शारिक साटा के खिलाफ जल्द जारी होगा रेड कॉर्नर नोटिस, संभल हिंसा के बाद से फरार है, CBI-इंटरपोल की मदद ली जाएगी

संभल हिंसा के मास्टरमाइंड शारिक साठा की गिरफ्तारी के लिए अब देश की सभी बड़ी एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। पुलिस, सीबीआई और इंटरपोल की संयुक्त कोशिशों से जल्द ही शारिक साठा पर रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने जा रहा है। इसका मतलब है कि अब उसे किसी भी देश में पकड़ा जा सकता है और भारत लाकर कानून के हवाले किया जाएगा.

क्या है पूरा मामला
24 नवंबर 2024 को संभल, उत्तर प्रदेश में जामा मस्जिद के सर्वे के बाद भड़की हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। जांच में सामने आया कि इस हिंसा की साजिश शारिक साठा ने अपने साथियों के साथ मिलकर रची थी। घटना के बाद शारिक साठा फर्जी पासपोर्ट से दुबई भाग गया और लगातार वहां से अपने गुर्गों को निर्देश देता रहा.
ऐक्शन की तैयारी
- पुलिस ने पहले ही शारिक साठा के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया था, जिससे उसके देश से बाहर जाने पर रोक लगाई जा सके।
- कोर्ट के आदेश पर SIT की टीम ने शारिक साठा के घर के बाहर मुनादी करवा कर कुर्की का नोटिस चस्पा किया, ताकि उसकी संपत्ति जब्त की जा सके.
इंटरपोल और सीबीआई की भूमिका
- अब पुलिस ने सीबीआई और इंटरपोल की मदद से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रोसेस शुरू की है। रेड कॉर्नर नोटिस जारी होते ही इंटरपोल के सभी देशों में उसकी गिरफ्तारी के आदेश जाएंगे।
- भारतीय एजेंसियां शारिक को किसी भी देश में ट्रेस करवा सकती हैं और कूटनीतिक प्रक्रिया के जरिए भारत ला सकती हैं.
स्थानीय स्तर पर कार्रवाई
- शारिक साठा की अवैध संपत्तियां पहले ही जब्त की जा चुकी हैं और उसकी पत्नी से पुलिस ने लंबी पूछताछ की है।
- उसके तीन साथियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है.
माहौल
इलाके में पुलिस प्रशासन सख्त है, और आम लोग चाहते हैं कि दोषी जल्द पकड़ा जाए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। एक तरफ जहां प्रशासन शारिक साठा को धर पकड़ने की कोशिश में लगा है, वहीं दूसरी तरफ उसके घर व संपत्तियों पर सरकारी शिकंजा लगातार कसता जा रहा है.
संभल के लोगों के लिए यह घटना कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के प्रति सख्त रुख का उदाहरण बन गई है।

