फ्री गिफ्ट, चॉकलेट या कूपन! वॉट्सऐप स्कैम का नया जाल, यूपी-मुंबई में कई यूज़र्स बने शिकार

क्रिसमस और नए साल के मौके पर लोगों में गिफ्ट और डिस्काउंट ऑफर को लेकर उत्साह बढ़ जाता है। लेकिन इसी भावना का फायदा उठाकर साइबर ठग सक्रिय हो जाते हैं। इन दिनों वॉट्सऐप पर “Free Gift”, “Chocolate Hamper” या “Shopping Coupon” जैसे स्कैम लिंक वायरल हो रहे हैं। कई यूज़र्स ने शिकायत की है कि ऐसे लिंक पर क्लिक करते ही उनके बैंक अकाउंट या वॉलेट से पैसे गायब हो गए।

कैसे काम करता है यह वॉट्सऐप स्कैम
ठग सबसे पहले कोई आकर्षक मैसेज बनाते हैं – जैसे “Congratulations! You won a Christmas gift from Cadbury/Amazon!”. फिर उसके साथ एक लिंक भेजी जाती है, जो देखने में असली वेबसाइट जैसी लगती है।
जब यूज़र उस लिंक पर क्लिक करता है, उससे पहले कुछ सवाल पूछे जाते हैं जैसे —
- आपने कैडबरी/अमेज़न से आख़िरी बार कब शॉपिंग की?
- क्या आप 18 वर्ष से अधिक हैं?
- अपना नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करें।
इन सवालों के बाद “Claim Gift” या “Receive Now” बटन पर क्लिक कराते ही मालवेयर यूज़र के फोन में डाउनलोड हो जाता है। इससे ठग को बैंक ऐप्स, वॉलेट्स और ओटीपी तक एक्सेस मिल जाता है।
रियल केस: उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में बढ़े मामले
साइबर पुलिस के अनुसार दिसंबर 2025 के पहले तीन सप्ताह में ही यूपी, महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली में ऐसे दर्जनों मामले सामने आ चुके हैं।
लखनऊ की साइबर सेल के मुताबिक, 25 दिसंबर को एक महिला के खाते से ₹42,000 गायब हो गए जब उन्होंने “Cadbury Christmas Coupon” लिंक पर क्लिक किया। इसी तरह मुंबई में एक युवक को “Flipkart Christmas Sale Coupon” के झांसे में ₹85,000 का नुकसान हुआ।
फिशिंग वेबसाइट्स और मैलवेयर से बड़ा खतरा
साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स बताते हैं कि ऐसे फर्जी लिंक दरअसल फिशिंग वेबसाइट्स होती हैं, जो यूज़र का डेटा चुराने के लिए बनाई जाती हैं। इनमें “https” सुरक्षित सिग्नेचर नहीं होता या गलत स्पेलिंग होती है जैसे “cãdbury.co.in” या “amaz0n-offer.in”।
कुछ लिंक फोन में Spy Malware इंस्टॉल कर देती हैं, जो कैमरा, माइक्रोफोन या मैसेज लॉग तक एक्सेस कर सकती हैं। इससे न केवल बैंकिंग डेटा बल्कि व्यक्तिगत जानकारी भी खतरे में पड़ जाती है।
सरकार और पुलिस की चेतावनी
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और CERT-In ने त्योहारों के मौसम में फेक गिफ्ट लिंक और सोशल मीडिया स्कैम्स से सावधान रहने की अपील की है।
पुलिस ने कहा है — “कोई भी बैंक, ई-कॉमर्स साइट या ब्रांड वॉट्सऐप के ज़रिए गिफ्ट लिंक नहीं भेजता है। ऐसे मैसेज को तुरंत डिलीट करें और रिपोर्ट करें।”
साइबर सेल्स ने ऐसे मामलों में रिपोर्ट के लिए हेल्पलाइन 1930 और वेबसाइट cybercrime.gov.in जारी की है।
सेफ रहने के लिए जरूरी सावधानियां
- किसी भी अज्ञात या बाहरी लिंक पर क्लिक न करें, चाहे संदेश किसी जानने वाले से आया हो।
- ब्रांड या सेलिब्रिटी के नाम से आए “free gifts” वाले मैसेज को संदिग्ध मानें।
- बैंक/यूपीआई डिटेल, ओटीपी या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
- अपने मोबाइल में एंटीवायरस ऐप या सिक्योरिटी अपडेट इंस्टॉल रखें।
- ईमेल या SMS से आए लिंक को खोलने से पहले हमेशा URL की जांच करें।
- बैंकिंग से जुड़ी कोई भी गतिविधि केवल आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से करें।
क्या करें अगर ठगी हो जाए
यदि गलती से किसी फिशिंग लिंक पर क्लिक हो गया है या पैसा ट्रांसफर हो गया है, तो:
- तुरंत अपने बैंक की हेल्पलाइन पर कॉल कर कार्ड या अकाउंट ब्लॉक कराएं।
- साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 या वेबसाइट cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
- यदि फोन में संदिग्ध ऐप इंस्टॉल हुआ है, तो उसे तुरंत हटाकर डिवाइस रीसेट करें।
- लोकल साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत की कॉपी जमा करें।
विशेषज्ञों की सलाह
साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि ठग अब एआई जनरेटेड टेक्स्ट और फर्जी लोगो का इस्तेमाल कर रहे हैं जिससे असली और नकली ऑफर पहचानना मुश्किल हो गया है। इसलिए किसी भी ऑफर पर क्लिक करने से पहले Google या ब्रांड की ऑफिशियल वेबसाइट से वेरिफाई करना ज़रूरी है।
फ्री गिफ्ट” का आकर्षण
त्योहारों में “फ्री गिफ्ट” का आकर्षण हमेशा होता है, लेकिन याद रखें — किसी छोटे लालच में आकर आपकी मेहनत की कमाई खतरे में पड़ सकती है। संदेश जितना आकर्षक होगा, उतनी ही संभावना है कि वह झूठा हो। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।

