हंसराज कॉलेज शादी विवाद: प्रिंसिपल बेटे की शादी पर कैंपस दुरुपयोग, छात्र भड़के – DU छात्र प्रदर्शन लाइव अपडेट्स

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के प्रतिष्ठित हंसराज कॉलेज में प्रिंसिपल रमा शर्मा के बेटे की शादी के नाम पर कैंपस के कथित दुरुपयोग ने छात्रों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।

10 फरवरी 2026 को हुई इस शादी के लिए कॉलेज के स्पोर्ट्स ग्राउंड, लॉन और यहां तक कि बंद पड़े बॉयज हॉस्टल का इस्तेमाल किया गया, जिससे छात्रों ने ‘दोहरे मापदंड’ का आरोप लगाया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तस्वीरों में गुलाबी-सफेद टेंट, सजावट और भारी भीड़ दिख रही है, जो छात्रों के वार्षिक खेल टूर्नामेंट ‘खेलो हंसराज’ को प्रभावित कर रही थी।
यह विवाद न केवल कॉलेज प्रशासन की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रहा है, बल्कि सार्वजनिक शैक्षणिक संस्थानों के निजी उपयोग पर व्यापक बहस छेड़ रहा है। छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने नेतृत्व किया, जिसमें 200 से अधिक छात्रों ने प्रदर्शन किया।
हंसराज कॉलेज विवाद की पूरी टाइमलाइन
हंसराज कॉलेज विवाद की शुरुआत 8 फरवरी 2026 को हुई, जब शादी का निमंत्रण पत्र छात्रों के बीच वायरल हो गया। निमंत्रण में स्पष्ट रूप से “गेट नंबर 5, हंसराज कॉलेज, दिल्ली-110007” को वेन्यू बताया गया था।
- 4-27 फरवरी: खेलो हंसराज टूर्नामेंट निर्धारित – कॉलेज ग्राउंड छात्रों के लिए बुक था, लेकिन 9-11 फरवरी के लिए अनुमति रद्द कर दी गई।
- 8 फरवरी शाम: छात्रों को सूचना – ग्राउंड सील और सजावट शुरू, छात्र प्रवेश प्रतिबंधित।
- 9-10 फरवरी: शादी आयोजन – टेंट, कैटरिंग, डीजे और मेहमानों के लिए हॉस्टल का कथित उपयोग।
- 11 फरवरी: प्रदर्शन – SFI के नेतृत्व में 200 छात्र सड़क पर, नारेबाजी।
- 12 फरवरी (आज): मामला डीयू स्तर पर – रजिस्ट्रार विकास गुप्ता ने सफाई दी।
यह टाइमलाइन दिखाती है कि कैसे एक निजी समारोह ने कॉलेज की शैक्षणिक गतिविधियों को बाधित किया।
छात्रों के आरोप: कैंपस दुरुपयोग के प्रमुख बिंदु
छात्रों ने प्रिंसिपल रमा शर्मा पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जो सोशल मीडिया और प्रदर्शनों में प्रमुखता से उभरे।
- ग्राउंड का निजी उपयोग: ‘खेलो हंसराज’ टूर्नामेंट रद्द होने से छात्रों को नुकसान। छात्र सृजन ने कहा, “ग्राउंड शाम 4 बजे के बाद बंद रहता है, लेकिन शादी के लिए रात भर खुला।”
- बॉयज हॉस्टल का गेस्ट हाउस में तब्दील: एक साल से ‘अनफिट’ बताकर बंद हॉस्टल को मेहमानों के लिए खोला गया। एसएफआई सचिव आसिकुल इस्लाम बोले, “छात्रों को निकाला गया, लेकिन मेहमानों को जगह मिली।”
- सुरक्षा और पहुंच प्रतिबंध: बाहरी मेहमानों से कैंपस सील, छात्रों को प्रवेश नहीं। शराब और डीजे के आरोप भी।
- दोहरा मापदंड: छात्र कार्यक्रमों के लिए सख्ती, प्रिंसिपल को ढील।
ये आरोप छात्रों के बीच विशेषाधिकार के खिलाफ गुस्से को दर्शाते हैं।
प्रिंसिपल रमा शर्मा और कॉलेज प्रशासन का पक्ष
प्रिंसिपल रमा शर्मा ने अब तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है, लेकिन डीयू रजिस्ट्रार विकास गुप्ता ने आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा, “प्रिंसिपल कैंपस आवास में रहती हैं, निजी आयोजनों का अधिकार है। गवर्निंग बॉडी की मंजूरी ली गई थी। पहले भी अंतिम संस्कार जैसे कार्यक्रम हुए। कोई नियम भंग नहीं।”
कॉलेज प्रशासन ने एक पत्र जारी कर वादा किया:
- प्रदर्शनकारी छात्रों पर कोई कार्रवाई नहीं।
- हॉस्टल का गेस्ट हाउस उपयोग नहीं।
- फेस्टिवल बजट 14 फरवरी तक पारदर्शी उपयोग।
हालांकि, छात्र इससे संतुष्ट नहीं, जांच की मांग कर रहे।
डीयू नियम: क्या कहते हैं दिशानिर्देश?
