महिला बनकर फरारी काट रहा था राजस्थान का राजेंद्र, वृंदावन में यूं खुली पोल

राजस्थान के धौलपुर जिले में 15 दिसंबर 2025 को 16 वर्षीय नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के आरोपी बर्खास्त RAC जवान राजेंद्र सिसोदिया को उत्तर प्रदेश के वृंदावन से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी ने महिला के भेष में लिपस्टिक लगाकर और बुर्का पहनकर पुलिस को चकमा देने की कोशिश की, लेकिन मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उसे धर दबोचा।

अपराध की पूरी कहानी: नौकरी का लालच देकर की वारदात
धौलपुर जिले के एक अस्पताल में काम करने वाले पीड़िता के पिता से आरोपी राजेंद्र सिसोदिया ने पहली मुलाकात की। खुद को रेलवे पुलिस का बड़ा अधिकारी बताते हुए उसने नाबालिग लड़की को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया। फॉर्म भरने और एडमिट कार्ड लेने के बहाने उसने लड़की को अपने घर बुलाया, जहां 15 दिसंबर को उसने दुष्कर्म किया।
घटना के बाद पीड़िता ने परिवार को सारी बात बताई, जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पीड़िता के पिता ने तुरंत धौलपुर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। आरोपी घटना के तुरंत बाद फरार हो गया, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी।
आरोपी का आपराधिक इतिहास: 5 POCSO केस पहले से दर्ज
50 वर्षीय राजेंद्र सिसोदिया मूल रूप से राजस्थान के धौलपुर जिले का रहने वाला है। वह राजस्थान आर्म्ड कांस्टेबुलरी (RAC) में जवान था, लेकिन विभागीय लापरवाही और आपराधिक प्रवृत्ति के कारण बर्खास्त हो चुका था। उसके खिलाफ पहले से ही 5 मामले दर्ज हैं, जिनमें POCSO एक्ट के तहत नाबालिगों के साथ दुष्कर्म, अपहरण और मारपीट शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी अक्सर नौकरी या सरकारी पद का लालच देकर युवतियों को फंसाता था। इस बार भी उसने इसी चाल का इस्तेमाल किया।
फरारी के दौरान महिला भेष: बुर्का, लिपस्टिक और सिर मुंडवाया
गिरफ्तारी से बचने के लिए राजेंद्र ने बेहद चालाकी भरा प्लान बनाया। उसने अपना सिर मुंडवा लिया, होठों पर लिपस्टिक लगाई, आंखों पर काजल किया और पूरे शरीर पर काला बुर्का पहन लिया। खुद को “रुबिना खातून” नाम की मुस्लिम महिला बताकर वह वृंदावन की गलियों में घूमता रहा।
वृंदावन जैसे धार्मिक नगरी में सैकड़ों श्रद्धालु रोज आते हैं, इसलिए उसे लगा कि यहां भीड़ में छिपना आसान होगा। वह कभी VIP अधिकारी बनता, कभी रिटायर्ड DSP का ढोंग करता। स्थानीय दुकानदारों और धर्मशालाओं में छोटे-मोटे काम करके वह अपनी पहचान छिपाए रहा।
पुलिस की सतर्कता: मुखबिर की टिप पर दबिश
धौलपुर SP विकास सांगवान ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कीं। राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई जिलों में दबिशें दी गईं। एक मुखबिर ने सूचना दी कि संदिग्ध वृंदावन में महिला वेश में देखा गया है।
वृंदावन पुलिस ने उसे घेर लिया। जब उसकी आवाज भारी लगी और चाल में पुरुष सुलभता दिखी, तो शक पक्का हो गया। बुर्का उतारने पर लिपस्टिक लगे चेहरा और पुरुष शरीर सामने आया। आरोपी के पास से फर्जी आधार कार्ड, मोबाइल फोन और महिला वस्त्र बरामद हुए।
समाज का आक्रोश: जुलूस और बुलडोजर कार्रवाई
