‘हर मिनट पर पछतावा’: एपस्टीन स्कैंडल में बिल गेट्स का खुलासा

नई दिल्ली, 5 फरवरी 2026: दुनिया के सबसे अमीर और प्रभावशाली व्यक्तियों में शुमार माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने जेफरी एपस्टीन कांड पर लंबे समय बाद खुलासा किया है।

एपस्टीन के साथ अपनी मुलाकातों को अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल बताते हुए गेट्स ने कहा, “मुझे उसके साथ बिताए हर मिनट पर पछतावा है।” यह बयान तब आया जब हाल ही में एपस्टीन केस से जुड़े हजारों दस्तावेज सार्वजनिक हुए, जिनमें गेट्स का नाम भी प्रमुखता से उभरा।
यह खुलासा न केवल गेट्स की निजी जिंदगी को झकझोर रहा है, बल्कि उनके बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर रहा है। एपस्टीन जैसे विवादास्पद व्यक्ति से जुड़ाव ने गेट्स की सार्वजनिक छवि को गहरा आघात पहुंचाया है।
जेफरी एपस्टीन कौन थे? पूरा बैकग्राउंड
जेफरी एपस्टीन एक अमेरिकी फाइनेंशियर और निवेशक थे, जिनका जन्म 1953 में हुआ था। वह वॉरविक रेफरेंस इंटरनेशनल से अपनी शुरुआत करके अरबपति बने। लेकिन उनकी असली पहचान बनी नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों से। 2005 में फ्लोरिडा पुलिस ने उन पर दर्जनों नाबालिग लड़कियों को लुभाने और शोषण करने के आरोप लगाए।
- एपस्टीन ने 2002-2005 के बीच कम उम्र की लड़कियों को मालिबू द्वीप, न्यूयॉर्क और न्यू मैक्सिको स्थित अपने आलीशान घरों में बुलाया।
- 2008 में एक विवादास्पद plea deal के तहत उन्होंने केवल 13 महीने की जेल काटी, जो न्यायिक सौदेबाजी का बड़ा उदाहरण बना।
- 2019 में न्यूयॉर्क में गिरफ्तारी के बाद जेल में उनकी संदिग्ध मौत हो गई, जिसे आधिकारिक तौर पर आत्महत्या बताया गया।
एपस्टीन की सहयोगी घिस्लेन मैक्सवेल को 2021 में 20 साल की सजा सुनाई गई। हाल ही में 2026 में अमेरिकी न्याय विभाग ने ट्रंप प्रशासन के निर्देश पर लाखों पेज के दस्तावेज जारी किए, जिसमें एपस्टीन के धनी दोस्तों के नाम शामिल हैं।
बिल गेट्स और एपस्टीन का विवादास्पद रिश्ता
बिल गेट्स ने 2011 से 2013 के बीच एपस्टीन से कम से कम तीन बार मुलाकात की। गेट्स का दावा है कि ये बैठकें ग्लोबल हेल्थ फंडिंग के लिए थीं। लेकिन जारी दस्तावेजों में खुलासा हुआ कि एपस्टीन ने गेट्स को नोबेल पुरस्कार के लिए लॉबिंग की पेशकश की थी।
- पहली मुलाकात न्यूयॉर्क में हुई, जहां एपस्टीन ने गेट्स को अपने निजी द्वीप पर आने का न्योता दिया।
- गेट्स ने ईमेल में एपस्टीन को “इंट्रिगिंग” कहा, लेकिन बाद में इसे गलती माना।
- 2013 में आखिरी मीटिंग के बाद गेट्स ने संपर्क तोड़ दिया, लेकिन तब तक नुकसान हो चुका था।
गेट्स ने न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा, “यह मेरी जिंदगी की सबसे बुरी फैसले थे। मैंने सोचा था कि वह वैज्ञानिक फंडिंग में मदद करेंगे।” यह बयान उनकी चुप्पी तोड़ने का पहला मौका था।
पत्नी मेलिंडा से तलाक का कनेक्शन
एपस्टीन कनेक्शन ने गेट्स के निजी जीवन को तबाह कर दिया। 2021 में मेलिंडा फ्रेंच गेट्स ने तलाक की अर्जी दी, जिसमें एपस्टीन को प्रमुख कारण बताया गया। मेलिंडा ने 2013 की एक डिनर मीटिंग के बाद गेट्स को चेतावनी दी थी।
- तलाक के बाद मेलिंडा को 76 बिलियन डॉलर की अलिमोनी मिली।
- गेट्स फाउंडेशन से मेलिंडा की विदाई ने फंडिंग पर असर डाला।
- insiders के मुताबिक, मेलिंडा एपस्टीन को “एक खतरा” मानती थीं।
यह घटना बिल गेट्स की परफेक्ट इमेज को चूर-चूर कर गई। अब सवाल उठ रहा है कि क्या और नाम सामने आएंगे?
