प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट सत्र की शुरुआत में ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ का जिक्र कर पूरे देश को आर्थिक सुधारों की तेज रफ्तार का एहसास कराया।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को नौवां बजट पेश करेंगी, और पीएम का यह बयान विकास की नई दिशा तय करने वाला है। यह आर्टिकल पीएम के हिंट, बजट अपेक्षाओं, आर्थिक आंकड़ों और सेक्टर-विश्लेषण के साथ 1500+ शब्दों में SEO-अनुकूलित है (कीवर्ड्स: बजट 2026, पीएम मोदी रिफॉर्म एक्सप्रेस, आर्थिक सुधार, जीडीपी ग्रोथ 2026)।

पीएम मोदी का रिफॉर्म एक्सप्रेस बयान: पूरा संदर्भ

बजट सत्र 28 जनवरी 2026 को शुरू हुआ, जहां पीएम मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा में कहा, “अब हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं।” उन्होंने संसद सदस्यों से अपील की कि वे इस एक्सप्रेस को सपोर्ट करें। यह बयान आर्थिक सर्वे 2026 के साथ आया, जिसमें FY26 के लिए 7.4% जीडीपी ग्रोथ का अनुमान है। पीएम ने जोर दिया कि भारत लॉन्ग-टर्म प्रॉब्लम्स से निकलकर सॉल्यूशंस की ओर बढ़ रहा है। पहले भी जनवरी 2026 में पीएम ने कहा था कि रिफॉर्म एक्सप्रेस निवेश पुश और डिमांड-लेड ग्रोथ से गति पकड़ रही है।

यह हिंट सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि पॉलिसी एजेंडा है। लेबर लॉ रिफॉर्म्स, न्यूक्लियर सेक्टर लिबरलाइजेशन और FDI को आसान बनाने जैसे कदम पहले ही उठाए गए हैं। बाजार ने तुरंत रिएक्ट किया – सेंसेक्स में 200+ अंकों की उछाल।

बजट 2026 का बैकग्राउंड: आर्थिक सर्वे की मुख्य बातें

आर्थिक सर्वे 2026 में FY25-26 के लिए रियल जीडीपी ग्रोथ 7.4% (पिछले 6.5% से ज्यादा) का अनुमान है। नॉमिनल जीडीपी ₹357.14 लाख करोड़ पहुंचेगी। प्राइवेट कंजम्पशन 7%, ग्रॉस फिक्स्ड कैपिटल फॉर्मेशन 7.8% बढ़ेगा। इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल पब्लिक गुड्स और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस ने इसे पॉसिबल बनाया।

फिस्कल डेफिसिट 4.4% GDP पर कंट्रोल में रहने का टारगेट है। टैक्स कट्स से ₹1.5 लाख करोड़ रेवेन्यू लॉस, लेकिन कैपिटल एक्सपेंडिचर ₹12 लाख करोड़ तक बढ़ सकता है। ग्रॉस बोर्रोइंग ₹16-16.8 लाख करोड़ होगी। ग्लोबल अनिश्चितताओं (जियोपॉलिटिकल रिस्क्स, क्लाइमेट चेंजेस) के बीच भारत 6.6-6.9% ग्रोथ की ओर है।
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रिफॉर्म एक्सप्रेस के प्रमुख पहलू: नेक्स्ट-जनरेशन रिफॉर्म्स

पीएम मोदी ने ‘रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म’ पर फोकस किया। लेबर लॉज में ऐतिहासिक बदलाव, न्यूक्लियर सेक्टर ओपनिंग और डिफेंस FDI सिम्प्लिफिकेशन शामिल हैं। बजट में इन्वेस्टमेंट प्रोसीजर्स आसान होंगे।

टेक्नोलॉजी रिफॉर्म्स ह्यूमन-सेंट्रिक हैं – AI, रोबोटिक्स, डिजिटल गवर्नेंस पर जोर। इंडिया-EU FTA को बड़ा स्टेप बताया। जीएसटी इनपुट क्रेडिट तेज होगा, कस्टम्स ड्यूटी स्ट्रक्चर ग्लोबल स्टैंडर्ड्स से मैच करेगा।

रिफॉर्म एरियामुख्य अपेक्षाएंप्रभाव
लेबर लॉओवरहॉल पूराजॉब क्रिएशन ↑ 
टैक्सन्यू रेजीम प्रेफरकंप्लायंस आसान 
FDIडिफेंस लाइसेंस सिम्पलइन्वेस्टमेंट ↑ 
AI/रोबोटिक्सटैक्स ब्रेक्सR&D बूस्ट 

