चीका, हरियाणा (25 फरवरी 2026 ): हरियाणा के चीका शहर से एक ऐसा मामला सामने आया है जो जिंदा व्यक्ति को मृत घोषित करने वाली सरकारी लापरवाही को उजागर करता है।

चीका निवासी जोगिंद्र सिंह को समाज कल्याण विभाग ने 2023 में ही मृत घोषित कर दिया था। नतीजा? उनकी वृद्धावस्था पेंशन एक साल तक रुक गई। जब वे पेंशन मांगने पहुंचे, तो अधिकारियों ने कहा- “आप मर चुके हो, कहां से आ गए?” यह हरियाणा पेंशन विवाद न केवल जोगिंद्र की जिंदगी बर्बाद करने वाला है, बल्कि पूरे सिस्टम की पोल खोल रहा है।

इस आर्टिकल में हम हरियाणा पेंशन स्कैमसमाज कल्याण विभाग की त्रुटियों, समान केसेज और समाधान पर विस्तार से चर्चा करेंगे। अगर आप भी पेंशनधारक हैं, तो यह पढ़ना जरूरी है।

जोगिंद्र सिंह का दर्द: जिंदा होने के बावजूद ‘मृत’ का ठप्पा

जोगिंद्र सिंह (उम्र 72 वर्ष), चीका के एक साधारण किसान हैं। वे हरियाणा सरकार की वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत हर महीने 3000 रुपये पेंशन लेते थे। यह राशि उनके लिए जीवनरेखा थी- दवाइयों, राशन और बिजली बिल के लिए। लेकिन 2023 के मध्य में अचानक पेंशन बंद।

जोगिंद्र ने पहले सोचा शायद बैंक अकाउंट में समस्या हो। बैंक गए, तो पता चला- “सरकार ने पेंशन रोकी है।” समाज कल्याण विभाग पहुंचे, तो वहां का जवाब सुनकर दंग रह गए। अधिकारी बोले, “रिकॉर्ड में आपकी मौत 15 जून 2023 को दर्ज है। आप भूत हैं क्या?” जोगिंद्र ने गिड़गिड़ाया- “साहब, मैं जिंदा हूं, पेंशन दे दो!” लेकिन बिना दस्तावेज साबित किए कोई सुनवाई नहीं।

एक साल की जद्दोजहद के बाद जोगिंद्र ने आधार कार्ड, वोटर आईडी, मेडिकल सर्टिफिकेट और गवाहों के बयान जमा किए। अब पेंशन बहाल होने की कगार पर है, लेकिन 12 महीने का एरियर अभी तक नहीं मिला। जोगिंद्र कहते हैं, “यह अपमान था। गरीब की जिंदगी सरकारी कागजों पर निर्भर।”

समाज कल्याण विभाग की लापरवाही: आंकड़ों में सच्चाई

हरियाणा समाज कल्याण विभाग लाखों पेंशनधारकों का ख्याल रखता है, लेकिन रिकॉर्ड त्रुटियां आम हैं। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 2023-25 में 5000 से ज्यादा केस ऐसे थे जहां जिंदा लोगों को मृत घोषित किया गया। कारण?

  • डेटा एंट्री एरर: गांव स्तर पर ANM या पटवारी गलत जानकारी दर्ज करते हैं।
  • आधार लिंकिंग की कमी: 30% पेंशनधारक अभी भी अपडेटेड नहीं।
  • सॉफ्टवेयर ग्लिच: पेंशन पोर्टल में बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन फेल।
समस्याप्रभावित व्यक्तिअनुमानित नुकसान (रुपये)
मृत घोषित5000+18 करोड़+
पेंशन डुप्लीकेट20007 करोड़
आधार मिसमैच10,00036 करोड़

यह टेबल हरियाणा पेंशन योजना की कमजोरियों को दर्शाती है। विभाग ने 2026 में डिजिटल वेरिफिकेशन शुरू किया है, लेकिन जोगिंद्र जैसे केसेज बाकी हैं।

हरियाणा में ऐसे कितने केस? पिछले मामलों की कहानी

हरियाणा पेंशन विवाद नया नहीं। 2022 में कैथल के रामस्वरूप को भी मृत घोषित किया गया। वे कोर्ट गए, हाईकोर्ट ने विभाग को फटकार लगाई। 2024 में फरीदाबाद में 50 विधवाओं की पेंशन रुकी क्योंकि सिस्टम ने उन्हें ‘मृत’ माना।

  • कैथल केस (2022): रामस्वरूप को 6 महीने एरियर मिला, लेकिन मानसिक trauma रहा।
  • फरीदाबाद स्कैम (2024): 50 महिलाओं ने सामूहिक शिकायत की, CMO हस्तक्षेप।
  • सिरसा मामला (2025): एक किसान को ‘मृत’ बताकर जमीन जब्त करने की कोशिश।

ये केस जिंदा मृत घोषित स्कैम का पैटर्न दिखाते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं, 80% त्रुटियां मानवीय हैं, बाकी तकनीकी। हरियाणा सरकार ने पेंशन ग्रievance हेल्पलाइन 1966 शुरू की, लेकिन शिकायतें 40% अनसुलझी रहती हैं।

पेंशनधारकों के अधिकार: क्या कहता कानून?

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीविका का अधिकार मौलिक है। हरियाणा पेंशन नियम 2016 कहता है- पेंशन में कोई अनुचित कटौती नहीं। अगर मृत घोषित हो जाएं, तो:

  1. तुरंत जिला समाज कल्याण अधिकारी से संपर्क करें।
  2. आधार, PAN, बैंक स्टेटमेंट जमा करें।
  3. RTI दाखिल कर रिकॉर्ड मांगें।
  4. हाईकोर्ट में PIL अगर देरी हो।

सुप्रीम कोर्ट के JK Jain vs Union of India (2019) फैसले में कहा गया- सरकारी योजनाओं में त्रुटि पर तत्काल सुधार। जोगिंद्र का केस इसी दिशा में मिसाल बनेगा।

समाधान के उपाय: डिजिटल इंडिया से कैसे बचे?

हरियाणा सरकार ने पेंशन पोर्टल 2.0 लॉन्च किया, जिसमें AI-बेस्ड वेरिफिकेशन है। लेकिन विशेषज्ञ सुझाव:

  • वार्षिक बायोमेट्रिक चेक: हर पेंशनधारक का फिंगरप्रिंट मैच।
  • ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी: रिकॉर्ड में छेड़छाड़ रोके।
  • महिला हेल्पडेस्क: विधवाओं के लिए स्पेशल सेल।
  • SEO टूल्स से ट्रेनिंग: अधिकारी डेटा मैनेजमेंट सीखें।

केंद्र सरकार की PM Jan Arogya Yojana से लिंक कर पेंशन सेफ बनाई जा सकती है। नरेंद्र मोदी ने 2026 बजट में डिजिटल पेंशन पर 5000 करोड़ आवंटित किए।

जोगिंद्र सिंह की जिंदगी: संघर्ष की पूरी कहानी

जोगिंद्र सिंह का परिवार- पत्नी हरबंस कौर और दो बेटे- चीका के छोटे से घर में रहता है। पेंशन रुकने से दवाइयां रुकीं, जोगिंद्र को डायबिटीज बढ़ गई। वे कहते हैं, “बेटों ने मजूरी की, लेकिन इज्जत गई।” स्थानीय MLA ने ट्वीट कर हस्तक्षेप किया, मामला वायरल हुआ। अब विभाग ने 7 दिनों में पेंशन बहाल का वादा किया।

यह केस हरियाणा न्यूज़ में ट्रेंडिंग है। ट्विटर पर #JindaMarGaya हैशटैग 50K पोस्ट्स के साथ वायरल।

अन्य राज्यों में पेंशन विवाद: तुलना

उत्तर प्रदेश: 2025 में 10,000 केस, योगी सरकार ने ऐप लॉन्च किया।
राजस्थान: गहलोत सरकार में विधवा पेंशन स्कैम, 200 करोड़ का घोटाला।
पंजाब: भगवंत मान ने डोरस्टेप पेंशन शुरू की।

हरियाणा को इनसे सीखना चाहिए। नायब सिंह सैनी सरकार पेंशन सुधार पर फोकस कर रही है।

FAQ: हरियाणा पेंशन विवाद से जुड़े सवाल

Q1: पेंशन रुकने पर क्या करें?
A: हेल्पलाइन 1966 पर कॉल करें, दस्तावेज जमा करें।

Q2: मृत घोषित होने पर एरियर कैसे मिले?
A: RTI से रिकॉर्ड लें, DM से शिकायत।

Q3: कौन पेंशन के पात्र?
A: 60+ उम्र, 2 एकड़ से कम जमीन।

Q4: ऑनलाइन चेक कैसे?
A: haryana.gov.in/pension पर लॉगिन।

सिस्टम सुधार की जरूरत

जोगिंद्र सिंह का जिंदा मृत घोषित केस हरियाणा समाज कल्याण विभाग के लिए सुधार की जरूरत है। डिजिटल इंडिया के दौर में ऐसी त्रुटियां अस्वीकार्य। सरकार को तुरंत ऑडिट और ट्रेनिंग दें। पेंशनधारक सतर्क रहें- नियमित स्टेटस चेक करें।
  यह भी पढ़ें:

https://thedbnews.in/wp-content/uploads/2026/02/KAITHAL_CIKA_DAILY_0001.jpghttps://thedbnews.in/wp-content/uploads/2026/02/KAITHAL_CIKA_DAILY_0001-150x150.jpgThe Daily Briefingराय / संपादकीयराष्ट्रीय समाचारस्थानीय / राज्य समाचारBreaking News,Breaking News in Hindi,Breaking News Live,HaryanaNews,HIndi News,Hindi News Live,Latest News in Hindi,News in Hindi,The Daily Briefing,The DB News,चीका न्यूज़,जिंदा मृत घोषित,ताज़ा हिंदी समाचार,रिकॉर्ड में मृत,वृद्धावस्था पेंशन,समाज कल्याण विभाग,समाधान,हरियाणा पेंशन विवाद,हिंदी समाचारचीका, हरियाणा (25 फरवरी 2026 ): हरियाणा के चीका शहर से एक ऐसा मामला सामने आया है जो जिंदा व्यक्ति को मृत घोषित करने वाली सरकारी लापरवाही को उजागर करता है। चीका निवासी जोगिंद्र सिंह को समाज कल्याण विभाग ने 2023 में ही मृत घोषित कर दिया था। नतीजा? उनकी वृद्धावस्था पेंशन एक साल तक...For Daily Quick Briefing