कार्तिक, अनन्या की ‘तू मेरी, मैं तेरा…’ क्यों नहीं बन पाई यादगार रोमांटिक फिल्म

कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे स्टारर फिल्म ‘तू मेरी, मैं तेरा, मैं तेरा, तू मेरी’ 2025 की मॉडर्न हुक-अप संस्कृति को 90 के दशक की पारंपरिक बॉलीवुड रोमांस से जोड़ने की कोशिश करती है। लेकिन यह कोशिश दर्शकों को बांधने के बजाय उन्हें उलझा देती है।

कहानी क्या कहती है?
फिल्म की कहानी रेहान (कार्तिक आर्यन) और रूमी (अनन्या पांडे) के इर्द-गिर्द घूमती है। रेहान अमेरिका में रहने वाला वेडिंग प्लानर है, जबकि रूमी आगरा की रहने वाली रोमांस नॉवेल लिखने वाली लड़की है। दोनों की मुलाकात क्रोएशिया में होती है, जहां एक छुट्टी धीरे-धीरे प्रेम कहानी में बदल जाती है।
यह प्रेम कहानी उतनी मासूम नहीं लगती, जितनी दिखाई जाती है। रेहान का जरूरत से ज्यादा पीछा करना और रूमी का कमजोर विरोध कहानी को असहज बना देता है। शादी तक बात पहुंचती है, लेकिन रूमी अपने पिता को छोड़कर अमेरिका जाने से इनकार कर देती है।
निर्देशन और लेखन
निर्देशक समीर विद्वांस और लेखक करण श्रीकांत शर्मा की यह फिल्म कई बार ऐसा महसूस कराती है जैसे यह DDLJ से जरूरत से ज्यादा प्रभावित हो। फिल्म का बड़ा हिस्सा क्रोएशिया की खूबसूरत लोकेशन्स और शादी के लंबे सीक्वेंस में चला जाता है, जबकि कहानी वहीं की वहीं ठहरी रहती है।
145 मिनट की यह फिल्म कई बार बेवजह खिंची हुई लगती है और संवादों में ज़रूरत से ज्यादा Gen-Z स्लैंग ठूंसा गया है, जो प्रभाव छोड़ने के बजाय खटकता है।
अभिनय कैसा है?
कार्तिक आर्यन एक बार फिर वही आत्ममुग्ध, तेज आवाज़ में संवाद बोलने वाले किरदार में नजर आते हैं, जिसमें वे खुद को सहज महसूस करते हैं। लेकिन इस बार उनका किरदार ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ता।
अनन्या पांडे की रूमी एक मजबूत लेखिका और संवेदनशील बेटी हो सकती थी, लेकिन पटकथा उन्हें कमजोर बनाकर पेश करती है।
नीना गुप्ता और जैकी श्रॉफ जैसे अनुभवी कलाकार होने के बावजूद कहानी उन्हें भी पूरा न्याय नहीं दे पाती।
अंतिम फैसला
‘तू मेरी, मैं तेरा…’ एक ऐसी फिल्म है जो बहुत कुछ कहना चाहती है, लेकिन साफ-साफ कुछ भी नहीं कह पाती। रोमांस, परिवार और व्यक्तिगत आज़ादी के बीच संतुलन दिखाने की कोशिश सराहनीय है, लेकिन कमजोर लेखन और लंबाई फिल्म को बोझिल बना देती है।
अगर आप हल्की-फुल्की, बिना दिमाग लगाए देखी जाने वाली फिल्म चाहते हैं, तो एक बार देख सकते हैं। लेकिन दमदार प्रेम कहानी की उम्मीद लेकर न जाएं।

