दिल्ली तुर्कमान गेट बुलडोजर एक्शन: मस्जिद के पास रातभर चली कार्रवाई, तस्वीरों में देखें अब हालात | MCD अतिक्रमण हटाओ

दिल्ली के पुराने शहर तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास 6-7 जनवरी 2026 की रातभर चले बुलडोजर एक्शन ने पूरे देश का ध्यान खींच लिया। MCD ने हाईकोर्ट के सख्त आदेश पर अवैध अतिक्रमण हटाए, लेकिन कार्रवाई के दौरान हिंसा भड़क गई। पथराव में 5 पुलिसकर्मी घायल हुए और इलाका छावनी में तब्दील हो गया।

इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा किया, बल्कि राजनीतिक बहस भी छेड़ दी। अब सवाल उठ रहा है कि क्या यह अतिक्रमण हटाओ अभियान था या धार्मिक संवेदनशीलता को नजरअंदाज करने वाली कार्रवाई? आइए, तस्वीरों और ग्राउंड रिपोर्ट्स के साथ पूरी जानकारी समझें।
तुर्कमान गेट का ऐतिहासिक महत्व: मस्जिद और इलाके का इतिहास
तुर्कमान गेट दिल्ली के वॉल सिटी का हिस्सा है, जो मुगल काल से बसा हुआ है। फैज-ए-इलाही मस्जिद सदियों पुरानी है और आसपास अवैध निर्माण बढ़ते गए। MCD का दावा है कि बारात घर, दुकानें और डायग्नोस्टिक सेंटर सरकारी जमीन पर कब्जा करके बने थे।
- इलाके में 4000 वर्ग मीटर से ज्यादा अतिक्रमण था।
- हाईकोर्ट ने दिसंबर 2025 में ही आदेश दिया था कि 7 जनवरी तक साफ-सफाई हो।
- स्थानीय लोग दावा करते हैं कि ये ढांचे दशकों पुराने हैं और बिना नोटिस हटाए गए।
यह इलाका चांदनी चौक के करीब है, जहां घनी आबादी और पुरानी इमारतें हैं। ऐतिहासिक रूप से तुर्कमान गेट 14 द्वारों वाला शहर का प्रवेश द्वार था।
बुलडोजर एक्शन की टाइमलाइन: आधी रात से सुबह तक
कार्रवाई 6 जनवरी रात 1 बजे शुरू हुई। 32-35 बुलडोजर, 200 ट्रक और भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
- रात 1:00 बजे: बुलडोजर चालू, बारात घर ढहाया गया।
- रात 2:30 बजे: पथराव शुरू, पुलिस पर हमला।
- सुबह 5:00 बजे: आंसू गैस छोड़ी गई, 6 लोग हिरासत में।
- सुबह 8:00 बजे: मलबा साफ करने का काम तेज।
कुल 36,000 वर्ग फुट क्षेत्र साफ हुआ। मस्जिद को स्पर्श नहीं किया गया, केवल आसपास के 100 मीटर में निर्माण हटाए। MCD ने कहा कि यह DDA की जमीन थी।

हिंसा का दौर: पथराव, आंसू गैस और घायल पुलिसकर्मी
जब बुलडोजर चले, तो सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए। पत्थर, ईंटें और जूतों से पुलिस पर हमला हुआ। 5 जवान घायल हुए, जिनमें 2 को अस्पताल ले जाना पड़ा।
- पुलिस ने 4 राउंड आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
- CCTV और ड्रोन से पथराव करने वालों की पहचान हो रही।
- FIR दर्ज, रेखा गुप्ता सरकार ने सख्त कार्रवाई का ऐलान किया।
स्थानीय चश्मदीदों ने बताया कि रात में अफरा-तफरी मच गई। महिलाएं और बच्चे सड़कों पर थे।
अब साइट पर हालात: साफ हो रहा मलबा, भारी सुरक्षा
7 जनवरी सुबह तक मलबा साफ हो चुका। इलाका शांत है लेकिन पुलिस की भारी तैनाती बरकरार। ड्रोन और बॉडी कैमरा से निगरानी। मस्जिद के पास अब खाली प्लॉट दिख रहा।
ग्राउंड रिपोर्ट्स में दिखा:
- मलबे के ढेर साफ, ट्रक भर-भरकर ले जा रहे।
- स्थानीय दुकानें बंद, तनाव कम लेकिन सतर्कता बरकरार।
- MCD का कहना है कि आगे पार्क या सड़क बनेगी।
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तस्वीरों और वीडियो में देखें: तब और अब
वीडियो फुटेज से साफ दिखा कि रात में बुलडोजर की गड़गड़ाहट से इलाका थर्रा गया। अब सुबह की तस्वीरें खाली जमीन दिखा रही।
- तब: बुलडोजर पर पत्थरबाजी, धुआं और चीखें।
- अब: साफ सतह, पुलिस चौकी और शांति।
YouTube और Instagram पर ग्राउंड रिपोर्ट्स वायरल हैं, जहां साफ दिख रहा कि कार्रवाई मस्जिद से दूर रही।
राजनीतिक रंग: विपक्ष का हमला, BJP का बचाव
कांग्रेस और AAP ने कार्रवाई को गलत बताया। केजरीवाल ने ट्वीट किया कि आधी रात का ऑपरेशन संवेदनशील नहीं। BJP ने कहा कि अवैध निर्माण तोड़े बिना दिल्ली साफ नहीं होगी।
यह घटना बुलडोजर राजनीति की याद दिलाती है, जो UP से शुरू हुई।
प्रभावित लोगों की कहानी: क्या खोया, क्या बचा
बारात घर चलाने वाले अबीर ने बताया कि उनका रोजगार छिन गया। डायग्नोस्टिक सेंटर मालिक का कहना है कि मरीजों का डेटा बर्बाद। लेकिन MCD का कहना है कि वैकल्पिक जगह दी जाएगी।
स्थानीय मुस्लिम समुदाय ने कहा कि मस्जिद सुरक्षित है, लेकिन नोटिस की कमी पर सवाल। 100 से ज्यादा परिवार प्रभावित।
आगे क्या? कानूनी लड़ाई और विकास योजनाएं
हाईकोर्ट में सुनवाई जारी। प्रभावित लोग हाईकोर्ट जा सकते हैं। MCD प्लान कर रही पार्क या सड़क बनाने का। दिल्ली में और अतिक्रमण हटाओ ड्राइव की तैयारी।
यह घटना शहरी नियोजन पर सवाल उठाती है। अवैध निर्माण रोकने के लिए लंबे समाधान चाहिए। कुल मिलाकर, तुर्कमान गेट अब नई शुरुआत की ओर बढ़ रहा।
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