दिल्ली विश्वविद्यालय के स्टेच्यूट के अनुसार, कॉलेज संपत्ति केवल शैक्षणिक, प्रशासनिक या सरकारी उद्देश्यों के लिए है। निजी उपयोग के लिए गवर्निंग बॉडी की पूर्व मंजूरी जरूरी, लेकिन सार्वजनिक ग्राउंड का दुरुपयोग वर्जित।
- रेजिडेंट अधिकार: प्रिंसिपल जैसे अधिकारी आवास में छोटे आयोजन कर सकते हैं, लेकिन ग्राउंड/हॉस्टल अलग।
- पिछले उदाहरण: अन्य कॉलेजों में अंतिम संस्कार की अनुमति मिली, लेकिन शादी जैसे बड़े आयोजन दुर्लभ।
- उल्लंघन पर कार्रवाई: उच्च शिक्षा विभाग जांच कर सकता है।
यह विवाद डीयू कैंपसों के व्यावसायीकरण पर बहस छेड़ रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल तूफान: छात्रों की आवाज
शादी की तस्वीरें और वीडियो इंस्टाग्राम, ट्विटर (X) और यूट्यूब पर वायरल हो गए। #HansrajCollegeWedding, #CampusMisuse ट्रेंड कर रहे।
- ANI ट्वीट: रंग-बिरंगे टेंट की तस्वीरें, 1 लाख+ व्यूज।
- यूट्यूब वीडियो: लल्लनटॉप और न्यूज9 के वीडियो में लाखों व्यूज, छात्र इंटरव्यू।
- छात्र पोस्ट: “कॉलेज या बैंक्वेट हॉल?” – शाहरुख खान से जुड़े कॉलेज की इमेज खराब।
यह डिजिटल आउटरीच ने मामला राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया।
छात्र संगठनों की भूमिका: SFI से आगे की मांगें
SFI ने प्रदर्शन लीड किया, लेकिन NSUI, ABVP जैसे अन्य संगठन भी समर्थन दे रहे। आसिकुल इस्लाम बोले, “सार्वजनिक संसाधनों का निजीकरण अस्वीकार्य। स्वतंत्र जांच हो।”
हंसराज कॉलेज का गौरवशाली इतिहास और वर्तमान संकट
1948 में स्थापित हंसराज कॉलेज डीयू का टॉप कॉलेज है – शाहरुख खान, विपिन शर्मा जैसे पूर्व छात्र। NAAC A++ ग्रेड, 5000+ छात्र। लेकिन यह विवाद इसकी छवि को धूमिल कर रहा।
पिछले विवाद: फीस हाइक, हॉस्टल मुद्दे। यह नया अध्याय प्रबंधन सुधार की मांग उठा रहा।
व्यापक प्रभाव: डीयू कैंपसों पर असर
यह घटना अन्य डीयू कॉलेजों (SRCC, सेंट स्टीफंस) में बहस छेड़ रही। छात्र दोहरे नियमों के खिलाफ एकजुट। उच्च शिक्षा मंत्रालय नजर रखे।
- सकारात्मक: पारदर्शिता नीतियां मजबूत हो सकतीं।
- नकारात्मक: शैक्षणिक हानि, टूर्नामेंट रद्द।
विशेषज्ञों की राय: क्या हो अगला कदम?
शिक्षाविदों का कहना: “कैंपस सार्वजनिक संपत्ति, सख्त गाइडलाइंस जरूरी।” पूर्व डीयू प्रोफेसर बोले, “गवर्निंग बॉडी की भूमिका जांचनी होगी।”
- सुझाव: ऑनलाइन शिकायत पोर्टल, वार्षिक ऑडिट।
- संभावना: प्रिंसिपल पर अनुशासनिक कार्रवाई यदि उल्लंघन साबित।
निष्कर्ष: पारदर्शिता की जीत होगी?
हंसराज कॉलेज विवाद छात्र शक्ति का प्रतीक बन गया। डीयू रजिस्ट्रार की सफाई के बावजूद, छात्र जांच चाहते। यह मामला शिक्षा में समानता का संदेश दे रहा। अपडेट्स के लिए बने रहें।
यह भी पढ़ें:

