लखनऊ, 5 मई 2026 : उत्तर प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ ने बिजली की हाईटेंशन लाइनों से प्रभावित किसानों को दोगुना मुआवजा देने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब टावर के नीचे जमीन पर 200% मुआवजा और लाइन कॉरिडोर में 30% मुआवजा मिलेगा। यह यूपी किसान मुआवजा योजना लाखों ग्रामीण किसानों के लिए वरदान साबित होगी। यूपी बिजली लाइन मुआवजा स्कीम से न केवल किसानों की आर्थिक हानि की भरपाई होगी, बल्कि राज्य में बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर का तेज विकास भी सुनिश्चित होगा।

इस फैसले की घोषणा कैबिनेट बैठक में की गई, जहां ऊर्जा मंत्री आकाश सक्सेना ने विस्तार से जानकारी दी। हाईटेंशन लाइन प्रभावित किसान अब अपनी जमीन के मूल्य के आधार पर दोगुना लाभ उठा सकेंगे। आइए जानते हैं इस योजना के हर पहलू को विस्तार से।

सीएम योगी का किसान हितैषी फैसला: पृष्ठभूमि और महत्व

उत्तर प्रदेश दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है, जहां बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है। यूपी सरकार ने पिछले 5 वर्षों में 5000 किलोमीटर से अधिक हाईटेंशन लाइनों का जाल बिछाया है, लेकिन इससे हजारों किसानों की जमीनें प्रभावित हुईं। पहले मुआवजा नियम पुराने थे – टावर क्षेत्र में केवल 100% और कॉरिडोर में 10-15%। किसान संगठनों ने बार-बार विरोध प्रदर्शन किए।

सीएम योगी ने किसानों की मांगों को सुनते हुए नया बिजली मुआवजा नियम 2026 लागू किया। यह फैसला किसान कल्याण मिशन का हिस्सा है, जो पीएम मोदी की ‘डबल इंजन सरकार’ की मिसाल है। महत्वपूर्ण बिंदु:

  • 200% मुआवजा टावर के नीचे: जमीन का मार्केट रेट x 2 = तत्काल भुगतान।

  • 30% मुआवजा कॉरिडोर में: लाइन गुजरने वाली 30 मीटर चौड़ी पट्टी पर अतिरिक्त लाभ।

  • रेट्रोस्पेक्टिव प्रभाव: 2020 से पुराने केसों पर भी लागू।

यह बदलाव यूपी किसानो के लिए गेम-चेंजर है, क्योंकि राज्य में 2 लाख से अधिक किसान परिवार प्रभावित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को 5000 करोड़ रुपये का बूस्ट मिलेगा।

किसे मिलेगा यूपी किसान मुआवजा का सबसे ज्यादा फायदा? क्षेत्रवार ब्रेकडाउन

हाईटेंशन लाइन प्रभावित किसान पूरे यूपी में फैले हैं, लेकिन कुछ क्षेत्रों में संख्या अधिक है। यहां क्षेत्रवार लाभार्थी:

पूर्वांचल क्षेत्र (गोरखपुर, आजमगढ़, वाराणसी डिवीजन)

  • लाभार्थी: 50,000+ किसान।

  • उदाहरण: गोरखपुर-बलिया लाइन से प्रभावित 2000 हेक्टेयर जमीन।

  • फायदा: औसतन 10 लाख रुपये प्रति एकड़।

बुंदेलखंड (झांसी, बांदा, चित्रकूट)

  • लाभार्थी: 30,000 किसान।

  • चुनौती: सूखाग्रस्त क्षेत्र, जहां जमीन मूल्य कम लेकिन मुआवजा दोगुना।

  • अपेक्षित राशि: 5-8 लाख प्रति प्रभावित प्लॉट।

अवध और रोहिलखंड (लखनऊ, कानपुर, बरेली)

  • लाभार्थी: 70,000+।

  • हाइलाइट: लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे के साथ बिजली लाइनें।

कुल अनुमानित लाभार्थी: 1.5 लाख किसान परिवार। छोटे किसानों (2 एकड़ तक) को प्राथमिकता मिलेगी।

सीएम योगी बिजली लाइन मुआवजा की गणना कैसे होगी? स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

मुआवजा जमीन के सर्किल रेट पर आधारित है। उदाहरण लें:

