Vitamin D Deficiency: रोज़ सप्लीमेंट लेने के बाद भी असर नहीं? 90% लोग कर रहे हैं ये बड़ी गलती, जानिए सही तरीका

विटामिन D को “सनशाइन विटामिन” कहा जाता है, जो हमारी हड्डियों, इम्यून सिस्टम और मसल्स की मजबूती के लिए बेहद ज़रूरी है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि ज्यादातर लोग रोज़ाना विटामिन D सप्लीमेंट लेते हैं, फिर भी उनके शरीर में इसकी कमी बनी रहती है।

जानिए क्यों असर नहीं कर रहा आपका विटामिन D
दरअसल, विटामिन D अकेले नहीं, बल्कि कुछ ज़रूरी फैट्स के साथ मिलकर ही शरीर में अवशोषित होता है। अगर आप इसे खाली पेट या बिना फैट वाले भोजन के साथ खा रहे हैं, तो यह शरीर में ठीक से काम नहीं कर पाता। यही सबसे बड़ी वजह है कि 90% लोग सप्लीमेंट लेने के बाद भी इसका पूरा फायदा नहीं उठा पाते।
कब और कैसे लें विटामिन D
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो विटामिन D को दोपहर के समय, ऐसे भोजन के साथ लेना चाहिए जिसमें हेल्दी फैट मौजूद हो—जैसे अंडा, मूंगफली, एवोकाडो, या दूध से बने प्रोटीन फूड्स। इससे यह आसानी से शरीर में अवशोषित होकर काम करता है।
धूप में रहना भी उतना ही ज़रूरी
सिर्फ सप्लीमेंटेशन नहीं, प्राकृतिक विटामिन D के लिए सुबह 8 से 11 बजे के बीच रोज़ाना 15-20 मिनट धूप में रहना ज़रूरी है। सन एक्सपोज़र के दौरान बिना सनस्क्रीन के चेहरे और हाथों को धूप लगने दें, ताकि शरीर स्वाभाविक रूप से विटामिन D बना सके।
किन लक्षणों से पहचानें विटामिन D की कमी
विटामिन D की कमी से थकान, मसल्स पेन, बाल झड़ना, डिप्रेशन, और बार-बार बीमार पड़ने जैसी समस्याएं दिख सकती हैं। अगर ऐसे लक्षण दिखें, तो डॉक्टर से टेस्ट करवाकर स्तर की जांच करवानी चाहिए।
ध्यान रखें – ओवरडोज़ भी हो सकता है खतरनाक
ज्यादा मात्रा में विटामिन D लेना सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है। इससे किडनी और लिवर पर असर पड़ सकता है। हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही सप्लीमेंट लेना सही रहता है।

