अमेरिका ने पाकिस्तान को नई AMRAAM मिसाइलें देने से किया इनकार, दूतावास ने जारी किया स्पष्टीकरण

अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि वह पाकिस्तान को नई Advanced Medium-Range Air-to-Air Missiles (AMRAAM) मिसाइलें नहीं देगा। अमेरिकी दूतावास ने मीडिया रिपोर्ट्स को “गलत” बताया है जिनमें कहा गया था कि अमेरिका ने पाकिस्तान को नई AMRAAM मिसाइलें देने की मंजूरी दी है। असल में, जो हाल ही में अमेरिकी रक्षा विभाग का कांट्रैक्ट संशोधन हुआ है, वह केवल पाकिस्तान समेत कई देशों के मौजूदा एमआरएएएम मिसाइलों के रखरखाव और स्पेयर पार्ट्स के लिए है, न कि नई मिसाइलों की डिलीवरी के लिए।

इसमें यह भी कहा गया कि इस संशोधन से पाकिस्तान की वर्तमान क्षमताओं में कोई वृद्धि या नया अपग्रेड नहीं होगा। यह सिर्फ पुराने हथियार प्रणालियों के लिए सपोर्ट है। इस घोषणा का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि हाल ही में भारत-पाकिस्तान के बीच वायु युद्ध के दौर में अफवाहें थीं कि अमेरिका पाकिस्तान की फाइटर जेट और मिसाइल क्षमताओं को बढ़ा रहा है। यह स्पष्ट करता है कि अमेरिका क्षेत्रीय सैन्य संतुलन बनाए रखने के प्रति सतर्क है।
इसलिए, अमेरिका ने पाकिस्तान को AMRAAM मिसाइल सिस्टम में कोई नया अपग्रेड या नए मिसाइल देने से इनकार किया है, केवल मौजूदा हथियार प्रणालियों के रखरखाव तक ही अपनी सहायता सीमित रखी है। यह खबर भारत और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है.
AMRAAM मिसाइल का तकनीकी परिचय इस प्रकार है:
AIM-120 AMRAAM (Advanced Medium-Range Air-to-Air Missile) एक अमेरिकी निर्मित मध्यम दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल है। यह मिसाइल सभी मौसमों में दिन-रात काम कर सकती है और उच्च सटीकता के साथ लक्ष्य को दूर से निशाना बना सकती है। इसकी रडार-मार्गदर्शन प्रणाली सक्रिय रडार गाइडेंस का उपयोग करती है, जिसे मिसाइल लॉन्च होने के बाद खुद सक्रिय रूप से लक्ष्य की ट्रैकिंग और ट्रेसिंग में सक्षम होता है। इसे “फायर एंड फॉरगेट” टेक्नोलॉजी वाली मिसाइल कहा जाता है, जिसका मतलब है कि पायलट मिसाइल छोड़ने के बाद अपने मिशन पर ध्यान केंद्रित कर सकता है।
इस मिसाइल का वजन लगभग 154 किलोग्राम है और यह सॉलिड फ्यूल रॉकेट मोटर से संचालित होती है, जिसकी गति लगभग 4900 किलोमीटर प्रति घंटे तक होती है। इसकी मारक रेंज वेरिएंट के अनुसार 50 से 160 किलोमीटर तक हो सकती है। AIM-120D वेरिएंट 160 किलोमीटर तक का मारक दायरा रखती है। यह मिसाइल लो-ऑल्टीट्यूड यानी निचले स्तर पर उड़ने वाले दुश्मन विमानों तक को भी निशाना बना सकती है और इसमें GPS-सहायता और जैमिंग प्रतिरोधी प्रणाली होती है।
AMRAAM मिसाइल मल्टी-टारगेटिंग में सक्षम है, जो एक साथ कई लक्ष्यों पर हमले को संभव बनाती है। यह मिसाइल अमेरिकी वायुसेना के साथ-साथ कई अन्य देशों की सेनाओं द्वारा उपयोग में ली जाती है और यह लगभग 30 वर्षों से विश्व में सबसे प्रभावी और भरोसेमंद एयर-टू-एयर मिसाइल प्रणाली मानी जाती है। इसका हिट रेट 90% से अधिक है, जिससे यह हवाई लड़ाई में अत्यंत प्रभावशाली हथियार है।
पाकिस्तानी वायुसेना इसे अपने F-16 जेट विमानों पर उपयोग करती है, और नई डिलीवरी में AIM-120 के अपडेटेड वेरिएंट्स शामिल होंगे, जो उनकी हवाई क्षमता को बढ़ाएंगे।
संक्षेप में, AIM-120 AMRAAM एक अत्याधुनिक, प्रभावी, और भरोसेमंद एयर-डिफेंस मिसाइल प्रणाली है, जिसका डिजाइन लंबी दूरी से हवाई लक्ष्य को मार गिराने के लिए किया गया है।

