अंडर-19 एशिया कप 2025: अभिज्ञान कुंडू की ऐतिहासिक पारी, यूथ वनडे क्रिकेट में रचा नया कीर्तिमान

भारतीय क्रिकेट को भविष्य का एक और चमकता सितारा मिल गया है। एसीसी अंडर-19 एशिया कप 2025 में मलेशिया के खिलाफ खेले गए ग्रुप मुकाबले में विकेटकीपर, बल्लेबाज अभिज्ञान कुंडू ने ऐसा कारनामा कर दिखाया।

जो आज तक कोई भारतीय युवा बल्लेबाज नहीं कर सका था। अभिज्ञान ने इस मुकाबले में दोहरा शतक जड़ते हुए इतिहास रच दिया और यूथ वनडे क्रिकेट में यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए।
दुबई में खेला गया मुकाबला, भारत का आखिरी ग्रुप मैच
यह मुकाबला 16 दिसंबर 2025 को दुबई के प्रसिद्ध द सेवन्स मैदान पर खेला गया। भारतीय टीम के लिए यह ग्रुप स्टेज का आखिरी मैच था। मुकाबले से पहले सबकी निगाहें युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी पर टिकी थीं, लेकिन वैभव 50 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद क्रीज़ पर आए अभिज्ञान कुंडू ने मैच की तस्वीर ही बदल दी।
125 गेंदों में नाबाद 209 रन, चौकों-छक्कों की बरसात
अभिज्ञान कुंडू ने बेहद संयम और आक्रामकता के संतुलन के साथ बल्लेबाज़ी की। उन्होंने 125 गेंदों पर नाबाद 209 रन बनाए। उनकी इस शानदार पारी में 17 चौके और 9 छक्के शामिल रहे। खास बात यह रही कि उन्होंने छक्का लगाकर अपना दोहरा शतक पूरा किया, जिससे स्टेडियम में मौजूद दर्शक झूम उठे।
उनकी बल्लेबाज़ी में न केवल ताकत दिखी, बल्कि तकनीकी मजबूती और मैच को पढ़ने की समझ भी साफ नजर आई।
विकेटकीपर के तौर पर भी अहम भूमिका
अभिज्ञान कुंडू सिर्फ एक बल्लेबाज़ ही नहीं, बल्कि टीम के विकेटकीपर भी हैं। दोहरी भूमिका निभाते हुए इस तरह की लंबी और ऐतिहासिक पारी खेलना उनकी फिटनेस, फोकस और मानसिक मजबूती को दर्शाता है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रदर्शन ने उन्हें अंडर-19 क्रिकेट के सबसे खास खिलाड़ियों की सूची में शामिल कर दिया है।
भारतीय टीम को मिला आत्मविश्वास
अभिज्ञान की इस पारी की बदौलत भारतीय टीम ने मलेशिया पर पूरी तरह दबदबा बनाया। ग्रुप स्टेज के आखिरी मुकाबले में इस जीत से टीम का मनोबल काफी बढ़ा है। टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण से पहले यह प्रदर्शन भारत के लिए बेहद सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
वैभव सूर्यवंशी से तुलना और आगे की राह
जहां वैभव सूर्यवंशी पहले से ही सुर्खियों में थे, वहीं इस मैच ने अभिज्ञान कुंडू को चर्चा के केंद्र में ला दिया। क्रिकेट जगत में अब दोनों युवा खिलाड़ियों को भारत के उज्ज्वल भविष्य के रूप में देखा जा रहा है। अभिज्ञान की यह पारी उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है।
भारतीय क्रिकेट के भविष्य की मजबूत नींव
अंडर-19 स्तर पर इस तरह का प्रदर्शन यह दिखाता है कि भारतीय क्रिकेट की नींव कितनी मजबूत है। अभिज्ञान कुंडू जैसे खिलाड़ी आने वाले वर्षों में सीनियर टीम के दरवाज़े पर दस्तक दे सकते हैं। उनकी यह ऐतिहासिक पारी लंबे समय तक याद रखी जाएगी।

