लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और लकी पटियाल: पंजाब के उन गैंगस्टरों की कहानी जिनसे डरता है सिस्टम

पंजाब के अंडरवर्ल्ड की दुनिया इन दिनों तेजी से सुर्खियों में है। लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़, लक्की पटियाल समेत कई ऐसे नाम हैं, जिन्होंने न सिर्फ पंजाब बल्कि पूरे उत्तर भारत में दहशत फैला रखी है। इन गैंगस्टर्स के नेटवर्क ड्रग तस्करी, हत्या, फिरौती और अवैध हथियारों के सौदे तक फैले हुए हैं।

1. लॉरेंस बिश्नोई: गैंगस्टर से बना ‘ब्रांड’
लॉरेंस बिश्नोई को पंजाब का सबसे कुख्यात और संगठित अपराध सरगना माना जाता है। उसका नाम सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस से लेकर बॉलीवुड सेलेब्रिटीज को धमकी तक में जुड़ चुका है। जेल के अंदर से ही उसका पूरा नेटवर्क ऑपरेट होता है, और उसके इशारे पर कई हत्याएं की जा चुकी हैं।
2. गोल्डी बराड़: कनाडा से चलता ऑपरेशन
गोल्डी बराड़, लॉरेंस बिश्नोई के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक माना जाता है। माना जाता है कि बराड़ कनाडा में बैठकर भारत में कई आपराधिक गतिविधियों की प्लानिंग करता है। सिद्धू मूसेवाला की हत्या में उसकी भूमिका ने उसे भारत के “मोस्ट वांटेड” अपराधियों में शामिल कर दिया है।
3. लकी पटियाल: नेपाल बॉर्डर से संचालित गैंग
लकी पटियाल का नाम भी पंजाब के गैंग युद्ध में काफी चर्चित है। वह नेपाल की सीमा से अपने नेटवर्क को चलाने के लिए जाना जाता है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, लकी पटियाल का गैंग रंगदारी, कॉन्ट्रैक्ट किलिंग और ड्रग तस्करी में सक्रिय है।
4. जग्गू भगवानपुरिया: ‘देसी माफिया’ की पहचान
अमृतसर के पास भगवानपुर गांव का जग्गू, जिसे भगवानपुरिया गैंग का मुखिया कहा जाता है, पंजाब के शहरी और ग्रामीण इलाकों में वसूली और हथियारों की सप्लाई के लिए बदनाम है। उसका गैंग लॉरेंस नेटवर्क के साथ भी कई बार जुड़ चुका है।
5. सुखा दुनकेर: नई पीढ़ी का ‘फायर पावर’
सुखा दुनकेर पंजाब के नए उभरते गैंगस्टर्स में शुमार है। उसके गैंग पर कई फायरिंग और एटेम्प्ट टू मर्डर केस दर्ज हैं। वह सोशल मीडिया के जरिये अपने गैंग की ताकत दिखाने के लिए भी बदनाम है।
पंजाब पुलिस की बढ़ी चुनौती
इन गैंगस्टरों के बढ़ते प्रभाव ने पंजाब पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। बीते कुछ सालों में कई एनकाउंटर और गिरफ्तारी के बावजूद संगठित अपराध की जड़ें खत्म नहीं हो पाई हैं।

