Udaipur Crime: चलती कार में महिला मैनेजर से गैंगरेप, आईटी कंपनी का CEO समेत 3 आरोपी गिरफ्तार

राजस्थान के उदयपुर में चलती कार में आईटी कंपनी की महिला मैनेजर से सामूहिक दुष्कर्म के मामले ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। शहर की अंबामाता थाना पुलिस ने इस प्रकरण में बड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी के सीईओ समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

ऑफिस से घर लौटते वक्त हुआ हमला
पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि घटना 22 दिसंबर की रात हुई, जब वह ऑफिस से घर लौट रही थी। तभी कंपनी के मैनेजमेंट से जुड़े तीन लोगों ने अपनी कार में लिफ्ट देने के बहाने उसे बैठाया और चलते वाहन में उससे दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपियों ने उसे शहर के बाहरी इलाके में छोड़ दिया और वहां से फरार हो गए।
पुलिस का त्वरित एक्शन और साक्ष्य इकट्ठा करने की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए उदयपुर पुलिस ने एक विशेष टीम गठित की। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और वाहन की नंबर प्लेट ट्रेसिंग के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी शराब के नशे में थे और कई घंटे शहर के विभिन्न इलाकों में घूमते रहे।
गिरफ्तार आरोपी और उनका प्रोफेशनल बैकग्राउंड
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 38 वर्षीय कंपनी का सीईओ, 29 वर्षीय टीम लीडर और 26 वर्षीय जूनियर डेवलपर शामिल हैं। तीनों एक ही आईटी कंपनी में कार्यरत हैं। कंपनी का दफ्तर फतेहपुरा इलाके में स्थित है और वहां लगभग 40 कर्मचारी काम करते हैं।
पीड़िता की हालत स्थिर, मेडिकल रिपोर्ट में पुष्ट मामले की पुष्टि
पीड़िता को एमबी हॉस्पिटल में मेडिकल जांच के लिए भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टर्स ने रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि की है। फिलहाल पीड़िता को मनोवैज्ञानिक सहायता और काउंसलिंग दी जा रही है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि उसे हर संभव सुरक्षा और न्याय प्रदान किया जाएगा।
पुलिस कमिश्नर का बयान
उदयपुर पुलिस कमिश्नर ने बताया कि यह मामला उनके लिए प्राथमिकता पर है। उन्होंने कहा — “किसी भी महिला के साथ इस तरह का अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी आरोपियों को कानून के तहत सख्त सजा मिलेगी।”
महिला आयोग और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया
राजस्थान महिला आयोग ने इस घटना पर संज्ञान लेते हुए उदयपुर पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। वहीं, महिला संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने पीड़िता के समर्थन में प्रदर्शन किया तथा शहर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है।
पुलिस को डिजिटल साक्ष्य से मिली अहम जानकारी
पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपियों के मोबाइल फोन से चैट, कॉल रिकॉर्ड और ड्राइविंग रूट से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्य केस को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
दोषियों पर सख्त सजा की मांग
घटना से लोगों में गुस्सा है। सोशल मीडिया पर भी इस केस को लेकर प्रतिक्रियाएं तेज हैं। लोग आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं।

