“ज्यादा जुबान चलाओगी तो टांग पर टांग रख के…” — SDM की करतूत पर DM की चुप्पी आखिर क्यों?

यह खबर प्रशासन के अंदर की लापरवाही और सत्ता के नशे में चूर अफसरों की हकीकत बयां करती है।

एक सरकारी दफ्तर में सत्ता का घमंड तब उभरकर सामने आया जब एक महिला कर्मचारी को केवल इतना कहने पर SDM साहब ने शब्दों की मर्यादा लांघ दी — “ज्यादा जुबान चलाओगी तो टांग पर टांग रख के बात कर लूंगा।”
यह कोई मामूली वाकया नहीं था, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था के भीतर फैली संवेदनहीनता का उदाहरण है।
पूर्वी दिल्ली में विवेक विहार एसडीएम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एसडीएम देवेंद्र तोमर एक महिला सिविल डिफेंस वालंटियर के साथ अभद्रता करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो की सोशल मीडिया पर खूब आलोचना हो रही है। लोग एसडीएम पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। एसडीएम से जब इस वीडियो पर पक्ष मांगा तो उन्होंने फोन तो उठाया है, लेकिन जवाब नहीं दिया। गुस्से में भरी महिला कर्मचारी ने जब इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी (DM) से की तो उम्मीद थी कि न्याय मिलेगा और अधिकारी के खिलाफ सख्त कदम उठाया जाएगा। मगर हैरानी की बात यह है कि DM ने अब तक इस पूरे मामले पर चुप्पी साध रखी है।
वीडियो कई दिनों पुराना बताया जा रहा है। अब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में वह सिविल डिफेंस वालंटियर से खूब अभद्रता कर रहे हैं।
जिले के अधिकारी वर्ग में चर्चा है कि SDM का रवैया लंबे समय से अभद्र और दबंगई भरा रहा है, लेकिन ऊपर बैठे अफसरों की ‘मौन स्वीकृति’ उसे और ताकत देती है। ऐसी घटनाएं न सिर्फ महिला कर्मियों का मनोबल तोड़ती हैं, बल्कि पूरे प्रशासन की छवि पर भी सवाल खड़ा करती हैं।
अब सवाल यही है कि —
क्या सरकारी कुर्सी पर बैठे अफसरों को आम कर्मचारियों से सम्मानजनक व्यवहार की जरूरत नहीं?
और अगर DM जैसे बड़े अधिकारी ही इस मामले पर कुछ न बोलें, तो पीड़िता न्याय के लिए कहां जाए?

