दिग्विजय सिंह के ‘स्लीपर सेल’ बयान से कांग्रेस में हड़कंप, राहुल‑सोनिया ने दी प्रतिक्रिया

कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की हालिया बैठक में वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के एक बयान ने माहौल को अचानक गर्मा दिया। बैठक के बीच दिग्विजय सिंह ने कहा – “पार्टी में कई ऐसे स्लीपर सेल एक्टिव हैं जो कांग्रेस को भीतर से कमजोर करने का काम कर रहे हैं।”

उनकी इस टिप्पणी ने संगठन के भीतर असंतोष और अविश्वास की चर्चा को एक बार फिर हवा दे दी। बैठक में मौजूद कई नेता इस तरह के बयान से हैरान रह गए।
वरिष्ठ नेताओं ने जताई नाराज़गी
सूत्रों के अनुसार, कुछ वरिष्ठ नेताओं ने दिग्विजय के बयान को “अनुशासनहीन” बताया और कहा कि ऐसे वक्त में जब पार्टी को एकजुटता दिखाने की जरूरत है, तब इस तरह के बयान से नुकसान हो सकता है। हालांकि, कुछ नेताओं ने यह भी माना कि उनका बयान पार्टी के भीतर सुधार और अनुशासन बहाली की ओर इशारा करता है।
राहुल गांधी बोले – “आलोचना ठीक, लेकिन मंच सही होना चाहिए”
जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी ने इस मसले पर सभी नेताओं से आपसी मतभेदों को सार्वजनिक मंचों पर लाने से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस इस समय आत्ममंथन के दौर से गुजर रही है, और ऐसे में हमें एकजुट रहकर आगे बढ़ना होगा।”
राहुल ने यह भी स्पष्ट किया कि संगठन में अनुशासन और पारदर्शिता दोनों ही जरूरी हैं, और पार्टी के भीतर सुझावों का स्वागत है, परंतु सही मंच और तरीके से।
सोनिया गांधी ने जताई चिंता, कहा – “हमारा असली दुश्मन बाहरी है, अंदरूनी नहीं”
बैठक में मौजूद सोनिया गांधी ने भी स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को फिलहाल बाहरी चुनौतियों से जूझना है — चाहे वो केंद्र सरकार की नीतियां हों या राज्यों में गठबंधनों की स्थिति। ऐसे में पार्टी के भीतर आरोप-प्रत्यारोप से संगठन कमजोर होगा।
सोनिया ने सभी से संयमित रवैया अपनाने और संगठन की मजबूती को प्राथमिकता देने की बात कही।
पार्टी के अंदर चल रही खींचतान का यह पहला संकेत नहीं
दिग्विजय सिंह का ‘स्लीपर सेल’ वाला बयान कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान का नया अध्याय माना जा रहा है। इससे पहले भी कई मौकों पर मध्य प्रदेश और राजस्थान इकाइयों में गुटबाजी के आरोप लगते रहे हैं। खासकर चुनावी हार के बाद, कांग्रेस नेताओं के बीच जवाबदेही और जिम्मेदारी पर टकराव देखा गया है।
भाजपा ने साधा निशाना, कहा – “कांग्रेस खुद से लड़ रही है”
दिग्विजय सिंह के बयान के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि यदि पार्टी खुद के भीतर ‘स्लीपर सेल’ तलाश रही है, तो देश के लोगों का उस पर भरोसा कैसे रहेगा। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस अपनी हार का कारण दूसरों में नहीं, बल्कि अपनी आपसी खींचतान में तलाश रही है।
सोशल मीडिया पर गरमाई बहस
सोशल मीडिया पर यह बयान तेजी से वायरल हो गया है। ट्विटर (X) पर #DigvijaySingh और #CWCMeeting ट्रेंड करने लगे। कांग्रेस समर्थकों ने दिग्विजय के बयान को “चेतावनी” कहा, जबकि विरोधियों ने इसे “असंतोष की खुली झलक” बताया।
आगे क्या कदम उठाएगी कांग्रेस हाईकमान?
अब सबकी नज़र कांग्रेस हाईकमान के अगले निर्णय पर है। सूत्रों का कहना है कि पार्टी संगठन अनुशासन को लेकर कुछ सख्त दिशा-निर्देश जारी कर सकती है। इसके अलावा संभावना है कि पार्टी नेताओं को मीडिया और सोशल मीडिया पर दिए जाने वाले बयानों के लिए आचार संहिता लागू की जाए।
राजनीतिक विश्लेषकों की राय
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दिग्विजय सिंह का यह बयान आने वाले समय में कांग्रेस की रणनीति और नेतृत्व की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है। एक तरफ ये बयान पार्टी में आत्मचिंतन की ज़रूरत को दिखाता है, तो दूसरी ओर ये बताता है कि शीर्ष नेतृत्व और जमीनी नेताओं के बीच संवाद की कमी अब खुलकर दिखने लगी है।

