पन्ना हीरा खदानों का काला सच: महिलाओं पर ‘राजी से या जबरन’ गंदे टोटके, ग्राउंड रिपोर्ट उजागर!

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की चमकती हीरा खदानों के पीछे छिपी है महिलाओं की व्यथा। यहां ग्राउंड रिपोर्ट से सामने आया है कि हीरे की लालच में अंधविश्वास के नाम पर महिलाओं के साथ ‘गंदे टोटके’ किए जाते हैं- कभी उनकी राजी से तो कई बार जबरन। ये टोटके स्थानीय मान्यताओं पर आधारित हैं, जहां खदान से हीरा निकालने के लिए कथित भूत-प्रेतों को मनाने के बहाने यौन शोषण होता है ।

खदानों की काली हकीकत उजागर
पन्ना की उथली खदानों में महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर भारी फावड़े चलाती हैं। सिलिकोसिस जैसी घातक बीमारियां और कमर-जोड़ों का दर्द उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। मात्र 200 रुपये के पट्टे पर सालों की मेहनत के बावजूद ज्यादातर हाथ खाली रहते हैं ।
अंधविश्वास का शिकार बन रही महिलाएं
खदान मालिकों और ठेकेदारों द्वारा ‘टोटका’ के नाम पर महिलाओं का यौन शोषण आम हो गया है। असुरक्षित माहौल में काम करने वाली ये मजदूर अक्सर शोषण के बाद नौकरी छोड़ने को मजबूर हो जाती हैं। भालू-बिच्छू के खतरे से ज्यादा इंसानी भेड़िए इनके लिए घातक साबित हो रहे हैं ।
दुर्लभ सफलता की कहानियां
कभी-कभी किस्मत साथ देती है, जैसे हाल ही में रचना गोलदार को मिले 8 बेशकीमती हीरों ने उनकी जिंदगी बदल दी। लेकिन ऐसी कहानियां अपवाद हैं, ज्यादातर पीढ़ियां गरीबी में ही खप जाती हैं। पन्ना के हीरों को GI टैग मिलने के बावजूद मजदूरों की हालत में कोई सुधार नहीं ।
उम्मीद की किरण या टूटे सपने?
महिलाएं हीरों को ‘बिच्छू’ की संज्ञा देती हैं- चमक तो है, लेकिन काटे तो जिंदगी तबाह। ये ग्राउंड रिपोर्ट पन्ना की चमक के अंधेरे को सामने लाती है, जहां शोषण और अंधविश्वास मजदूरों की जिंदगी चूस रहे हैं ।

