बीते चार दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट के चलते भारत में भी गोल्ड रेट्स में तेज गिरावट देखी गई, जिससे 10 ग्राम 24 कैरेट सोना करीब 7,000 रुपये तक सस्ता हो गया।

गिरावट की मुख्य वजहें

अक्टूबर 2025 के तीसरे हफ्ते में वैश्विक स्तर पर सोने की कीमत में करीब 6.3% की गिरावट आई, जो पिछले 12 वर्षों में सबसे बड़ी एक-दिवसीय गिरावट रही । यह गिरावट मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय कारणों से आई — अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने, अमेरिकी-चीन व्यापार वार्ता में सकारात्मक संकेत, और निवेशकों द्वारा भारी मुनाफावसूली की वजह से ।

भारतीय बाजार में प्रभाव

भारत में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना करीब 5.6% गिरकर ₹1,20,600 प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जो अपने पिछले ₹1,28,000 के स्तर से ₹7,000–₹7,200 नीचे है । राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में भी दामों में यही रुझान देखने को मिला — जयपुर में सोना ₹1,28,000 से गिरकर ₹1,24,000 के आसपास पहुंच गया ।

आज का ताज़ा रेट (26 अक्टूबर 2025)

आज (रविवार, 26 अक्टूबर) भारत में 24 कैरेट सोने का औसत रेट ₹1,21,000 से ₹1,22,000 प्रति 10 ग्राम के बीच चल रहा है। केरल गोल्ड रिपोर्ट के अनुसार, 1 पवन (8 ग्राम, 22 कैरेट) का भाव ₹92,120 है — जिससे अनुमानतः 10 ग्राम 24 कैरेट की कीमत लगभग ₹1,15,000 से ₹1,22,000 के बीच बैठती है।

​खरीददारों के लिए फायदे

सोने की कीमतें घटने से खरीदारों के लिए सोना फिर से थोड़ा सस्ता हो गया है। जो लोग दिवाली या शादी के लिए गहने खरीदने की योजना बना रहे थे, उनके लिए यह गिरावट राहत लेकर आई है। ज्वेलरी रिटेलर्स के अनुसार, पिछले हफ्ते आई तेज बढ़ोतरी के बाद अब बिक्री में लगभग 15–20% की हलचल देखने को मिली है क्योंकि उपभोक्ताओं ने इस मौके का फायदा उठाकर खरीदारी शुरू की ।
गिरावट के बाद 24 कैरेट सोना अब औसतन लगभग ₹1,24,000 प्रति 10 ग्राम पर चल रहा है, जबकि कुछ दिन पहले यह ₹1,31,000 के पार पहुंच गया था ।

ज्वेलरी बाजार में नए ट्रेंड्स

  • भारी दामों के कारण खरीदार अब हल्के वजन के गहनों18 कैरेट ज्वेलरी और कम ग्राम वाले सेटों की ओर रुख कर रहे हैं।
  • कई ग्राहक अब पुराना सोना एक्सचेंज कर नया गहना लेने को प्राथमिकता दे रहे हैं—Tanishq और Reliance Retail जैसी कंपनियों में एक्सचेंज से होने वाली बिक्री में 45–50% तक की बढ़ोतरी दर्ज हुई है ।
  • डिजिटल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से खरीदारी बढ़ रही है, खासतौर पर युवा उपभोक्ताओं के बीच ।

निवेशकों पर असर

जो लोग सोने को निवेश के रूप में देखते हैं, उनके लिए यह गिरावट अल्पकालिक खरीद अवसर साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि गोल्ड ETF और फिजिकल गोल्ड बार्स में निवेश बढ़ेगा, क्योंकि लंबे समय में सोने को सुरक्षित एसेट माना जाता है ।

आगे का रुझान

विशेषज्ञों के मुताबिक सोने में अभी और 5–6% की गिरावट आ सकती है, इसके बाद ही स्थिरता की संभावना है । हालांकि, लंबे समय के निवेशक इस गिरावट को एक खरीदारी के अवसर के रूप में देख रहे हैं, क्योंकि सोने की मूलभूत मांग मजबूत बनी हुई है ।

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