हालिया दस्तावेज लीक: क्या खुलासा हुआ?
जनवरी 2026 में अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन केस के 30 लाख पेज से ज्यादा दस्तावेज जारी किए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर यह कदम उठाया गया।
ये दस्तावेज एपस्टीन के नेटवर्क को उजागर करते हैं, जिसमें बिल क्लिंटन, प्रिंस एंड्र्यू जैसे नाम पहले ही सामने आ चुके हैं। गेट्स का नाम 2011 की मीटिंग्स से जुड़ा है।
गेट्स फाउंडेशन पर सवालों का दौर
बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन दुनिया की सबसे बड़ी चैरिटी है, जो हेल्थ और एजुकेशन में 50 बिलियन डॉलर से ज्यादा खर्च कर चुका। लेकिन एपस्टीन कनेक्शन ने डोनर्स को डराया।
- फाउंडेशन ने सफाई दी कि कोई फंडिंग एपस्टीन को नहीं गई।
- फिर भी, कुछ पार्टनर्स ने दूरी बनाई।
- गेट्स ने कहा, “यह मेरी व्यक्तिगत गलती थी, फाउंडेशन पर असर नहीं।”
विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्कैंडल फाउंडेशन की फंडरेजिंग को प्रभावित करेगा।
सोशल मीडिया पर भूचाल
एपस्टीन फाइल्स रिलीज के बाद X (ट्विटर) और फेसबुक पर हंगामा मच गया। #EpsteinFiles और #BillGatesRegrets ट्रेंड कर रहे हैं।
- यूजर्स ने गेट्स को “हाइपोक्राइट” कहा: “दुनिया को बचाने वाले खुद फंस गए!”
- कंस्पिरेसी थ्योरी: “एपस्टीन की मौत गेट्स ने कराई?”
- सपोर्टर्स: “पुरानी गलती, आगे बढ़ो।”
भारत में भी डिस्कशन जोरों पर है, जहां गेट्स फाउंडेशन कोविड वैक्सीनेशन में सक्रिय रहा।
कानूनी और राजनीतिक प्रभाव
ट्रंप प्रशासन ने फाइल्स जारी कर पारदर्शिता का दावा किया। लेकिन डेमोक्रेट्स इसे राजनीतिक स्टंट बता रहे।
- कोर्ट में पीड़ितों की पहचान छिपाई गई।
- आगे जांच: क्या गेट्स पर चार्ज?
- ग्लोबल इंपैक्ट: सेलिब्रिटी कल्चर पर सवाल।
एपस्टीन केस ने दिखाया कि पावरफुल लोग कानून से ऊपर नहीं।
बिल गेट्स का भविष्य: क्या होगा?
गेट्स अब 70 के करीब हैं और फाइलांथ्रोपी पर फोकस कर रहे। लेकिन यह बयान उनकी छवि सुधारने की कोशिश लगता है। विशेषज्ञ कहते हैं:
- PR कैंपेन जरूरी।
- ज्यादा ट्रांसपेरेंसी से विश्वास बहाल।
- कानूनी जोखिम बरकरार।
यह मामला महीनों तक सुर्खियों में रहेगा। गेट्स जैसे आइकॉन की गिरावट से सबक मिलता है।
एपस्टीन नेटवर्क: अन्य बड़े नाम
एपस्टीन के ब्लैक बुक में 1700 नाम थे। प्रमुख:
| नाम | कनेक्शन | स्थिति |
|---|---|---|
| बिल क्लिंटन | 26 ट्रिप्स | इनकार |
| प्रिंस एंड्र्यू | द्वीप विजिट | सेटलमेंट |
| स्टीफन हॉकिंग | कॉन्फ्रेंस | इनोसेंट |
| बिल गेट्स | मीटिंग्स | पछतावा |
ये नाम एपस्टीन की पहुंच दिखाते हैं।
पीड़ितों की कहानी: दर्दनाक सच्चाई
पीड़ित ज्यादातर 14-17 साल की लड़कियां थीं। उन्हें मसाज के बहाने बुलाया जाता।
यह केस #MeToo का बड़ा चैप्टर है।
वैश्विक प्रतिक्रियाएं और भारत कनेक्शन
भारत में गेट्स फाउंडेशन पोलियो उन्मूलन में सक्रिय। लेकिन स्कैंडल से सवाल:
- क्या फंडिंग प्रभावित?
- भारतीय मीडिया में कवरेज।
- सोशल मीडिया डिबेट।
दुनिया भर में पारदर्शिता की मांग बढ़ी।
सबक और आगे की राह
बिल गेट्स का पछतावा सच्चा लगता है, लेकिन देर से आया। एपस्टीन केस पावर, पैसे और नैतिकता का आईना है। पीड़ितों को न्याय मिलना चाहिए। न्यूज अपडेट्स के लिए जुड़े रहें।
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