जैसलमेर में कैसे जिंदा जले 20 लोग, खौफनाक है बस हादसे की कहानी

राजस्थान के जैसलमेर जिले में मंगलवार, 14 अक्टूबर 2025 को हुए भयंकर बस हादसे में कम से कम 20 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 16 अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह हादसा जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर एक निजी एसी स्लीपर बस में दोपहर करीब 3:30 बजे हुआ, जब बस अचानक आग का गोला बन गई और यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल पाया।

हादसे का कारण: पटाखों की भूमिका
- प्राथमिक जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के अनुसार, बस में आग लगने का मुख्य कारण डिग्गी में रखे पटाखे माने जा रहे हैं।
- कुछ यात्रियों के पास पटाखे थे, जिससे तीव्र विस्फोट हुआ और एसी कंपार्टमेंट या शॉर्ट सर्किट के कारण आग तेजी से फैल गई।
- पुलिस और फॉरेंसिक टीम इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं शॉर्ट सर्किट, एसी कम्प्रेशर फटने या पटाखों के कारण तो आग नहीं लगी।
दुर्घटना की भयावहता और बचाव
- हादसे की चपेट में आकर 19 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और एक घायल की अस्पताल में जान गई।
- बस में करीब 57 यात्री सवार थे, अनेक यात्री आग से बचने के लिए चलती बस से कूद गए, लेकिन आग की तीव्रता के कारण सबसे अधिक लोग जिंदा जल गए।
- बस के अंदर इमरजेंसी एग्जिट और विंडो हैमर न होने के कारण लोग बाहर नहीं निकल सके।
- शव इतनी बुरी तरह जल चुके हैं कि उनकी पहचान डीएनए टेस्ट से की जा रही है।
प्रशासनिक और सरकारी कार्रवाई
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की मुआवजा राशि देने का ऐलान किया।
- प्रशासन और एनडीआरएफ, फायर सर्विस ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन किया और घायलों को जवाहर अस्पताल, जैसलमेर और गंभीरों को जोधपुर रेफर किया गया।
- मृतकों की पहचान के लिए डीएनए सैंपलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
आधिकारिक जांच में पटाखों का कारण बताया गया
जैसलमेर बस हादसे में अभी तक सामने आई आधिकारिक जांच और पुलिस/प्रशासनिक बयानों के अनुसार, प्रारंभिक रिपोर्ट्स में स्पष्ट रूप से यह कहा गया है कि हादसे में पटाखों की महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई है। पुलिस और प्रशासन की शुरुआती जांच के मुताबिक, बस में पटाखे ले जाए जा रहे थे, जो या तो शॉर्ट सर्किट या बस के पिछले हिस्से से निकली चिंगारी के संपर्क में आकर विस्फोट हुए और आग तेजी से पूरे वाहन में फैल गई।
हालांकि, प्रशासन का यह भी कहना है कि आग लगने के सटीक कारण की पुष्टि फॉरेंसिक (FSL) जांच के बाद ही होगी — परंतु प्रथम दृष्टया और प्रत्यक्षदर्शी एवं अधिकारियों की प्रारंभिक सूचना के आधार पर पटाखों को ही हादसे का कारण माना जा रहा है।
अर्थात, आधिकारिक जांच रिपोर्ट तो अभी अंतिम रूप से सार्वजनिक नहीं हुई, लेकिन प्रशासन और मंत्री स्तर के बयानों में “पटाखों के कारण” को मुख्य वजह माना गया है, जिसकी पुष्टि फाइनल FSL रिपोर्ट से की जाएगी।
राज्य सरकार ने पीड़ितों मुआवजा घोषित किया
राजस्थान सरकार द्वारा जैसलमेर बस हादसे के पीड़ितों के लिए राज्य-स्तरीय मुआवजे की घोषणा स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है, लेकिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मौके पर पहुंचकर प्रशासन को सभी प्रभावितों को हर संभव सहायता और समुचित इलाज देने के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल, केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया गया है।
राज्य सरकार ने भी प्रशासनिक स्तर पर आश्वस्त किया है कि पीड़ित परिवारों और घायलों को सभी सरकारी सहायता और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, लेकिन अब तक अतिरिक्त राशि या अलग राज्य पैकेज का कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है। यदि आगे किसी अलग राज्य मुआवजे या फैसले की घोषणा होगी तो उसे फिर अपडेट किया जाएगा।

