पूर्वांचल एक्सप्रेसवे वायरल वीडियो स्कैंडल: आशुतोष सरकार ने CCTV से रिकॉर्ड किया कपल का प्राइवेट मोमेंट, योगी ने बर्खास्त किया!

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हलियापुर टोल प्लाजा के ATMS असिस्टेंट मैनेजर आशुतोष सरकार ने CCTV कैमरों का गलत इस्तेमाल कर एक नवविवाहित दंपति के कार के अंदर अंतरंग पलों का वीडियो रिकॉर्ड किया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया.

यह वीडियो तेजी से फैला, जिससे दंपति की निजता का गंभीर उल्लंघन हुआ और मामला सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गया. योगी सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को बर्खास्त कर दिया, लेकिन यह घटना एक्सप्रेसवे की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रही है.
आशुतोष सरकार कौन? उसकी भूमिका क्या थी?
आशुतोष सरकार एंटी ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) का असिस्टेंट मैनेजर था, जो ट्रैफिक निगरानी, हादसों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने वाले हाई-रिजॉल्यूशन CCTV कैमरों को कंट्रोल करता था.
वह इन कैमरों को जूम कर कारों के अंदर प्राइवेट मोमेंट्स कैप्चर करता, जो ट्रैफिक मॉनिटरिंग के लिए लगाए गए थे. खबरों के मुताबिक, वह ब्लैकमेल का शिकार बनाने के लिए वीडियो वायरल करता, जिसमें एक दंपति से 32 हजार रुपये वसूले गए.
ब्लैकमेल और अन्य शिकार
आरोपी ने आसपास के गांवों की महिलाओं और युवतियों को भी निशाना बनाया, जहां पैदल या साइकिल से गुजरने वालों पर कैमरा फोकस कर फुटेज बनाई जाती.
पुलिस जांच में उसके दो सहकर्मियों की संलिप्तता भी सामने आ रही है, जो इस रैकेट का हिस्सा हो सकते हैं. यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा था, लेकिन वायरल वीडियो के बाद ही पर्दा फट गया.
योगी सरकार की तेज कार्रवाई
दंपति की सीएम को चिट्ठी मिलते ही आउटसोर्सिंग कंपनी ने आशुतोष को टर्मिनेट कर दिया, हालांकि टर्मिनेशन लेटर की तारीख 30 नवंबर होने से कुछ सवाल उठे हैं. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है,
और एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की प्राइवेसी सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश जारी हो गए. यह घटना CCTV सिस्टम की मजबूती और दुरुपयोग रोकने की जरूरत पर जोर दे रही है.