अपराध की खबर फैलते ही धौलपुर में कुशवाहा समाज सड़कों पर उतर आया। उन्होंने 4 जनवरी से आंदोलन की धमकी दी थी। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद समाज के लोग थाने से कोर्ट तक पैदल जुलूस निकालकर खुशी जताई। प्रशासन ने आरोपी के घर पर बुलडोजर चला दिया, जो अवैध निर्माण था। स्थानीय लोगों ने इसे न्याय की जीत बताया। यह भी पढ़ें:https://thedbnews.in/new-year-2026-venus-moon-and-sun-conjunction-these-zodiac-signs-will-hit-the-jackpot/
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ: और राज खुलने की संभावना
वृंदावन से पकड़े गए आरोपी को धौलपुर कोतवाली लाया गया। पूछताछ में पता चला कि वह फरार होने के बाद कई जगहें बदल चुका था। उसके फोन से संदिग्ध नंबर और मैसेज मिले, जिनकी जांच चल रही है। पुलिस को शक है कि उसके कुछ साथी भी शामिल हो सकते हैं। POCSO कोर्ट में पेशी के बाद सख्त सजा की उम्मीद है।
सोशल मीडिया पर वायरल: मीम्स और बहस
यह मामला सोशल मीडिया पर छा गया। ट्विटर (X), इंस्टाग्राम और फेसबुक पर आरोपी की तस्वीरें वायरल हो रही हैं। लोग इसे “अपराध की नई क्रिएटिविटी” बता रहे हैं। कुछ ने पुलिस की तारीफ की, तो कुछ ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर सवाल उठाए। वृंदावन के संतों ने भी चिंता जताई कि तीर्थनगरी का अपराधियों द्वारा दुरुपयोग न हो।
सबक और भविष्य की चुनौतियां
यह घटना अपराधियों की बढ़ती चालाकी को दर्शाती है। पुलिस को अब डिस्गाइज्ड क्रिमिनल्स पर विशेष नजर रखनी होगी। धौलपुर SP ने कहा, “हमारी सतर्कता से अपराधी बच नहीं सका। आगे ऐसी टीमों को मजबूत करेंगे।” पीड़िता के परिवार ने न्याय की मांग की है, जबकि समाज ने महिलाओं की सुरक्षा पर जोर दिया।
क्या अकेले काम कर रहा था राजेंद्र?
पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि राजेंद्र अकेला नहीं था। संभव है कि उसके कुछ सहयोगी भी आसपास के इलाकों में रह रहे हों। फोन रिकॉर्ड और बैंक ट्रांज़ेक्शन से पुलिस को कई संदिग्ध नाम और नंबर मिले हैं जिन पर जांच चल रही है।
हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि राजेंद्र वृंदावन क्यों आया था – क्या वह किसी नए अपराध की योजना बना रहा था या सिर्फ गिरफ्तारी से बचना चाहता था।
सोशल मीडिया पर मीम्स और प्रतिक्रियाएं
राजेंद्र का “महिला लुक” सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। कुछ लोगों ने इसे फिल्मी स्टाइल का “डबल रोल” कहा, तो कुछ ने मज़ाक में लिखा, “अब अपराधी भी मेकअप आर्टिस्ट बन रहे हैं।”
कई लोगों ने गंभीरता से यह भी कहा कि ऐसे केस बताते हैं — अपराधी अब तकनीक और चालबाजी दोनों में पारंगत हो रहे हैं, जिससे पुलिस को अपनी रणनीति और तेज करनी होगी।
धर्मनगरी के संतों ने जताई चिंता
वृंदावन के कई प्रसिद्ध संतों और आश्रम संचालकों ने कहा कि धार्मिक स्थलों का ऐसा दुरुपयोग बहुत चिंताजनक है। उनका कहना है कि जो जगह भक्ति और साधना के लिए है, उसका इस्तेमाल अपराधियों द्वारा छिपने की जगह के रूप में किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि हर धर्मशाला और गेस्ट हाउस में आने-जाने वालों का पूरा रिकॉर्ड रखा जाए।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
राजस्थान पुलिस फिलहाल राजेंद्र से पूछताछ कर रही है। माना जा रहा है कि कई और मामलों में उसकी संलिप्तता सामने आ सकती है। प्रारंभिक रिपोर्ट बताती है कि वह बीते छह महीने से लगातार शहर बदलता रहा ताकि अपनी लोकेशन ट्रैक न की जा सके।
आगे कोर्ट में पेशी के बाद उसके खिलाफ समुचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

