गणतंत्र दिवस 2026: राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को मिलेगा ऐतिहासिक सम्मान, रक्षा सचिव आर.के. सिंह का बयान

भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह को इस वर्ष और भी ऐतिहासिक व भावनात्मक बनाने की तैयारी की जा रही है। रक्षा सचिव आर.के. सिंह ने जानकारी दी है कि 26 जनवरी 2026 को होने वाले मुख्य समारोह में राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” को समर्पित एक अनोखी और भव्य श्रद्धांजलि दी जाएगी। यह आयोजन न केवल देश की सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति की भावना से जोड़ने का भी कार्य करेगा।

रक्षा सचिव के अनुसार, इस बार का समारोह सिर्फ सैन्य शक्ति और परेड तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय एकता को भी मंच पर जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
राष्ट्रीय गीत को क्यों मिल रहा है विशेष स्थान?
“वंदे मातरम्” केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आज़ादी की लड़ाई का प्रतीक रहा है। इसे बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा था और यह गीत स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लाखों भारतीयों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना।
रक्षा सचिव आर.के. सिंह ने कहा:
“राष्ट्रीय गीत ने आज़ादी की लड़ाई में लोगों के दिलों में देशभक्ति की लौ जलाई। गणतंत्र दिवस जैसे ऐतिहासिक अवसर पर इसे विशेष सम्मान देना हमारा कर्तव्य है।”
सरकार का मानना है कि युवा पीढ़ी को देश के इतिहास और संघर्षों से जोड़ने के लिए ऐसे सांस्कृतिक प्रतीकों को प्रमुखता देना बेहद जरूरी है।
कैसी होगी यह विशेष श्रद्धांजलि?
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस वर्ष समारोह में “वंदे मातरम्” पर आधारित एक विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति आयोजित की जाएगी, जिसमें शामिल होंगे
- देश के अलग-अलग हिस्सों से आए कलाकार
- शास्त्रीय और लोक संगीत का संगम
- भव्य नृत्य नाटिका
- आधुनिक तकनीक से तैयार विजुअल प्रोजेक्शन
- 3D मैपिंग और लेजर शो
इस प्रस्तुति में भारत की विविधता, स्वतंत्रता संग्राम, और संविधान लागू होने की यात्रा को दर्शाया जाएगा।
कर्तव्य पथ पर दिखेगा सांस्कृतिक भारत
हर साल की तरह इस बार भी मुख्य समारोह नई दिल्ली के कर्तव्य पथ (पूर्व में राजपथ) पर आयोजित किया जाएगा। परेड के साथ-साथ यह विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम भी वहीं होगा।
सूत्रों के मुताबिक
- लगभग 1,000 से अधिक कलाकार इस प्रस्तुति में भाग लेंगे
- विभिन्न राज्यों की झांकियों में भी राष्ट्रीय गीत की थीम झलकेगी
- बच्चों और युवाओं की भागीदारी को खास महत्व दिया जाएगा
सेना, संस्कृति और संविधान का संगम
रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह कार्यक्रम तीन मुख्य संदेशों पर केंद्रित रहेगा:
1. देश की रक्षा में समर्पित सशस्त्र बलों का सम्मान
2. भारत की सांस्कृतिक विरासत का गौरव
3. संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की महत्ता
आर.के. सिंह ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि हर भारतीय के गर्व का दिन है।
तकनीक से होगा ऐतिहासिक प्रस्तुति का प्रसारण
इस वर्ष समारोह को पहले से कहीं अधिक भव्य बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा
- ड्रोन शो- हाई-डेफिनिशन लाइव स्ट्रीमिंग
- 360 डिग्री कैमरा कवरेज
- मल्टी-लैंग्वेज सबटाइटल्स
इससे न केवल भारत में बल्कि विदेशों में रहने वाले भारतीय भी इस आयोजन को बेहतर तरीके से देख सकेंगे।
युवाओं को जोड़ने की खास कोशिश
सरकार का उद्देश्य है कि युवा वर्ग केवल परेड देखने तक सीमित न रहे, बल्कि वह देश के इतिहास और मूल्यों को समझे। इसके लिए
- स्कूल और कॉलेजों में “वंदे मातरम्” पर आधारित विशेष कार्यक्रम होंगे
- निबंध, चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी
- सोशल मीडिया पर “राष्ट्रीय गीत अभियान” चलाया जाएगा
रक्षा सचिव ने कहा कि “जब युवा अपने अतीत को समझेंगे, तभी वे देश का भविष्य मजबूत बना सकेंगे।”
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं
इस घोषणा के बाद कई राजनीतिक नेताओं और सामाजिक संगठनों ने इस पहल का स्वागत किया है। एक वरिष्ठ सांसद ने कहा
“राष्ट्रीय गीत को सम्मान देना हर भारतीय की भावनाओं को सम्मान देना है।”
वहीं कई शिक्षाविदों और इतिहासकारों ने भी इसे एक सकारात्मक कदम बताया है, जो राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करेगा।
सुरक्षा व्यवस्था होगी अभूतपूर्व
हर वर्ष की तरह इस बार भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे, लेकिन इस बार
- AI आधारित निगरानी
- फेस रिकग्निशन सिस्टम
- ड्रोन से निगरानी
- बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे
जैसी व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी।गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय संयुक्त रूप से इस पर काम कर रहे हैं।
गणतंत्र दिवस का महत्व
26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था और देश एक संप्रभु गणराज्य बना था। तभी से हर वर्ष यह दिन
- लोकतंत्र की जीत
- संविधान की शक्ति
- राष्ट्रीय एकता
का प्रतीक माना जाता है। राष्ट्रीय गीत को विशेष सम्मान देना इस परंपरा को और मजबूत करेगा।
विदेशों में भी होगा प्रसारण
भारत सरकार ने तय किया है कि इस वर्ष समारोह का प्रसारण
- 50 से अधिक देशों में
- भारतीय दूतावासों और सांस्कृतिक केंद्रों में
- विशेष स्क्रीनिंग कार्यक्रमों के माध्यम से किया जाएगा।
इससे भारत की सॉफ्ट पावर और सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर मजबूती मिलेगी।
रक्षा सचिव का संदेश
अपने संबोधन के अंत में आर.के. सिंह ने कहा:«“हम चाहते हैं कि हर भारतीय, चाहे वह देश में हो या विदेश में, इस आयोजन को देखकर गर्व महसूस करे। राष्ट्रीय गीत हमारी आत्मा है और गणतंत्र दिवस उसका उत्सव।”
गणतंत्र दिवस 2026 केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं होगा, बल्कि यह:
- भारत की आत्मा का उत्सव
- स्वतंत्रता संग्राम को श्रद्धांजलि
- संविधान के प्रति सम्मान
- राष्ट्रीय एकता का संदेश
लेकर आएगा। राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” को समर्पित यह विशेष कार्यक्रम निश्चित रूप से इतिहास के पन्नों में दर्ज होगा और आने वाले वर्षों तक लोगों को प्रेरित करता रहेगा।
यह भी पढ़ें:https://thedbnews.in/chief-minister-child-service-scheme-online-application-started-rs-2500-per-month/

