दिल्ली, 27 मार्च 2026 : दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने अपने कैंपस में अनियंत्रित प्रोटेस्ट, सभाओं और इवेंट्स पर लगाम लगाने के लिए सख्त नए नियमों का ऐलान कर दिया है। अब मार्च 2026 से कैंपस में कोई भी गतिविधि – चाहे वह छात्र प्रोटेस्ट हो, सांस्कृतिक इवेंट हो या राजनीतिक सभा – बिना पूर्व अनुमति के नहीं हो सकेगी। नियमों का उल्लंघन करने पर छात्रों, संगठनों और क्लब्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी, जिसमें जुर्माना, निलंबन तक बात जा सकती है।

यह फैसला DU प्रशासन की तरफ से छात्रों की सुरक्षा, कैंपस में शांति और पढ़ाई पर फोकस बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। पिछले साल कैंपस में हुए कई विवादास्पद प्रोटेस्ट्स – जैसे CAA-NRC विरोध और फीस हाइक के खिलाफ धरने – ने ट्रैफिक जाम, हिंसा और पुलिस छापेमारी का कारण बने थे। DU वाइस चांसलर प्रो. योगेश सिंह ने कहा, “कैंपस शिक्षा का मंदिर है, न कि राजनीतिक अखाड़ा। ये नियम व्यवस्था लाने के लिए हैं।”

DU कैंपस में प्रोटेस्ट और इवेंट्स का इतिहास: क्यों जरूरी हुए सख्त नियम?

दिल्ली यूनिवर्सिटी का कैंपस हमेशा से छात्र आंदोलनों का केंद्र रहा है। 1950 के दशक से लेकर आज तक, DU ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर जेएनयू जैसे विवादों तक कई ऐतिहासिक पल देखे हैं। लेकिन हाल के वर्षों में बिना इजाजत प्रोटेस्ट्स बढ़ गए हैं।

  • 2024-25 के प्रमुख घटनाक्रम: फरवरी 2025 में नॉर्थ कैंपस में हुए किसान प्रोटेस्ट के दौरान पुलिस लाठीचार्ज हुआ, जिसमें 20 छात्र घायल हुए। अक्टूबर 2025 में साउथ कैंपस में ‘फ्री पालestine’ मार्च ने कैंपस लॉकडाउन करा दिया।

  • ट्रैफिक और सुरक्षा समस्या: कैंपस के बाहर मौजूद मेट्रो स्टेशन और सड़कें जाम हो जाती हैं, जिससे लोकल निवासियों को परेशानी होती है।

  • पढ़ाई पर असर: परीक्षा के दौरान प्रोटेस्ट्स से क्लासेस कैंसल हो जाती हैं, जिसका नुकसान छात्रों को ही होता है।

DU प्रशासन ने UGC गाइडलाइंस और दिल्ली पुलिस के सुझावों पर ये नियम बनाए हैं। अब कैंपस को ‘नो प्रोटेस्ट जोन’ बनाने की दिशा में कदम उठाया गया है।

दिल्ली यूनिवर्सिटी के नए नियम: पूरी लिस्ट और लागू करने का तरीका

DU ने 25 मार्च 2026 को जारी नोटिफिकेशन में इवेंट्स के लिए विस्तृत SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) दिए हैं। यहां मुख्य नियम हैं:

अनुमति प्रक्रिया

स्टेप विवरण समय सीमा
1 इवेंट का प्रपोजल डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर (DSW) को सबमिट करें 7-10 दिन पहले
2 फॉर्म में पार्टिसिपेंट्स लिस्ट, थीम और सिक्योरिटी प्लान दें ऑनलाइन पोर्टल du-eventportal.ac.in
3 अनुमति मिलने पर NOC जारी 48 घंटे में
4 इवेंट के बाद रिपोर्ट सबमिट 24 घंटे में
  • अनुमत इवेंट्स: सांस्कृतिक फेस्ट (जैसे Crossroads), सेमिनार, वर्कशॉप्स – लेकिन थीम न्यूट्रल हो।

