मार्जिन बढ़ेगा, विदेशी डील्स सफल। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन के साथ सैलरी हाइक।
तुला राशि: सरकारी नौकरी में तरक्की
तुला राशि वालों को सरकारी क्षेत्र में प्रमोशन, ट्रांसफर शुभ। प्रॉपर्टी बिक्री से मुनाफा। कानूनी मामलों में जीत मिलेगी। शुक्रवार व्रत रखें।
मकर राशि: विदेश से कमाई
मकर राशि के लिए विदेश यात्रा और नौकरी के योग। व्यापार विस्तार, पैसों की कमी दूर। निवेश दो गुना रिटर्न देगा। शनि पूजा लाभकारी।
ये भविष्यवाणियाँ ज्योतिष ग्रंथों और विशेषज्ञों पर आधारित हैं। व्यक्तिगत कुंडली से परिणाम भिन्न हो सकते हैं।
ग्रहण सूतक काल: क्या करें, क्या न करें
सूतक काल में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। सूर्य ग्रहण का सूतक 12 घंटे पहले, चंद्र ग्रहण का 9 घंटे पहले शुरू।
जरूरी टिप्स:
- ग्रहण से पहले भोजन त्यागें, तुलसी पत्र रखें।
- मंत्र जाप: ‘ॐ चंद्राय नमः’ या ‘ॐ सूर्याय नमः’।
- दान: गुड़, गेहूँ, चाँदी।
- गर्भवती महिलाएँ आराम करें, सकारात्मक रहें।
वैज्ञानिक सावधानियाँ: सूर्य ग्रहण देखने के लिए विशेष चश्मा। नंगी आँखों से न देखें।
ग्रहण के आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व
ज्योतिष में ग्रहण दोष निवारण का समय। पूजा-अर्चना से ग्रह शांति। वैज्ञानिक शोध के लिए कोरोना अध्ययन का अवसर।
भारत में प्राचीन काल से ग्रहणों को पौराणिक महत्व दिया जाता। महाभारत में भी उल्लेख। आजकल NASA जैसी एजेंसियाँ लाइव स्ट्रीमिंग करती हैं।
अन्य ग्रहण 2026: साल भर की पूरी जानकारी
फरवरी-मार्च के बाद अगस्त में दो और ग्रहण:
- 12 अगस्त: पूर्ण सूर्य ग्रहण (आर्कटिक, यूरोप में दृश्यमान)।
- 28 अगस्त: चंद्र ग्रहण (अमेरिका, यूरोप में)।
भारत में केवल मार्च वाला ही पूर्ण रूप से दिखेगा। कुल 2 सूर्य + 2 चंद्र ग्रहण।
राशि अनुसार सामान्य प्रभाव और उपाय
अन्य राशियों के लिए:
सभी के लिए उपाय:
- ग्रहणोत्तर स्नान, गंगा जल छिड़काव।
- ब्राह्मण दान, हवन।
ग्रहण 2026 की वैश्विक दृश्यता
NASA के अनुसार, मार्च ग्रहण में चंद्रमा पृथ्वी छाया से गुजरेगा।
ज्योतिष विशेषज्ञों की सलाह
ज्योतिषी कहते हैं, ग्रहण समय सकारात्मक कर्मों का। कुंडली जांच करवाएँ। भाग्यशाली राशियाँ पहले बताई गईं।
यह ग्रहण युग परिवर्तन लाएगा। आर्थिक उछाल की उम्मीद।
तैयार रहें ग्रहण के लिए
फरवरी-मार्च 2026 के ग्रहण जीवन बदलने वाले। चार राशियों को विशेष लाभ। सूतक का पालन करें, उपाय अपनाएँ। क्या आपकी राशि लकी है? कमेंट करें!
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