इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सुरक्षा कैबिनेट की अहम बैठक उस समय रोक दी, जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोन आया क्योंकि वे गाजा शांति समझौते और बंधकों की रिहाई के मुद्दे पर चर्चा करना चाहते थे.

वजह क्या थी?

  • जब पीएम मोदी का फोन आया, उस समय नेतन्याहू गाजा युद्धविराम और बंधकों की रिहाई के समझौते पर चर्चा के लिए सुरक्षा कैबिनेट की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे.
  • नेतन्याहू ने बैठक को बीच में रोककर मोदी का फोन रिसीव किया। कारण यह था कि मोदी ने गाजा समझौते की सफलता और बंधकों की रिहाई के लिए नेतन्याहू को बधाई देना चाहा.
  • मोदी ने स्पष्ट संदेश भी दिया कि आतंकवाद किसी भी रूप और स्थान में स्वीकार नहीं किया जा सकता और भारत-इजरायल की दोस्ती आगे भी मजबूत रहेगी.
  • इजरायली पीएमओ के बयान में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने बातचीत में निकट सहयोग बनाए रखने की सहमति व्यक्त की और नेतन्याहू ने भारत के समर्थन के लिए मोदी का धन्यवाद किया.

क्यों है ये घटना खास?

  • इस घटना ने भारत-इजरायल के रिश्तों में मोदी-नेतन्याहू की व्यक्तिगत दोस्ती और राजनयिक महत्व को दर्शाया.
  • गाजा युद्धविराम व मानवता की सहायता के लिए हुए समझौते को भारत ने समर्थन दिया, और यह इजरायल के प्रधानमंत्री का मोदी के प्रति सम्मान दिखाता है.
  • नेतन्याहू के लिए भारत के प्रधानमंत्री का फोन इतना अहम था कि उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा बैठक में बीच में रोक कर बात करना ज्यादा जरूरी समझा.

इसलिए, पीएम मोदी का फोन आते ही नेतन्याहू ने सुरक्षा कैबिनेट बैठक रोक दी, ताकि वे दोनों देशों के अहम मुद्दों पर तत्काल वार्ता कर सकें और भारत-इजरायल संबंधों की मजबूती को दर्शा सकें.

पीएम मोदी के फोन के चलते सुरक्षा कैबिनेट की जो बैठक कुछ समय के लिए रोकी गई थी, उसमें गाजा में युद्धविराम (सीजफायर) और बंधकों की रिहाई पर बड़ा निर्णय होना था। इस बैठक में गाजा शांति समझौते और बंधकों की रिहाई के समझौते को अंतिम रूप और मंजूरी देना एजेंडा था। नेतन्याहू के फोन पर बाहर चले जाने के कारण यह निर्णायक चर्चा और रिैटिफिकेशन कुछ देर के लिए स्थगित कर दी गई थी.

क्या था स्थगित किया गया निर्णय?

  • बैठक में गाजा सीजफायर और हमास द्वारा पकड़े गए बंधकों की रिहाई संबंधी प्रस्ताव-प्रक्रिया पर चर्चा हो रही थी और इसका अनुमोदन सुरक्षाबल व मंत्रियों से लिया जाना था.
  • नेतन्याहू द्वारा मोदी के साथ फोन बातचीत पूरी करने के बाद ही बैठक और उस पर निर्णायक वोटिंग प्रक्रिया फिर से शुरू हुई.
  • रिपोर्ट्स के अनुसार, कैबिनेट बैठक के स्थगन के दौरान कोई अंतिम निर्णय जारी नहीं किया गया, बल्कि उस समय चर्चा कुछ देर के लिए रोक दी गई थी और फिर बैठक दुबारा शुरू हुई तो प्रस्तावित समझौते को पारित किया गया.

इस प्रकार, बैठक में युद्धविराम और बंधक रिहाई पर अंतिम निर्णय नेतन्याहू की पीएम मोदी से बातचीत पूर्ण होने के बाद ही लिया गया, यानी ये महत्त्वपूर्ण निर्णय कुछ देर के लिए स्थगित हुआ था.

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