बजट 2026 अपेक्षाएं: सेक्टर-वाइज ब्रेकडाउन

इनकम टैक्स स्लैब्स में राहत: न्यू टैक्स रेजीम को प्रमोट – स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹75,000+, स्लैब्स रिडक्शन। पुराना रेजीम खत्म हो सकता है। TDS लिमिट्स ढीली, ITR फाइलिंग आसान।

इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपेक्स: रेलवे, डिफेंस, स्पेस पर फोकस। कैपेक्स 3.1% GDP।

मैन्युफैक्चरिंग और मेक इन इंडिया: केमिकल्स, लाइफ साइंसेज में R&D टैक्स क्रेडिट्स। MSME को बूस्ट – टर्नओवर लिमिट ₹500 करोड़ तक।

ग्रॉथ सेक्टर्स: AI, रोबोटिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी पर माइलस्टोन्स। रेगुलेटरी कंप्लायंस ग्रिड (DPI) फंडिंग।

अन्य: पावर सेक्टर टैरिफ कट्स, जीएसटी सिम्प्लिफिकेशन। मिडिल क्लास को इकोनॉमिक सेफगार्ड्स।

सेक्टरअपेक्षित बजट आवंटनग्रोथ इंपैक्ट
इंफ्रा₹12 लाख करोड़+7-8% पुश 
डिफेंसस्पेशल फोकससेल्फ-रिलायंस 
MSMEटर्नओवर ↑जॉब्स 10 मिलियन 
AI/R&Dटैक्स ब्रेक्सइनोवेशन हब 

आर्थिक प्रभाव: जीडीपी, जॉब्स और महंगाई पर असर

FY26 में PFCE 7%, GFCF 7.8%। प्राइवेट इन्वेस्टमेंट बूस्ट से मैन्युफैक्चरिंग सर्ज। इन्फ्लेशन कंट्रोल्ड रहेगा। 140 करोड़ लोगों का कॉन्फिडेंस बढ़ेगा।

विपक्ष ने इसे चुनावी बताया, लेकिन उद्योगपति खुश। CII, FICCI ने रिफॉर्म्स की तारीफ की। FDI बढ़ेगा, एक्सपोर्ट्स मजबूत।

पिछले बजटों से तुलना: मोदी सरकार का ट्रैक रिकॉर्ड

2014 से जीएसटी, इंसॉल्वेंसी कोड, मेक इन इंडिया। FY25 टैक्स कट्स से कंजम्पशन बूस्ट। अब नेक्स्ट-जनरेशन – विकसित भारत@2047।​

वर्षमुख्य रिफॉर्मजीडीपी ग्रोथ
2025टैक्स स्लैब्स6.5% 
2026 (अनुमान)रिफॉर्म एक्सप्रेस7.4% 
2027AI फोकस6.6-6.9% 

आम आदमी के लिए क्या मतलब? टैक्स, जॉब्स, निवेश

मिडिल क्लास को टैक्स राहत, स्टैंडर्ड डिडक्शन ↑। युवाओं को जॉब्स (मैन्युफैक्चरिंग), किसानों को MSP/स्कीम्स। निवेशकों के लिए म्यूचुअल फंड्स, स्टॉक्स में बूस्ट।

विशेषज्ञों की राय: क्या कहते हैं इकोनॉमिस्ट्स

डेलॉइट: रेजिलिएंस, रिफॉर्म्स, रीकैलिब्रेशन। कैंटर: मिडिल क्लास से कनेक्ट। रॉयटर्स: फिस्कल रूम लिमिटेड लेकिन रिफॉर्म्स से ग्रोथ।

ग्लोबल कॉन्टेक्स्ट: भारत vs दुनिया

जियोपॉलिटिकल रिस्क्स के बीच भारत फास्टेस्ट ग्रोअर। EU FTA से कॉम्पिटिटिव एज।

विपक्ष और विवाद: क्या कह रहे हैं?

कांग्रेस-SP ने ‘इलेक्शन स्टंट’ कहा, लेकिन आंकड़े जवाब देते हैं।

भविष्य की राह: विकसित भारत की ओर

रिफॉर्म एक्सप्रेस से 2047 तक $30 ट्रिलियन इकोनॉमी। इंफ्रा, टेक, इनक्लूसिव ग्रोथ।
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