सर्दियों के मौसम में तापमान गिरने के साथ हमारा शरीर अपनी फिजियोलॉजिकल प्रक्रियाओं (शारीरिक प्रतिक्रियाओं) को भी बदल लेता है। ठंडे मौसम में शरीर का तापमान बनाए रखने के लिए ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं और पसीना कम निकलता है। यही वजह है कि हमें गर्मियों जितनी प्यास महसूस नहीं होती। पर यही लापरवाही सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।

विशेषज्ञों की मानें तो पानी की कमी साइलेंट किलर है

दिल्ली के मशहूर नेफ्रोलॉजिस्ट (किडनी एक्सपर्ट) डॉ. अनुज गुप्ता के मुताबिक, “सर्दियों में डिहाइड्रेशन एक ‘hidden problem’ है। लोग प्यास न लगने पर पानी नहीं पीते, लेकिन शरीर के मेटाबॉलिज़्म और ऑर्गन फंक्शन के लिए उतना ही पानी जरूरी होता है जितना गर्मियों में।” उनके अनुसार, दिनभर में अगर व्यक्ति 1.5–2 लीटर से कम पानी पीता है तो उसकी किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

डिहाइड्रेशन के शुरुआती लक्षण पहचानें

अक्सर लोग डिहाइड्रेशन को तब तक नहीं समझते जब तक स्थिति गंभीर न हो जाए। शरीर के डिहाइड्रेट होने के मुख्य संकेत हैं:

  • सिरदर्द या सुस्ती महसूस होना
  • होंठ और त्वचा का रूखा पड़ जाना
  • यूरिन का रंग गहरा होना
  • बार-बार थकान और चक्कर आना
  • कब्ज या पाचन संबंधी समस्या

अगर ये लक्षण लगातार बने रहें तो यह पानी की कमी का साफ संकेत है।

किडनी और लिवर को कैसे पहुंचता है नुकसान

शरीर में जब पानी की मात्रा घटती है, तो किडनी में खून का फ्लो कम हो जाता है, जिससे टॉक्सिन्स बाहर नहीं निकल पाते। यह धीरे-धीरे किडनी स्टोन और फेल्योर तक की समस्या बढ़ा सकता है।
वहीं लिवर, जो शरीर का ‘डिटॉक्स सेंटर’ है, को भी पानी की कमी से टॉक्सिक पदार्थों को प्रोसेस करने में मुश्किल आती है। इससे फैटी लिवर, एसिडिटी और ब्लोटिंग जैसी स्थितियां भी उत्पन्न हो सकती हैं।

सर्दियों में हाइड्रेशन के लिए 7 जरूरी टिप्स

  1. दिन में 8–10 गिलास (लगभग 2–3 लीटर) पानी जरूर पिएं।
  2. सुबह उठते ही गुनगुना पानी पीने की आदत डालें।
  3. ग्रीन टी, हर्बल टी और सूप जैसे गर्म पेय शामिल करें।
  4. पानी की बोतल हमेशा पास रखें और रिमाइंडर सेट करें।
  5. फलों और सब्जियों जैसे खीरा, संतरा, टमाटर, मूली और पपीता अधिक खाएं।
  6. व्यायाम करते समय या धूप में बैठते वक्त अतिरिक्त पानी लें।
  7. मीठे ड्रिंक्स, कोल्ड ड्रिंक्स और ज्यादा कैफीन से बचें।

सिर्फ प्यास नहीं, शरीर के हर सेल को चाहिए पानी

हाइड्रेशन का सीधा संबंध पूरे शरीर के संतुलन से है — यह ब्लड सर्कुलेशन, डाइजेशन, बॉडी टेंपरेचर, और स्किन हेल्थ को प्रभावित करता है। एक सामान्य व्यक्ति के शरीर का लगभग 60–70% हिस्सा पानी से बना होता है। जब शरीर में पानी की मात्रा घटती है, तो उसकी कार्यक्षमता गिरने लगती है।

बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान देना चाहिए

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों में सर्दियों में डिहाइड्रेशन का खतरा अधिक रहता है, क्योंकि वे अक्सर प्यास लगने पर भी पानी नहीं मांगते। इनके लिए दिनभर में बार-बार पानी देना और हल्के तरल पदार्थ जैसे सूप व स्टीम इंफ्यूज़्ड पेय देना जरूरी है।

डिटॉक्सिफिकेशन , पाचन या ऊर्जा संतुलन

सर्दियों की ठंडक में प्यास भले कम लगे, लेकिन शरीर की जरूरत कभी कम नहीं होती। पानी शरीर की हर प्रक्रिया का आधार है — चाहे डिटॉक्सिफिकेशन हो, पाचन या ऊर्जा संतुलन। रोजाना पर्याप्त पानी पीकर आप न सिर्फ किडनी और लिवर की रक्षा कर सकते हैं, बल्कि त्वचा और इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बना सकते हैं।

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