  1. जमीन मूल्यांकन: तहसीलदार द्वारा सर्वे।

  2. टावर क्षेत्र (0.5 एकड़): सर्किल रेट ₹10 लाख/एकड़ = 200% = ₹20 लाख।

  3. कॉरिडोर (30 मीटर चौड़ा): कुल प्रभावित क्षेत्र x 30% = अतिरिक्त ₹3 लाख।

  4. कुल पेमेंट: ₹23 लाख + ब्याज।

ऑनलाइन कैलकुलेटर: यूपी बिजली मुआवजा पोर्टल पर उपलब्ध। दस्तावेज:

  • भूलेख रिकॉर्ड

  • आधार कार्ड

  • बैंक पासबुक

आवेदन प्रक्रिया (5 स्टेप्स):

  1. नजदीकी तहसील जाएं या upbijlimuawaja.up.gov.in पर लॉगिन।

  2. फॉर्म भरें और सर्वे रिपोर्ट अपलोड।

  3. वेरिफिकेशन (7 दिन)।

  4. स्वीकृति पत्र।

  5. DBT से भुगतान (30 दिन)।

सरकार की अन्य किसान योजनाओं से तुलना: क्यों है यह खास?

यूपी सरकार ने किसानों के लिए कई स्कीम चलाई हैं। तुलना तालिका:

योजना लाभ (प्रति एकड़) कवरेज
नया बिजली मुआवजा 200% + 30% हाईटेंशन लाइन
पीएम किसान (₹6000/वर्ष) ₹6000 सभी किसान
यूपी किसान सम्मान निधि ₹12000/वर्ष छोटे किसान
फसल बीमा नुकसान भरपाई मौसम संबंधी

यह योजना इंफ्रास्ट्रक्चर प्रभावित किसानों पर फोकस्ड है, जो अन्य स्कीम्स से अलग है।

किसानों की प्रतिक्रिया और विशेषज्ञ विश्लेषण

भाकपा किसान सभा के नेता सूरज सिंह बोले, “योगी जी का फैसला स्वागतयोग्य है। इससे किसान आंदोलन शांत होगा।” वहीं, आरएसएस से जुड़े किसान संगठन ने इसे ‘किसान हितैषी मॉडल’ कहा।

विशेषज्ञ ओपिनियन:

  • अर्थशास्त्री डॉ. राकेश सिंह: “यह GDP ग्रोथ को 2% बूस्ट देगा।”

  • बिजली विशेषज्ञ प्रो. अनिल मिश्रा: “लाइन बिछाने में देरी रुकेगी।”

चुनौतियां: कुछ क्षेत्रों में सर्वे में देरी हो सकती है, लेकिन सरकार ने हेल्पलाइन 1800-XXX-XXXX शुरू की।

यूपी बिजली मुआवजा योजना से राज्य का भविष्य: आंकड़े और प्रोजेक्शन

2026 तक लक्ष्य: 10,000 किमी नई लाइनें। निवेश: ₹50,000 करोड़। रोजगार: 5 लाख जॉब्स।

2025-26 बजट में प्रावधान: ₹2000 करोड़ मुआवजे के लिए। सफलता स्टोरी: मध्य प्रदेश मॉडल से प्रेरित, जहां 150% मुआवजा दिया गया।

FAQ: हाईटेंशन लाइन प्रभावित किसान के सवालों के जवाब

1. कब से लागू होगा 200% मुआवजा?

तुरंत, 5 मई 2026 से।

2. पुराने केसों पर क्या होगा?

रिव्यू होकर दोगुना मुआवजा।

3. आवेदन कहां करें?

upbijlimuawaja.up.gov.in या तहसील।

4. क्या SC/ST किसानों को अतिरिक्त लाभ?

हां, प्राथमिकता और 10% बोनस।

5. शिकायत कैसे करें?

हेल्पलाइन या CM हेल्पलाइन 1076।

 किसान पहले, विकास बाद में

सीएम योगी का यह फैसला यूपी किसान मुआवजा को नई ऊंचाई देगा। हाईटेंशन लाइन प्रभावित किसान अब चिंता मुक्त होकर खेती करेंगे। सरकार का संदेश साफ – विकास के नाम पर किसान का शोषण नहीं। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल चेक करें।

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