जी राम जी बिल’, ‘मनरेगा’, ‘विवाद’, ‘125 दिन रोजगार’ जैसे हाई-सर्च टर्म्स शामिल।

मोदी सरकार मनरेगा (MGNREGA) को खत्म कर नया ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल 2025’ या ‘VB-G RAM G’ यानी ‘जी राम जी’ बिल ला रही है। यह बिल संसद के शीतकालीन सत्र में पेश हो चुका है और ग्रामीण रोजगार को ‘विकसित भारत 2047’ विजन से जोड़ने का दावा करता है।

जी राम जी बिल क्या है?
यह नया विधेयक मनरेगा की जगह लेगा, जो ग्रामीण परिवारों को सालाना 125 दिनों का रोजगार देगा, जबकि मनरेगा में 100 दिन था। नाम ‘विकसित भारत जी राम जी’ रखा गया है, जो ग्रामीण विकास का नया ढांचा स्थापित करने का लक्ष्य रखता है। बिल में डिजिटल ट्रांसपेरेंसी और भ्रष्टाचार रोकने पर जोर दिया गया है।
मनरेगा से मुख्य बदलाव
- रोजगार के दिन बढ़े: 100 से 125 दिन की गारंटी, लेकिन खेती के पीक सीजन में 60 दिनों का ब्रेक संभव।
- फंडिंग अनुपात: केंद्र-राज्य 70:30 (पहाड़ी राज्यों में 90:10), अतिरिक्त खर्च राज्य वहन करेगा।
- तकनीकी बदलाव: डिजिटल मॉनिटरिंग से भुगतान तेज, काम का चयन ग्राम सभा से।
विवाद की मुख्य वजहें
कांग्रेस ने नाम बदलाव को महात्मा गांधी का अपमान बताया, प्रियंका गांधी ने ‘नाम बदलने की सनक’ कहा। TDP जैसे सहयोगी फंडिंग बोझ पर सवाल उठा रहे, जबकि विपक्ष इसे मनरेगा खत्म करने की साजिश मानता है। शशि थारूर जैसे कुछ ने नाम बदलाव का समर्थन किया।
आगे क्या होगा?
बिल लोकसभा में पेश हो चुका, भाजपा ने व्हिप जारी किया है और 19 दिसंबर तक सत्र खत्म होने से जल्द पारित हो सकता है। संसदीय समिति भेजने की योजना है, जिससे बहस तेज हो सकती है। ग्रामीण रोजगार पर असर पड़ेगा, लेकिन फंडिंग और अमल पर नजर रहेगी।

