पुतिन-मोदी मीटिंग: S-500 मिसाइल, Su-57 जेट्स, S-400 डील पर ब्रेकिंग न्यूज़! भारत-रूस डिफेंस समझौते 2025

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हथियार डील्स पर चर्चा का केंद्र बिंदु बनेगा, खासकर S-500 एयर डिफेंस सिस्टम, Su-57 फाइटर जेट्स और अतिरिक्त S-400 यूनिट्स। यह मुलाकात 4-5 दिसंबर 2025 को हो रही है, जहां रक्षा सहयोग को मजबूत करने के साथ तकनीकी हस्तांतरण पर जोर दिया जा रहा है।

S-500 एयर डिफेंस सिस्टम का बड़ा ऑफर
S-500 को S-400 से उन्नत माना जाता है, जो हाइपरसोनिक मिसाइलों और अंतरिक्ष लक्ष्यों को 500-600 किमी रेंज तक भेद सकता है। ऑपरेशन सिंदूर में S-400 की सफलता के बाद भारत 5.4 अरब डॉलर की डील पर विचार कर रहा है, जिसमें 60% तक टेक्नोलॉजी ट्रांसफर शामिल हो सकता है। रूस की अल्माज-एंटे कंपनी के साथ जॉइंट प्रोडक्शन से भारत की एयर डिफेंस सबसे मजबूत बनेगी, जिससे BEL जैसी कंपनियों को फायदा होगा।
Su-57 फाइटर जेट्स पर चर्चा
Su-57 को दुनिया का बेहतरीन लड़ाकू विमान बताया जा रहा है, जिसकी प्रति यूनिट कीमत 30 करोड़ डॉलर है और रूस 100% टेक्नोलॉजी ट्रांसफर देने को तैयार है। HAL नासिक में इसका उत्पादन हो सकता है, जो स्वदेशी AMCA प्रोजेक्ट का स्टॉप-गैप साबित होगा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इन डील्स से डिफेंस सेक्टर में 20-30% ग्रोथ संभव है।
अन्य महत्वपूर्ण डील्स और प्रभाव
अतिरिक्त S-400 यूनिट्स के लिए भारत 2-3 और रेजिमेंट्स खरीदने की योजना बना रहा है, जिसमें डिलीवरी समयसीमा और आफ्टर-सेल्स सपोर्ट पर फोकस रहेगा। ब्रह्मोस मिसाइल अपग्रेड, ऊर्जा क्षेत्र में सस्ता तेल और रुपे-मीर पेमेंट सिस्टम लिंक पर भी चर्चा होगी। ये ऐलान चीन-पाक को संदेश देंगे, अमेरिकी CAATSA सैंक्शंस के बावजूद भारत अपनी जरूरतें तय करेगा और आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा मिलेगा।

