भगवान राम का अपमान, वाल्मीकि के अपमान के बराबर…., मुख्यमंत्री योगी विपक्ष पर जमकर बरसे

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर एक सभा को संबोधित करते हुए कहा है कि जो लोग भगवान वाल्मीकि का अपमान करते हैं, वे भगवान श्री राम का भी अपमान करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाल्मीकि जी ने ही भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में स्थापित किया था, इसलिए भगवान राम का अपमान वाल्मीकि का अपमान करने के समान है। योगी आदित्यनाथ ने यह बात समाज और धार्मिक आस्था की रक्षा के संदर्भ में कही और यह भी कहा कि जो लोग भगवान राम को गाली देते हैं वे वास्तव में भारतीय संस्कृति और आस्था का अपमान करते हैं। उनका यह बयान विपक्ष पर भी निशाना था, जिसमें उन्होंने जाति और वोट बैंक राजनीति पर भी कटाक्ष किया।

संक्षेप में, योगी आदित्यनाथ का संदेश है कि वाल्मीकि और राम की महत्ता एक-दूसरे से जुड़ी है; वाल्मीकि का अपमान राम का अपमान है और राम का अपमान वाल्मीकि का अपमान है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि
“चरित्र से युक्त व्यक्ति ही लोक-कल्याण और राष्ट्र-कल्याण का माध्यम बन सकता है।” यह कथन महर्षि वाल्मीकि प्रकट दिवस समारोह में उन्होंने व्यक्त किया, जहां उन्होंने बताया कि महर्षि वाल्मीकि ने हजारों वर्ष पहले देवर्षि नारद से प्रश्न किया था कि ऐसा कौन सा चरित्रवान व्यक्ति है, जिसके बारे में वे कुछ लिख सकें, क्योंकि उनका विचार था कि केवल चरित्रवान व्यक्ति ही समाज और राष्ट्र के कल्याण का माध्यम बन सकता है। योगी जी ने यह भी बताया कि स्वामी विवेकानंद ने शिकागो की धर्मसभा में कहा था कि देश की पहचान पहनावे से नहीं बल्कि चरित्र से बनती है, और हमारे लिए चरित्र महान है। उन्होंने इस बात को महर्षि वाल्मीकि की प्रेरणा और भारत की देवतुल्य ऋषियों की परंपरा के संदर्भ में रखा है, जो सभी काल में समाज का मार्गदर्शन करती रही है। इसी के साथ योगी जी ने बताया कि रामायण कालखंड में महर्षि वाल्मीकि, महाभारत कालखंड में महर्षि वेदव्यास जैसे महापुरुष समाज का मार्गदर्शन करते रहे हैं और आज जो कार्य भाजपा की डबल इंजन सरकार कर रही है, वह उसी मार्गदर्शन का हिस्सा है। यह संदेश लोक-कल्याण और राष्ट्र-कल्याण की मूल भावना को दर्शाता है।
वर्ष 2012 में जब समाजवादी पार्टी की सरकार आई थी, तब उन्होंने सामाजिक न्याय के पुरोधाओं के बनाए हुए स्मारकों को तोड़ने की धमकी दी थी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उस समय भारतीय जनता पार्टी ने यह स्पष्ट किया था कि यदि कोई सामाजिक न्याय के पुरोधाओं के स्मारकों को तोड़ेगा, तो उत्तर प्रदेश की जनता उसे तोड़ कर रख देगी। यह बयान योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में होने वाले ‘महर्षि वाल्मीकि प्रकट दिवस’ समारोह में दिया था। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए यह बात कही थी और BJP ने समाज के सभी वर्गों को निशाना बनाते हुए यह दावा किया था कि वे इन स्मारकों की सुरक्षा करेंगे। इस बात से यह स्पष्ट होता है कि BJP ने सामाजिक न्याय के प्रतीकों को सुरक्षित रखने का समर्थन किया था जबकि समाजवादी पार्टी ने उनके केवले खतरे की बात की थी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि अब हर सफाई कर्मचारी और संविदा कर्मचारी का वेतन आउटसोर्सिंग कंपनियों के बजाय सरकार के कॉरपोरेशन द्वारा सीधे उनके बैंक खाते में दिया जाएगा। इसके अलावा, सभी स्वच्छता कर्मियों को 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर भी मिलेगा, जो आयुष्मान भारत कार्ड के रूप में वितरित किया जाएगा। साथ ही, दुर्घटना या आपदा की स्थिति में 35 से 40 लाख रुपये की वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी।
योगी आदित्यनाथ ने इस योजना की घोषणा महर्षि वाल्मीकि जयंती समारोह में की और कहा कि सफाई कर्मचारी समाज के बेहद महत्वपूर्ण सदस्य हैं, जिन्हें सम्मान और सुरक्षा मिलनी चाहिए। इसके तहत सफाई कर्मचारियों की सैलरी 16 से 20 हजार रुपये प्रति माह सीधे उनके खाते में भेजी जाएगी। इस पहल से सफाई कर्मचारियों के वेतन वितरण में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
संक्षेप में:
- सफाई कर्मियों का वेतन अब सीधे सरकार के कॉरपोरेशन द्वारा बैंक खाते में मिलेगा।
- ₹5 लाख का स्वास्थ्य बीमा कवर (आयुष्मान भारत कार्ड) मिलेगा।
- दुर्घटना या आपदा में 35-40 लाख रुपये की वित्तीय सहायता।
- न्यूनतम वेतन 16,000 से 20,000 रुपये प्रतिमाह होगा।
यह घोषणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में की है और इसे उत्तर प्रदेश में लागू किया जाएगा।