  • निषिद्ध गतिविधियां: राजनीतिक प्रोटेस्ट, भूख हड़ताल, मार्च या स्पीच मार्केट।

सजाओं का विवरण

  • पहली बार: लिखित चेतावनी और इवेंट कैंसल।

  • दूसरी बार: ₹5,000-10,000 जुर्माना।

  • बार-बार: छात्र निलंबन (3-6 महीने), क्लब डी-रजिस्टर।

  • गंभीर मामला: पुलिस केस और कोर्ट।

DU ने कैंपस में 50 CCTV कैमरे और सिक्योरिटी गार्ड्स बढ़ाने का भी ऐलान किया है।

छात्र संगठनों और विशेषज्ञों की राय: समर्थन या विरोध?

नए नियमों पर रिएक्शन मिला-जुला है।

  • समर्थन: ABVP के राष्ट्रीय सचिव ने कहा, “DU कैंपस पढ़ाई का केंद्र बने, प्रोटेस्ट का नहीं।” NSUI ने भी इसे “आवश्यक” बताया।

  • विरोध: AISA और SFI ने इसे “फासीवादी” करार दिया। छात्र नेता कन्हैया कुमार ने ट्वीट किया, “DU में अभिव्यक्ति की आजादी खतरे में।”

  • विशेषज्ञ व्यू: जेएनयू प्रोफेसर अपूर्वानंद बोले, “नियम अच्छे हैं लेकिन लागू करने में पारदर्शिता जरूरी।”

एक सर्वे में 65% DU छात्रों ने नियमों का समर्थन किया (सोर्स: DU स्टूडेंट पोल, 27 मार्च)।

DU कैंपस इवेंट्स के लिए वैकल्पिक तरीके: अब क्या करें छात्र?

नियम सख्त हैं, लेकिन विकल्प मौजूद हैं:

  • ऑनलाइन इवेंट्स: ज़ूम या गूगल मीट पर वेबिनार आयोजित करें।

  • ऑफ-कैंपस लोकेशन: नजदीकी ऑडिटोरियम बुक करें, लेकिन DU अनुमति लें।

  • क्लब एक्टिविटीज: रजिस्टर्ड सोसाइटीज को प्राथमिकता, जैसे डिबेट क्लब या म्यूजिक सोसाइटी।

DU ने 2026-27 सेशन के लिए ‘इवेंट कैलेंडर’ लॉन्च किया है, जहां छात्र स्लॉट बुक कर सकेंगे।

दिल्ली यूनिवर्सिटी के पिछले नियमों से तुलना: क्या बदला?

पैरामीटर पुराने नियम (2025 तक) नए नियम (2026 से)
अनुमति समय 2-3 दिन 7-10 दिन
प्रोटेस्ट सीमित अनुमति पूरी तरह बैन
सजा केवल चेतावनी जुर्माना + निलंबन
मॉनिटरिंग न्यूनतम CCTV + गार्ड्स

ये बदलाव JNU और BHU जैसे अन्य यूनिवर्सिटीज के नियमों से प्रेरित हैं।

भविष्य में DU कैंपस: शिक्षा पर फोकस या अभिव्यक्ति पर अंकुश?

DU के 70,000+ छात्रों के लिए ये नियम गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं। कैंपस अब ज्यादा सुरक्षित और पढ़ाई-केंद्रित बनेगा, लेकिन सवाल उठता है – क्या इससे छात्र आंदोलन दब जाएंगे? विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलन जरूरी है। DU ने हेल्पलाइन (011-27667092) शुरू की है, जहां छात्र शिकायत दर्ज करा सकें।

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DU कैंपस नियम FAQ

Q1: क्या छोटे इवेंट्स के लिए अनुमति जरूरी?
हां, 10 से ज्यादा लोगों वाले सभी इवेंट्स।

Q2: प्रोटेस्ट कब तक Allowed?
कभी नहीं, जब तक स्पेशल केस में VC अप्रूवल न हो।

Q3: अपील कैसे करें?
DSW ऑफिस में 48 घंटे में।

Q4: नियम कब से लागू?
1 अप्रैल 2026 से।

Q5: ज्यादा जानकारी कहां?
du.ac.in/events या DSW पोर्टल।

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